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एक क्लिक में खुद से निकालें अपना नामांक, मूलांक और भाग्यांक, छोटे से चेंज से बदलें भाग्य


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Namank, Mulank and Bhagyank kaise nikale: अंकशास्त्र में मूलांक, भाग्यांक और नामांक तीनों का अपना अलग-अलग महत्व है. मूलांक व्यक्ति की प्राकृतिक विशेषताओं को दर्शाता है. भाग्यांक व्यक्ति के जीवन में आने वाले अवस…और पढ़ें

खुद से निकालें अपना नामांक, मूलांक और भाग्यांक

हाइलाइट्स

  • मूलांक व्यक्ति की प्राकृतिक विशेषताओं को दर्शाता है.
  • भाग्यांक जीवन में आने वाले अवसरों और भाग्य को दर्शाता है.
  • नामांक व्यक्ति की प्रसिद्धि और समाज में प्रभाव को दर्शाता है.

Namank, Mulank and Bhagyank: अंक ज्योतिष यानी की न्यूरोलॉजी एक ऐसी विद्या है, जिसके माध्यम से आप जीवन में आ रही परेशानियों को दूर कर सकते हैं. सिंपल भाषा में अगर समझा जाए तो जैसे कि ज्योतिष शास्त्र ग्रह-नक्षत्रों पर आधारित होता है ठीक उसी प्रकार अंक ज्योतिष जन्म तिथि और नाम के अंकों पर निर्भर करता है. अंक ज्योतिष में तीन चीजें बेहद महत्वपूर्ण होती हैं, जिसे हम मूलांक (Mulank), भाग्यांक (Bhagyank) और नामांक (Namank) कहते हैं. होते तो ये तीनों अलग-अलग हैं लेकिन ये व्यक्ति के जीवन को प्रभावित करते हैं. अक्सर लोग इन्हें एक मानने की भूल कर देते हैं, लेकिन ये पूरी तरह अलग होते हैं. आइए एकदम सिंपल भाषा में जानते हैं भोपाल स्थित न्यूमेरोलॉजिस्ट रवि पाराशर से इनका क्या मतलब है और इन्हें कैसे निकाला जाता है.

मूलांक, भाग्यांक और नामांक का महत्व और गणना

मूलांक (Root Number)
मूलांक व्यक्ति की मूल पहचान को दर्शाता है. यह उसकी पर्सनालिटी, स्वभाव, सोचने का तरीका, व्यवहार, शिक्षा, संबंधों को संभालने की समझ, वित्तीय मामलों में अप्रोच, स्वास्थ्य के प्रति सजगता, और जीवन में आने वाली चुनौतियों को संभालने की क्षमता को दर्शाता है. मूलांक व्यक्ति की जन्म तिथि से निकलता है. मूलांक निकालने के लिए जन्म तारीख के अंकों को जोड़कर उसे सिंगल डिजिट में बदला जाता है.

ये भी पढ़ें- Numerology: सास की फेवरेट बहू साबित होती हैं इस मूलांक की लड़कियां! दोनों के बीच देखने को मिलती जबरदस्त बॉन्डिंग

कैसे निकालें?
अगर आपकी जन्म की तारीख 12 है, तो 1+2 = 3 (मूलांक 3)

अगर आपकी जन्म की तारीख 5 है, तो मूलांक 5 ही रहेगा

जन्म की तारीख 29 है, तो 2+9 = 11, फिर 1+1 = 2 (मूलांक 2)

मूलांक 1 से 9 के बीच ही होता है, इसलिए किसी भी संख्या को तब तक जोड़ते रहना होता है जब तक वह सिंगल डिजिट न बन जाए.

भाग्यांक (Destiny Number)
भाग्यांक यह दर्शाता है कि व्यक्ति के जीवन में भाग्य किस तरह कार्य करेगा. यह ग्रहों की ऊर्जा से जुड़ा होता है और यह दिखाता है कि जीवन में कितनी अवसर (Opportunities) मिलेंगी और कितनी बाधाएं आएंगी. भाग्यांक व्यक्ति की पूरी जन्मतिथि (दिन, महीना और साल) से निकाला जाता है. यह व्यक्ति के भाग्य, सफलता और अवसरों को दर्शाता है. प्राप्त संख्या को तब तक जोड़ते रहें जब तक कि वह सिंगल डिजिट न बन जाए.

कैसे निकालें?
अगर किसी की जन्मतिथि 12-04-1991 है, तो –
1+2 + 0+4 + 1+9+9+1 = 27
2+7 = 9 (भाग्यांक 9)

भाग्यांक निकालने का एक और उदाहरण

किसी व्यक्ति का जन्म 29 अगस्त 1998 को हुआ है, तो

2 + 9 + 8 + 1 + 9 + 9 + 8 = 45

4 + 5 = 9

भाग्यांक 9 होगा.

नामांक (Namank) क्या है?
नामांक व्यक्ति के मान-सम्मान, प्रसिद्धि और समाज में छवि को दर्शाता है. यह बताता है कि लोग आपको किस नजरिए से देखते हैं और आपका नाम आपके लिए कितनी सफलता लाएगा. नामांक व्यक्ति के नाम से निकलता है. हर अक्षर का एक अंक होता है, जिसे जोड़कर नामांक निकाला जाता है. नाम का पहला भाग (जिससे लोग पुकारते हैं) सबसे ज्यादा असर डालता है.

उदाहरण
रामकुमार सिंह में राम सबसे प्रभावी रहेगा.

कैसे निकालें?
उदाहरण: ANIL
(A=1, N=5, I=1, L=3)

पहला भाग: 1+5+1+3 = 10
कुल योग: 1+0 = 1
(नामांक 1)

नामांक बदला जा सकता है, जबकि मूलांक और भाग्यांक नहीं बदले जा सकते. कई प्रसिद्ध लोग नाम में बदलाव करके सफलता प्राप्त करते हैं.

नाम के हर अक्षर को अंक में बदलें (Numerology Chart की मदद से)

एक और उदाहरण

नामांक निकालने का उदाहरण

अगर नाम TEENA है, तो

सभी अंकों को जोड़ें: 4 + 5 + 5 + 5 + 1 = 20

2 + 0 = 2 (नामांक)

नामांक चार्ट

मूलांक, भाग्यांक और नामांक का संतुलन क्यों जरूरी है?
अगर मूलांक और भाग्यांक मित्रवत (Friendly) हैं, तो व्यक्ति को अपने लक्ष्य तक पहुंचने में मदद मिलती है और उसे सही अवसर मिलते हैं. अगर मूलांक और भाग्यांक विरोधी (Opposite) हैं, तो सफलता पाने में अधिक कठिनाई होती है. नामांक से व्यक्ति को मान-सम्मान और प्रसिद्धि प्राप्त करने में मदद मिलती है. अगर नामांक, मूलांक और भाग्यांक एक-दूसरे के अनुकूल हैं, तो व्यक्ति को सफलता आसानी से मिलती है.

ये भी पढ़ें- Kainchi Dham: नीम करोली बाबा के आश्रम कैंची धाम से ये चीजें लाना बिल्कुल भी न भूलें, बदल जाएगी किस्मत !

उदाहरण
अगर किसी व्यक्ति का मूलांक 1 (सूर्य) और भाग्यांक 9 (मंगल) या 3 (बृहस्पति) हो, तो उसके सफल होने की संभावना अधिक होगी. अगर किसी का मूलांक 1 (सूर्य) और भाग्यांक 8 (शनि) या 7 (केतु) हो, तो उसे जीवन में अधिक संघर्ष का सामना करना पड़ेगा. इसलिए, नाम, जन्मतिथि और भाग्य के संख्याओं का सही संतुलन बनाना आवश्यक होता है ताकि व्यक्ति को सफलता, सम्मान और भाग्य का सही साथ मिल सके.

मूलांक के अनुसार करियर और सफलता
हर मूलांक का एक स्वामी ग्रह होता है और उसके अनुसार ही करियर और सफलता तय होती है.
सही नाम और करियर का चुनाव करने से व्यक्ति की सफलता की संभावना बढ़ जाती है.

नाम बदलने की जरूरत कब होती है?
अगर किसी व्यक्ति का नामांक, मूलांक और भाग्यांक से मेल नहीं खाता या शत्रु ग्रहों से प्रभावित होता है, तो ज्योतिषी या न्यूमरोलॉजिस्ट नाम में बदलाव की सलाह देते हैं. नाम बदलकर जीवन में सफलता पाना संभव है, क्योंकि नाम भी व्यक्ति के जीवन को प्रभावित करता है.

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अब आप खुद से नामांक, मूलांक और भाग्यांक निकालकर बदलें अपना लक



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