बसताड़ा स्टेडियम के हालात तथा खेल मंत्री गौरव गौतम निरीक्षण करते।
हरियाणा के युवा सशक्तिकरण और उद्यमिता एवं खेल मंत्री गौरव गौतम की फटकार का असर खेल विभाग के अधिकारियों पर साफ दिखाई दे रहा है। बुधवार को मंत्री के निरीक्षण के बाद आज जिला खेल अधिकारी सुधा भसीन ने विभिन्न खेल परिसरों में कोचों की नियुक्ति कर दी है।
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साथ ही कोचों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ग्राम पंचायत और ग्रामीणों से व्यक्तिगत संपर्क कर खिलाड़ियों को खेल के प्रति जागरूक करें और खेल नर्सरी का संचालन सुनिश्चित करें। इसके अलावा, खेल परिसरों की साफ-सफाई की जिम्मेदारी भी निर्धारित कर दी गई है।
बॉस्केट बाल खेल का टूटा पोल।
खेल परिसरों में किस कोच की हुई नियुक्ति
जिला खेल अधिकारी द्वारा विभिन्न खेल परिसरों में प्रशिक्षकों की तैनाती कर दी गई है।
– राजीव गांधी खेल परिसर बसताड़ा एथलेटिक्स कोच रिषी कुमार, जूनियर बॉक्सिंग कोच रवि कुमार, जूनियर हैंडबॉल कोच सोनिया।
– राजीव गांधी खेल परिसर घोगड़ीपुर जूनियर फुटबॉल कोच ऊषा, जूनियर रेसलिंग कोच विजय कुमार।
– खेल परिसर गगसीना फुटबॉल कोच भूपिंदर सिंह।
– खेल परिसर पुंडरक जूनियर आर्चरी कोच राजेश, जूनियर एथलेटिक्स कोच रमन।
– खेल परिसर निगदू जूनियर जूडो कोच सुभाष चंद।
– खेल परिसर कलरी जागीर जूनियर रेसलिंग कोच वीरेंद्र, जूनियर फुटबॉल कोच अमित कुमार।
– खेल परिसर जयसिंहपुरा जूडो कोच रितु।

निरीक्षण के दौरान खेल मंत्री गौरव गौतम।
एक दिन पहले पहुंचे थे खेल मंत्री
हरियाणा के खेल मंत्री गौरव गौतम चंडीगढ़ से समालखा जाते हुए अचानक बसताड़ा स्थित राजीव गांधी ग्रामीण खेल परिसर का निरीक्षण करने पहुंच गए। खेल मंत्री के अचानक दौरे से खेल अधिकारियों में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने देखा कि खेल परिसर की हालत बेहद खराब है।
स्थानीय ग्राम पंचायत बसताड़ा के सरपंच सुरेश फौजी ने भी मंत्री के सामने स्पष्ट कर दिया कि यदि खेल विभाग इस परिसर की देखरेख नहीं कर सकता, तो पंचायत इसे अपने अधीन लेकर एक बेहतर स्टेडियम तैयार करेगी। इस पर मंत्री ने अधिकारियों की कड़ी फटकार लगाई और खेल परिसरों की व्यवस्था सुधारने के कड़े निर्देश दिए।
दो महीने में सुधार नहीं, होगी कार्रवाई
मीडिया से बातचीत में खेल मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि बसताड़ा स्थित राजीव गांधी खेल परिसर की हालत काफी दयनीय है। इसे लेकर जिला खेल अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि दो महीने के भीतर स्टेडियम की स्थिति में सुधार लाया जाए। इसमें खिलाड़ियों के लिए बेहतर मैदान तैयार किया जाएगा और कोचों की भी नियुक्ति की जाएगी। इसके अलावा पीने के पानी, बिजली, शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं भी सुनिश्चित की जाएगी।

खेल परिसर का दृश्य।
ऑफिसों में बैठकर नहीं मैदान में उतरकर काम करें
मंत्री ने कहा कि स्टेडियम में बने हॉल की खिड़कियों, दरवाजों की मरम्मत करवाई जाए और सफेदी भी कराई जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे केवल कार्यालयों में बैठकर काम न करें, बल्कि ग्राउंड में आकर व्यवस्थाओं पर नजर रखें। साथ ही काम में ग्राम पंचायत की भी भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि खिलाड़ियों को अभ्यास में किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
मंत्री ने स्पष्ट किया था कि वे दो महीने के भीतर कभी भी फिर से निरीक्षण कर सकते हैं। यदि इस दौरान खेल परिसरों में अव्यवस्थाएं मिलीं, तो संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।