कुबेरपुर के गढ़ी रामी पहुंची करणी सेना महिला की राष्ट्रीय अध्यक्ष संगीता सिंह।
राणा सांगा को लेकर पनपा विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। करणी सेना के साथ-साथ अब करणी सेना की महिला विंग ने भी 12 अप्रैल को राणा सांगा की जयंती को लेकर ताल ठोंक दी है। क्षत्रिय करणी सेना की महिला की राष्ट्रीय अध्यक्ष संगीता सिंह ने अपनी टीम के साथ गढ़ी र
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गढ़ी रामी में आयोजन स्थल का निरीक्षण करते संगीता सिंह के साथी।
ओकेंद्र राणा ने किया था ऐलान बता दें कि 26 मार्च को करणी सेना ने सपा सांसद रामजीलाल सुमन के आवास पर प्रदर्शन किया था। जहां उपद्रव हो गया। इसमें कुछ लोग घायल भी हुए थे। इसके बाद करणी सेना के प्रमुख ओकेंद्र राणा ने ऐलान किया था कि 12 अप्रैल को राणा सांगा की जयंती पर आगरा में बड़ा आयोजन होगा। इसी को लेकर करणी सेना महिला की राष्ट्रीय अध्यक्ष संगीता सिंह गढ़ी रामी पहुंची। यहीं पर 12 अप्रैल को रक्त स्वाभिमान सम्मेलन होना है। करणी सेना कर कर चुके हैं समर्थन इससे पहले भाजपा सांसद राजकुमार चाहर फेसबुक पर लाइव आकर करणी सेना के प्रमुख ओकेंद्र राणा का खुलकर समर्थन कर चुके हैं। उन्होंने पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों से आह्वान किया है-ओकेंद्र राणा और उनके साथियों के लिए दबिश आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कोई गलती नहीं की है, न कोई पाप किया है। उन्होंने कोई अपराध भी नहीं किया है। प्रजातंत्र में अपने हक की आवाज उठाई है, जो हर नौजवान को उठानी चाहिए।

गढ़ी रामी पहुंची करणी सेना महिला की राष्ट्रीय अध्यक्ष संगीता सिंह।
सुमन के बयान पर पलटवार भाजपा सांसद राजकुमार चाहर ने सपा सांसद के उस बयान पर भी आपत्ति जताई, जिसमें उन्होंने कहा था-हमें छूट दे दो, हम अपने आप निपट लेंगे। राजकुमार चाहर ने कहा कि रामजीलाल सुमन की यह वह भाषा है, जो हैदराबाद में औवेशी ने बोली थी। उन्होंने सुमन पर सवाल दागते हुए पूछा है-आपको क्या छूट चाहिए…आप चुनौती दे रहे हो। उन्होंने कहा कि कोई समाज सुमन के साथ नहीं आने वाला। उन्होंने कि सपा सांसद के इस बयान के खिलाफ FIR दर्ज होनी चाहिए। उन्होंने माहौल खराब करने के लिए ऐसी बयानबाजी की है। जानिये सपा सांसद ने क्या बयान दिया था सपा सांसद रामजीलाल सुमन ने 22 मार्च को राज्यसभा में कहा- भाजपा वालों का तकिया कलाम हो गया कि मुसलमानों में बाबर का डीएनए है तो फिर हिंदुओं में किसका डीएनए है? बाबर को कौन लाया? बाबर को भारत में इब्राहिम लोदी को हराने के लिए राणा सांगा लाया था। मुसलमान बाबर की औलाद हैं तो तुम (हिंदू) गद्दार राणा सांगा की औलाद हो। यह हिंदुस्तान में तय हो जाना चाहिए। बाबर की आलोचना करते हैं, राणा सांगा की नहीं। देश की आजादी की लड़ाई में इन्होंने अंग्रेजों की गुलामी की थी। हिंदुस्तान का मुसलमान बाबर को अपना आदर्श नहीं मानता है। वो मोहम्मद साहब और सूफी परंपरा को आदर्श मानता है।