1 दिन पहले
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सोशल मीडिया पर बांग्लादेश से जुड़ा एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में दिखाई देता है कि स्टूडेंट्स की भीड़ एक शख्स पर अपना गुस्सा निकाल रही है। इस बीच कुछ स्टूडेंट्स इस शख्स की शर्ट के कॉलर पर सिगरेट के डब्बे को लगा देते हैं।
- वीडियो के साथ दावा किया आ रहा है कि इसमें दिख रहा शख्स एक हिंदू टीचर है जिससे स्टूडेंट्स की इस भीड़ ने जबरिया इस्तीफा लिया।
- वीडियो को एक्स पर कई वेरिफाइड और नॉन वेरिफाइड यूजर्स ने शेयर किया है।
पड़ताल के दौरान हमें राधारमण दास नाम के वेरिफाइड एक्स यूजर का ट्वीट देखने को मिला। ट्वीट में लिखा था – बांग्लादेश में एक और हिंदू शिक्षक का मुस्लिम छात्रों द्वारा अपमान। यह शिक्षक कभी पढ़ाते थे आज उन्हें ही इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया। बांग्लादेश में हर दिन हजारों हिंदुओं पर रेजिग्नेशन लेटर पर साइन करने के लिए दबाव डाला जा रहा है। उनका मकसद बांग्लादेश में काम कर रहे सभी 25 लाख हिंदुओं को वहां से हटाने का है। (अर्काइव ट्वीट)
देखें ट्वीट:
खबर लिखे जाने तक राधारमण दास के इस ट्वीट को 11 हजार लोग लाइक कर चुके थे। वहीं, 7800 बार इसे रीपोस्ट किया गया था। एक्स पर दी गई जानकारी के अनुसार, राधारमण दास, इस्कॉन से जुड़े हैं और उन्हें 57 हजार से अधिक लोग फॉलो करते हैं।
पड़ताल के दौरान हमें डॉ पूर्णिमा का ट्वीट भी मिला। डॉ पूर्णिमा ने राधारमण दास के पोस्ट को ही रीपोस्ट करते हुए सवाल किया – क्या उन्होंने हटाने से पहले उनकी जाति पूछी ?? क्या ओबीसी, एससी, एसटी, जीसी ??? राहुल गांधी को ध्यान देना चाहिए। (अर्काइव लिंक)
देखें ट्वीट:
क्या है वायरल वीडियो का सच ?
वायरल वीडियो के की-फ्रेम्स को गूगल इमेज पर रिवर्स सर्च करने पर हमें bdnews24.com की रिपोर्ट मिली। इस रिपोर्ट में लिखा था कि भीड़ ने जिस शख्स को घेरा हुआ था उसका नाम तौफीक इस्लाम था और वो चपैनवाबगंज नगर पालिका में एक्जीक्यूटिव इंजीनियर हैं।
bdnews24.com की रिपोर्ट से जुड़ा स्क्रीनशॉट। (अर्काइव लिंक)

खबर में बताया गया था –
युवाओं के एक समूह ने एक सरकारी अधिकारी पर इस्तीफा देने का दबाब डाला। दरअसल, इस अधिकारी के ऑफिस ड्रॉवर में सिगरेट के दो पैकेट मिले थे जिसके बाद युवाओं ने चपैनवाबगंज नगर पालिका में एक्जीक्यूटिव इंजीनियर तौफीक इस्लाम पर इस्तीफे का दबाव डाला।
इस घटना से तौफीक की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। एक दिन अस्पताल में रहने के बाद तौफीक वापस घर तो आ गए लेकिन अब डर के चलते वे दोबार ऑफिस नहीं जाना चाहते। घटना पिछले सोमवार की है।
इसी तरह युवाओं के समूह ने नगर निगम के दो और अधिकारियों को सफेद कागज पर ‘रेजिग्नेशन लेटर’ लिखने के लिए मजबूर किया। वे भी डर के कारण ऑफिस नहीं जा रहे हैं।
स्पष्ट है कि जिस शख्स के हिंदू टीचर होने का दावा किया जा रहा है वो असल में बांग्लादेश के चपैनवाबगंज नगर पालिका के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर तौफीक इस्लाम हैं। फेक न्यूज के खिलाफ हमारे साथ जुड़ें। कोई भी ऐसी सूचना जिस पर आपको संदेह हो तो हमें ईमेल करें @fakenewsexpose@dbcorp.in और वॉट्सऐप करें- 9201776050