लघु सचिवालय पर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते किसान।
कुरुक्षेत्र में नेशनल हाईवे-152 के लिए एक्वायर जमीन के मुआवजे के लिए किसानों ने प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगा अनिश्चितकालीन पर धरना शुरू कर दिया। किसानों ने लघु-सचिवालय पर प्रशासन के खिलाफ जमकर रोष प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी
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3 गांवों के किसानों का मुआवजा अटका
भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी के मुताबिक, नेशनल हाईवे 152 के निर्माण के लिए सरकार ने किसानों की एक्वायर की गई थी, लेकिन कुरुक्षेत्र के किसानां को अब तक पूरा मुआवजा नहीं मिला। इससे नाराज होकर किसान लघु सचिवालय में धरना दे रहे हैं। चेतावनी दी है कि अगर जल्द उनकी मांगें पूरी नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
चढूनी ने बताया कि तीन गांवों के किसानों के प्रति एकड़ 26 लाख रुपए का मुआवजा अटका हुआ है। डीसी की अध्यक्षता में NHAI के अधिकारियों ने किसानों से वादा किया था कि वे मुआवजे के लिए कोर्ट में केस नहीं डालेंगे, लेकिन वादा तोड़ते हुए उन्होंने केस दायर कर दिया। जानबूझकर किसानों को परेशान किया जा रहा है।
4 महीने में देना था मुआवजा
चढूनी ने बताया कि 2014 में सरकार ने नेशनल हाईवे-152 के लिए कुरुक्षेत्र जिले के 11 गांवों की जमीन एक्वायर की थी। नए भूमि अधिग्रहण कानून के तहत किसानों को 100 प्रतिशत सोलैशियम और ब्याज सहित 66 लाख रुपए प्रति एकड़ चार महीने के भीतर देने का वादा किया गया था। उस समय NHAI ने 66 लाख में से केवल 45 लाख रुपए किसानों को दिए, लेकिन बाकी पैसा अब तक बकाया है।
दो डीसी करवा चुके हैं बातचीत
बकाया राशि के लिए किसान लगातार संघर्ष कर रहे हैं। पिछले साल फरवरी में किसानों ने हाईवे जाम किया था। उस समय तत्कालीन डीसी शांतनु शर्मा ने किसानों और हाईवे अधिकारियों के बीच बैठक करवाई थी, जिसमें 54 करोड़ रुपए दिलाने पर सहमति बनी थी। इसके बाद मौजूदा डीसी नेहा सिंह भी अधिकारियों के साथ बैठक कर चुकी हैं, लेकिन NHAI ने हर बार किसानों को धोखा दिया।