आज 29 मार्च को साल का पहला सूर्य ग्रहण लग रहा है. जो दोपहर 2:20 बजे से शाम 6:13 बजे तक रहेगा. उसके बाद रात में शनि का गोचर होगा. शनि देव आज रात 11:01 बजे मीन राशि में गोचर करेंगे. शनि के इस राशि परिवर्तन से 5 राशि के जातकों को सावधान रहने की जरूरत है. शनि के गोचर से 3 राशियों पर साढ़ेसाती का प्रभाव होगा, जबकि 2 राशियों पर ढैय्या शुरू होगी. इस लोगों को कुछ आदतों को छोड़ना होगा, नहीं तो इनको शनिदेव दंडित करेंगे और इससे कोई बचा नहीं सकता है.
शनि गोचर से सावधान रहें ये 5 राशि के जातक
काशी के ज्योतिषाचार्य चक्रपाणि भट्ट का कहना है कि आज रात जैसे ही शनि देव मीन में प्रवेश करेंगे, मीन राशि के लोगों पर साढ़ेसाती का दूसर चरण शुरू हो जाएगा. कुंभ राशि के लोगों पर शनि की साढ़ेसाती का तीसरा और अंतिम चरण शुरू होगा. वहीं मेष राशि के जातकों पर साढ़ेसाती की शुरूआत होगी. उन पर साढ़ेसाती का पहला चरण प्रारंभ होगा. इसके बाद सिंह और धनु राशि के लोगों पर शनि की ढैय्या शुरू होगी.
साढ़ेसाती-ढैय्या में छोड़ दें आदतें, वरना शनिदेव देंगे दंड
कहा जाता है कि शनिदेव न्याय के देवता हैं, इसलिए जो लोग जैसे कर्म करते हैं, उनको वैसे ही फल शनि देव से प्राप्त होते हैं. इस वजह से शनि देव को कर्मफलदाता भी कहा जाता है. आइए जानते हैं कि साढ़ेसाती और ढैय्या में कौन सी आदतें छोड़ देनी चाहिए.
1. झूठ बोलना: असत्य या झूठ बोलना पाप के समान माना गया है. साढ़ेसाती और ढैय्या के समय में इस आदत से तौबा कर लें, नहीं तो शनिदेव की वक्र दृष्टि से आप बच नहीं पाएंगे.
2. दूसरों की निंदा और घृणा करना: यदि आपके दूसरों की निंदा करते हैं, अपना समय दूसरों की चुगली करने में व्यतीत करते हैं तो इस आदत को भी सुधार लें. जो लोग दूसरों से घृणा करते हैं, उसके चाहें जो भी कारण हों, इस आदत को छोड़ दें. ऐसे लोगों से शनिदेव खुश नहीं रहते हैं.
3. असहयोग की भावना: जो लोग गरीब, असहाय और बीमार लोगों की मदद नहीं करते हैं, अपने व्यवहार और बातों से उनको कष्ट पहुंचाते हैं, ऐसे लोगों पर भी शनिदेव नाराज रहते हैं.
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4. चोरी और व्यभिचार: जो लोग दूसरे की वस्तुओं की चोरी करते हैं, व्यभिचार में लिप्त रहते हैं, अपने नैतिक धर्म का पालन नहीं करते हैं, उनको भी शनिदेव के कोप का भागी बनना पड़ता है.
5. जुआ खेलना और तामसिक वस्तुओं का सेवन: यदि आप जुआ, सट्टा आदि खेलते हैं, तामसिक वस्तुओं जैसे शराब, मांस आदि का सेवन करते हैं, तो आपको ये आदतें छोड़ देनी चाहिए, नहीं तो आप पर शनि की कुदृष्टि होगी.
6. अपने बड़ों और छोटों का अपमान: जो लोग अपने से बड़े और बुजुर्ग लोगों का अपमान करते हैं, जो अपने घर के नौकरों और काम करने वाले लोगों से गलत ढंग से पेश आते हैं, कार्य स्थल पर अपने से नीचे के कर्मचारियों से गलत व्यवहार करते हैं, इन सभी लोगों को शनि के कोप का भाजन बनना पड़ता है.