आरोपी बेटे हिम्मत को साक्ष्य जुटाने के लिए गांव में लेकर पहुुंची पुलिस।
करनाल के कमालपुर रोडान गांव में दंपति हत्याकांड में अब नए खुलासे सामने आ रहे हैं। अब तक पुलिस इसे केवल ड्रिल मशीन से की गई हत्या मान रही थी, लेकिन अब पड़ोसियों की छत से एक खून से सनी तलवार भी बरामद हुई है। इसके साथ ही पुलिस को वहीं से एक मोबाइल फोन भ
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पुलिस को 16 दिन बाद भी मृतक महेंद्र का शव नहीं मिला है, जबकि उसकी पत्नी बाला देवी का शव 14 मार्च को पानीपत में नहर से बरामद हुआ था। पुलिस को शक है कि आरोपी हिम्मत लगातार गुमराह कर रहा है। इसी वजह से उसे पहले 7 दिन और अब 4 दिन के लिए फिर से रिमांड पर लिया गया है।
क्या है मामला, कैसे हुआ खुलासा
गांव कमालपुर रोड़ान में 13 मार्च को दंपति महेंद्र और बाला देवी के घर पर ताला लगा हुआ था। परिजनों ने सोचा कि वे कहीं रिश्तेदारों के यहां गए होंगे। दो दिन तक कोई जानकारी नहीं मिली तो परिजन चिंतित हो गए। 15 मार्च को परिवार के एक सदस्य को दीवार फांदकर घर के अंदर भेजा गया, जहां बरामदे में खून बिखरा हुआ मिला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
मृतक माता पिता व आरोपी बेटा।
पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि 14 मार्च को पानीपत के डाहर और बिंझौल पुल के पास नहर में एक महिला का शव मिला था, जिसकी पहचान नहीं हो सकी थी। 16 मार्च को जब परिवार को जानकारी मिली, तो उन्होंने शव की पहचान बाला देवी के रूप में की। पोस्टमॉर्टम के बाद गांव में अंतिम संस्कार कर दिया गया। लेकिन महेंद्र का कोई सुराग नहीं मिला।
प्रॉपर्टी विवाद बना हत्या की वजह, आरोपी ने किया खुलासा
पुलिस ने जब जांच आगे बढ़ाई तो 18 मार्च को आरोपी हिम्मत को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने कबूला कि उसने अपने माता-पिता की हत्या की थी। हत्या की वजह प्रॉपर्टी विवाद निकली। महेंद्र अपने बेटे हिम्मत को बेदखल करना चाहता था और कोर्ट में मामला भी चल रहा था। इसी से नाराज होकर हिम्मत ने पहले पिता महेंद्र की हत्या कर दी और बाद में मां बाला देवी को भी मार डाला।

मृतक महिला राजबाला के अंतिम संस्कार में शामिल लोग।
नहर में फेंक दिए थे शव, गोताखोर दिल्ली तक कर चुके हैं सर्च
हत्या के बाद आरोपी ने दोनों शवों को कार में रखा और गगसीना के पास नहर में फेंक दिया। पुलिस ने पहले 7 दिन के रिमांड पर लेकर हिम्मत से पूछताछ की थी, जिसमें उसने यह सब कबूला। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर गगसीना नहर के पास से खून से सने कपड़े बरामद किए, जबकि उचाना में उसके किराए के घर से ड्रील मशीन मिली, जिससे हत्या की गई थी। इसके बाद पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने गोताखोरों की मदद से नहर में सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन महेंद्र का शव नहीं मिला। पुलिस ने दिल्ली तक नहर में सर्च ऑपरेशन चलाया, फिर भी कोई सुराग नहीं मिला।
आरोपी पुलिस को कर रहा गुमराह, चार दिन का और मिला रिमांड
जब पुलिस को शक हुआ कि आरोपी हिम्मत उन्हें गुमराह कर रहा है, तो उसका रिमांड चार दिन और बढ़वा दिया गया। पुलिस अब गहनता से पूछताछ कर रही है कि कहीं कोई और भी इस हत्याकांड में शामिल तो नहीं था। पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है कि हत्या के समय कोई ओर व्यक्ति भी मौजूद था या नहीं।

नहर से मिला बीती 14 मार्च को महिला राजबाला का शव।
पड़ोसियों की छत से तलवार और मोबाइल बरामद
इसी दौरान पुलिस को जांच में एक और बड़ी सफलता मिली। पुलिस ने कमालपुर गांव में पड़ोसियों की छत से एक तलवार और मोबाइल फोन बरामद किया। तलवार पर खून के निशान मिले हैं, जिससे साफ हो गया है कि हत्या में तलवार का भी इस्तेमाल किया गया था। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि यह तलवार हत्या के बाद छिपाई गई थी या आरोपी ने इसे फेंक दिया था।
28 मार्च को खत्म होगा रिमांड, हो सकते हैं और खुलासे
इंद्री के थाना प्रभारी विपिन कुमार ने बताया कि आरोपी हिम्मत का चार दिन का रिमांड 28 मार्च को पूरा होगा। पुलिस इस दौरान उससे और पूछताछ कर सकती है और नए खुलासे होने की उम्मीद है। पुलिस का पूरा फोकस महेंद्र के शव को बरामद करने और इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच पर है।