भोपाल में गुरुवार को 36.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
मध्यप्रदेश में अगले 5 दिन तक तेज गर्मी पड़ेगी। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर में पारा 2 से 5 डिग्री तक बढ़ेगा, जबकि जबलपुर, चंबल, नर्मदापुरम, रीवा, शहडोल, सागर संभाग में भी गर्मी बढ़ेगी। इससे पहले गुरुवार को भोपाल समेत प्रदेश के कई जिलों में ओले, बार
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मौसम विभाग के अनुसार, वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) और साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से प्रदेश में पिछले चार दिन से मौसम बदला रहा। कई जिलों में ओले गिरे। आकाशीय बिजली भी गिरी, जबकि बारिश और तेज आंधी चली। यह सिस्टम अब कमजोर पड़ जाएगा। जिससे शुक्रवार को बारिश का अलर्ट नहीं है। कुछ जिलों में बादल जरूर छा सकते हैं।
दूसरी ओर, भोपाल समेत कई शहरों में दिन के पारे में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 8 अप्रैल से एक पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव हो रहा है। जिसका असर प्रदेश में भी देखने को मिलेगा। यानी, एक बार फिर बारिश का दौर शुरू हो जाएगा।
अगले 2 दिन ऐसा रहेगा मौसम
4 अप्रैल: इस दिन मौसम साफ हो जाएगा। जिससे बारिश होने की संभावना नहीं है। 5 अप्रैल : दिन के पारे में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल में गर्मी का असर अधिक रहेगा।

कई जिलों में बारिश का दौर, पारा लुढ़का इससे पहले गुरुवार को भी मौसम का मिजाज बदला रहा। भोपाल, सीहोर, रायसेन, ग्वालियर, सागर, बालाघाट और गुना में बारिश हुई। बालाघाट में सुबह बूंदाबांदी के बाद दोपहर में तेज बारिश हुई। वहीं सीहोर में शाम को रिमझिम बारिश हुई है। भोपाल समेत कई जिलों में बादल छाए हुए हैं। भोपाल में तो कहीं-कहीं बूंदाबांदी भी हुई।
दूसरी ओर, कुछ शहरों में दिन के तापमान में गिरावट हुई। मलाजखंड में पारा 28.8 डिग्री, मंडला में 30.2 डिग्री, उमरिया में 30.7 डिग्री और सिवनी में 30.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 36.4 डिग्री, इंदौर में 37.2 डिग्री, ग्वालियर में 37.6 डिग्री, उज्जैन में 38 डिग्री और जबलपुर में 32.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

गुरुवार को भोपाल में बूंदाबांदी और ग्वालियर में रिमझिम बारिश हुई।
अप्रैल में प्रदेश में 7 से 10 दिन चल सकती है लू मध्यप्रदेश में अप्रैल महीने में मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिलेगा। पहले और दूसरे सप्ताह में हल्की बारिश हो सकती है। वहीं, दूसरे सप्ताह से लू भी चलेगी। सबसे गर्म आखिरी सप्ताह रहेगा। दिन का तापमान 45 डिग्री पार हो सकता है। ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा, इंदौर, उज्जैन और भोपाल में लू भी चल सकती है। मौसम केंद्र भोपाल के वैज्ञानिक निदेशक डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने बताया, इस बार तापमान के सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। वहीं, प्रदेश में अप्रैल महीने में 7 से 10 दिन तक हीट वेव यानी, लू का असर देखने को मिल सकता है।
ऐसे रहेंगे 4 सप्ताह पहला सप्ताह: रात के तापमान सभी संभागों में सामान्य से 2-3 डिग्री अधिक (21-24 डिग्री) रहेंगे। वहीं, दिन में पश्चिमी गर्म हवाओं के कारण अधिकतम तापमान इंदौर, सागर और नर्मदापुरम संभागों में सामान्य से अधिक (39-42 डिग्री) तक रह सकते हैं। उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर सहित शेष संभागों में यह सामान्य 38 से 41 डिग्री के बीच रहेंगे। लगभग सभी हिस्से में हल्की बारिश होने की संभावना है। पहले सप्ताह में लू नहीं चलेगी। दूसरा सप्ताह: इंदौर, उज्जैन और चंबल संभाग में रात का तापमान सामान्य से 2-3 डिग्री अधिक यानी, 23 से 26 डिग्री के बीच रहेंगे। वहीं, पूर्वी नम हवाओं के कारण थोड़ी राहत के साथ भोपाल, जबलपुर, सागर, रीवा, शहडोल, ग्वालियर और नर्मदापुरम संभाग में तापमान सामान्य (22-24 डिग्री) रहेगा।
इंदौर, ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा और शहडोल संभाग में तापमान सामान्य से थोड़े अधिक (41-43 डिग्री) रहेंगे। वहीं, 2 से 3 दिन लू भी चल सकती है। भोपाल, नर्मदापुरम, उज्जैन और जबलपुर संभाग में सामान्य (39-42 डिग्री) रहेंगे। इस दौरान बारिश होने की संभावना तो नहीं है, लेकिन वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से दक्षिणी हिस्से में बादल जरूर छा सकते हैं।
तीसरा सप्ताह: उत्तर-पश्चिमी हवाओं के जोर पकड़ने के साथ इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा, नर्मदापुरम संभागों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 3-4 डिग्री अधिक (25-27 डिग्री) रहेंगे। शेष सभी संभाग में सामान्य से थोड़े अधिक (23-25 डिग्री) रहेंगे। वहीं, पूरे प्रदेश में दिन में अधिकतम तापमान तेजी से बढ़ते हुए समान्य से 2-4 डिग्री अधिक (42-44 डिग्री) रहेंगे। 2 से 3 दिन लू चल सकती है। हल्की बारिश होने की संभावना है।
चौथा सप्ताह: उत्तर-पश्चिमी हवाओं के लगातार जोर पकड़ने के साथ न्यूनतम तापमान पूरे प्रदेश में सामान्य से 3-4 डिग्री अधिक (27-30 डिग्री) तक रहेंगे। यानी, दिन के साथ रातें भी गर्म हो जाएंगी। वहीं, पूरे प्रदेश में दिन में अधिकतम तापमान और अधिक बढ़ते हुए ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग में 43-45 डिग्री, जबकि इंदौर, उज्जैन-भोपाल सहित शेष प्रदेश में सामान्य से 2-3 डिग्री अधिक (41-44 डिग्री) रहेंगे।
हालांकि, बंगाल क्षेत्र में साइक्लोनिक सकुर्लेशन सिस्टम की वजह से अप्रैल के आखिरी में 3 से 4 दिन तक लू का असर रह सकता है।
अप्रैल-मई में सबसे ज्यादा गर्मी जिस तरह दिसंबर-जनवरी में सर्दी और जुलाई-अगस्त में सबसे ज्यादा बारिश होती है, उसी तरह गर्मी के दो प्रमुख महीने अप्रैल और मई हैं। इस बार मार्च के दूसरे पखवाड़े में पारा 41 डिग्री के पार पहुंच चुका है। मार्च महीने के आखिरी में ही टेम्प्रेचर बढ़ने लगता है, लेकिन इस बार भी ऐसा मौसम नहीं रहा। आखिरी 3 दिन वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) और साइक्लोनिक सकुर्लेशन सिस्टम की वजह से पारे में गिरावट हुई। अप्रैल के पहले पखवाड़े में मौसम का असर मिला-जुला रहेगा।
अप्रैल में गर्मी की 10 साल की डेटा बेस्ड स्टडी प्रदेश में अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से गर्मी का असर तेज होने लगता है और महीने के आखिरी दिनों में तो तापमान रिकॉर्ड तोड़ देते हैं। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के 10 साल की डाटा बेस्ड स्टडी में सामने आया कि भोपाल-इंदौर में पारा 43 डिग्री तक पहुंचा, जबकि जबलपुर में आंकड़े ने 44 डिग्री को छू लिया। ग्वालियर में तो तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच चुका है। पिछले तीन साल इन शहरों में तेज गर्मी पड़ी। अबकी बार भी टेंप्रेचर में बढ़ोतरी की संभावना है।
भोपाल: 1996 में पड़ी थी सबसे ज्यादा गर्मी, बारिश भी हुई अप्रैल में गर्मी के ट्रेंड की बात करें, तो भोपाल में 29 अप्रैल 1996 को अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस पहुंचा था। इस महीने भोपाल में बारिश-आंधी के आसार भी बनते हैं। यही कारण है कि पिछले कुछ सालों से अप्रैल में बारिश का दौर चल रहा है। 20 अप्रैल 2013 को भोपाल में 24 घंटे के भीतर 30.8 मिमी यानी, एक इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। वहीं, 2023 में 22.6 मिमी पानी गिरा था। वहीं, 17-18 अप्रैल को तापमान 40.9 डिग्री रहा था।

इंदौर में पिछले साल गिरा था 22.3 मिमी पानी इंदौर में भी पारा 44 डिग्री के पार पहुंच चुका है। मौसम विभाग के अनुसार 25 अप्रैल 1958 को सर्वाधिक 44.6 डिग्री तापमान दर्ज किया गया था। इस महीने यहां भी मौसम में बदलाव देखने को मिलता है। इसके चलते बादल छाए रहते हैं तो बौछारें भी गिरती हैं। पिछले साल 22.3 मिमी बारिश हुई थी। वर्ष 2014 से 2024 के बीच 6 साल बारिश हो चुकी है।

जबलपुर में तेज गर्मी का ट्रेंड जबलपुर की बात करें, तो यहां एक बार पारा 45 डिग्री के पार रहा। मौसम विभाग के अनुसार 28 अप्रैल 1970 को दिन का तापमान 45.4 डिग्री रहा था। अप्रैल में यहां भी बारिश होने की संभावना रहती है। रिकॉर्ड के अनुसार 3 अप्रैल 1935 को 24 घंटे के भीतर 50.3 मिमी बारिश हुई थी, जो दो इंच के करीब ही है। 2023 में 20.2 मिमी बारिश हुई थी। इस साल 19 अप्रैल को अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री तक पहुंचा था।

ग्वालियर में पड़ती है सबसे ज्यादा गर्मी ग्वालियर में अप्रैल की गर्मी का ट्रेंड बाकी शहरों से अलग रहता है। यहां ज्यादा गर्मी पड़ती है। बीते 10 साल में यहां एक बार 45 डिग्री और 3 बार पारा 44 डिग्री के पार पहुंच चुका है। 28 अप्रैल 1958 को पारा 46.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। एक दिन में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड वर्ष 1909 को बना था। 22 अप्रैल को कुल 67.6 मिमी बारिश हुई थी। इसी साल अप्रैल महीने में साढ़े 4 इंच पानी गिरा था। 2023 में भी बारिश हुई थी।

उज्जैन में भी गर्मी, बारिश का ट्रेंड उज्जैन में भी अप्रैल महीने में गर्मी और बारिश का ट्रेंड रहता है। 18 अप्रैल 2010 को रिकॉर्ड 45.2 डिग्री तापमान पहुंचा था। वहीं, 2014 से 2023 के बीच दो बार पारा 43 डिग्री के पार रह चुका है। पिछले साल एक बार तापमान 40 डिग्री तक पहुंचा था। वहीं, पूरे महीने 1 इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई थी।
