बुधवार को पुलिस कर्मियों ने परीक्षा दी थी।
इंदौर में पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने पढरीनाथ थाने का दौरा किया। इसके बाद टीआई सहित करीब 15 पुलिसकर्मियों को तीन दिन की ट्रेनिंग के लिए डीसीपी ऑफिस में अटैच किया। यहां उनकी एग्जाम कराने पर 50 प्रतिशत अंक आने पर ही थाने पर पोस्टिंग करने की बात कही। बु
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डीसीपी ऋषिकेश मीना के मुताबिक-
पंढरीनाथ टीआई कपिल शर्मा के साथ थाने के करीब 15 लोगों के स्टाफ ने परीक्षा दी थी। जिसमें सभी को 60 से 80 प्रतिशत मार्क्स मिले हैं। इस दौरान सभी पास हुए हैं। जिन्हें वापस थाने पर ड्यूटी के लिए भेजा गया है। अब किसी तरह की लापरवाही होने पर किसी तरह की ट्रेंनिग या ऑफिस में अटैच नहीं किया जाएगा। बल्कि उन्हें सजा दी जाएगी।
एसीपी ने तैयार किया था पेपर एसीपी हेमंत चौहान ने पेपर तैयार किया था। वही कॉपी भी उन्होंने ही चेक की थी। सभी स्टाफ को आने-जाने वाले लोगों से अच्छे व्यवहार किए जाने को लेकर भी बात कही गई है। दरअसल, कमिश्नर ने जब दौरा किया तो बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) की धाराओं के बारे में जानकारी ली, तो थाना प्रभारी सहित कई पुलिसकर्मी धाराओं की जानकारी नहीं दे पाए।
साथ ही थाने का कामकाज भी कुछ गड़बड़ लगा। जिसके चलते पुलिस कमिश्नर ने थाना प्रभारी सहित थाने पर पदस्थ पुलिसकर्मियों को अनूठी सजा से दंडित किया था। सजा के तहत पहले पुलिसकर्मियों को कानून से संबंधित परीक्षा पास करने की बात कही गई।इसके बाद उन्हें वापस थाने पर पदस्थापना दी जाना थी।