आसनसोल, 29 मार्च 2025: पूर्व रेलवे के आसनसोल मंडल द्वारा राष्ट्रीय आपदा अनुक्रिया बल (NDRF) की द्वितीय बटालियन, हरिंगघाटा की भागीदारी के साथ पूर्ण पैमाने पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह अभ्यास आसनसोल यार्ड स्थित सैटेलाइट साइडिंग में रेलवे बोर्ड के दिशा-निर्देशों के अनुसार किया गया।
आपातकालीन स्थिति का रियल-टाइम अभ्यास
मॉक ड्रिल के तहत, एक आईसीएफ कोच को पटरी से उतारकर दूसरे को उसके ऊपर रखा गया, साथ ही एक कोच में आग भी लगा दी गई, जिससे एक वास्तविक आपदा जैसी स्थिति उत्पन्न की गई। घटना की गंभीरता का आकलन करने के बाद, रेलवे कंट्रोल विभाग द्वारा राज्य प्रशासन, फायर ब्रिगेड, पुलिस और एनडीआरएफ टीम सहित सभी संबंधित एजेंसियों को सूचित किया गया।रेलवे ने आसनसोल, चित्तरंजन, मधुपुर और जसीडीह स्टेशन पर पूछताछ बूथ और सहायता डेस्क की व्यवस्था की। साथ ही, इस घटना की सूचना पूर्व रेलवे मुख्यालय और रेलवे बोर्ड को भी दी गई।
संयुक्त बचाव और राहत कार्य
बचाव और बहाली कार्य के लिए दुर्घटना राहत ट्रेन (ART), दुर्घटना राहत चिकित्सा वैन (ARMV), रेलवे क्रेन और एनडीआरएफ की टीमों को सक्रिय किया गया। यह अभ्यास सुबह 09:50 बजे शुरू हुआ और दोपहर 13:15 बजे तक सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
आपातकालीन तैयारियों की समीक्षा
इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य रेलवे और एनडीआरएफ की आपातकालीन तैयारियों की समीक्षा करना और मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP) का मूल्यांकन करना था। रेलवे के सभी विभागों ने रेलवे बोर्ड के दिशा-निर्देशों के अनुसार इस अभ्यास में सक्रिय रूप से भाग लिया।
इस संपूर्ण ड्रिल का आयोजन आसनसोल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक श्री चेतना नंद सिंह के मार्गदर्शन में संरक्षा शाखा द्वारा किया गया। इस अभ्यास से रेलवे और आपदा प्रबंधन एजेंसियों की आपात स्थितियों से निपटने की क्षमता को और अधिक सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी।