Friday, April 4, 2025
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किसान नेता डल्लेवाल पटियाला के अस्पताल में शिफ्ट: पहले PIMS में रखा, फिर रेस्ट हाउस में, अब पुलिस कड़ी सुरक्षा में राजिंदरा अस्पताल ले गई – Jalandhar News


किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल।

किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल को आज यानि रविवार सुबह जालंधर कैंट (आर्मी एरिया) स्थित पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस से गुपचुप तरीके से पटियाला के राजिंदरा अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है। डल्लेवाल को हिरासत में लेने के बाद पुलिस पहले उन्हें जालंधर के पीआईए

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तीन दिन तक उक्त रेस्ट हाउस में रहने के बाद डल्लेवाल को आज सुबह बिना किसी की जानकारी के पटियाला के राजिंदरा अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया। हालांकि, इस बारे में जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से कोई जानकारी साझा नहीं की गई है। फिलहाल, उन्हें राजिंदरा अस्पताल में क्यों रखा गया, इस पर कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है।

तीन दिन पहले जालंधर लेकर पहुंची थी पुलिस

मिली जानकारी के अनुसार 13 माह बाद जब पंजाब हरियाणा बॉर्डर को पुलिस ने किसानों से खाली करवाया था। इस दौरान केंद्रीय और राज्य के मंत्रियों के साथ हुई किसानों से बैठक के तुरंत बाद मोहाली से किसान नेता सरवण सिंह पंधेर और जगजीत सिंह डल्लेवाल को हिरासत में ले लिया गया था। वहां से हिरासत में लेने के बाद डल्लेवाल को जालंधर के पिम्स अस्पताल लाया गया था।

पिम्स अस्पताल में डल्लेवाल के होने का पता जब मीडिया तो चला तो बाहर जमावड़ा लग गया। जिसके बाद डल्लेवाल को आर्मी क्षेत्र में बने PWD रेस्ट हाउस में शिफ्ट कर दिया गया था। जहां पर किसी की एंट्री नहीं थी। साथ ही एंट्री पहले पुलिस और फिर आर्मी का नाका लगा हुआ था। मगर आज डल्लेवाल को पटियाला शिफ्ट कर दिया गया है।

हाईकोर्ट से मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, डल्लेवाल के अनशन पर वार्ता शुरू

केंद्र के वार्ता न करने से शंभू बॉर्डर खुलवाने को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर हुई। हाईकोर्ट ने एक महीने में शंभू बॉर्डर खोलने को कहा। हरियाणा सरकार इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट चली गई। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र-किसानों के बीच मध्यस्थता के लिए कमेटी बना दी। इसी बीच 26 नवंबर से किसान नेता जगजीत डल्लेवाल ने अनशन शुरू कर दिया। जिसके बाद केंद्र फिर वार्ता के लिए राजी हुआ।

14 फरवरी 2025 को चंडीगढ़ में वार्ता हुई लेकिन इसका कोई हल नहीं निकला। 22 फरवरी को फिर मीटिंग हुई लेकिन किसानों ने MSP पर गारंटी कानून बनने तक आंदोलन खत्म करने से इनकार कर दिया।



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