कोर्ट ने राज्य सरकार, अहमदाबाद नगर निगम, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और पुलिस को यातायात नियमों को सख्ती से लागू करने का आदेश दिया।
अहमदाबाद के 20 आवेदकों ने गुजरात हाईकोर्ट में पॉलिटेक्निक-IIM के बीच बनने वाले ओवरब्रिज को लेकर एडवोकेट सलील ठाकोर के जरिए जनहित याचिका दायर की है, जो चीफ जज सुनीता अग्रवाल और जज प्रणव त्रिवेदी के बैंच के समक्ष चल रही है। आवेदकों ने पुल निर्माण को चु
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राज्य सरकार की ओर से सरकारी वकील ने कहा कि कोर्ट के आदेशानुसार शहर में ट्रैफिक नियम सख्ती से लागू हैं। दोपहिया वाहन चालकों और उनके यात्रियों के लिए हेलमेट अनिवार्य है। रॉन्ग साइड और लापरवाही से गाड़ी चलाने, नो पार्किंग मुद्दों पर सख्त कदम उठा रहे हैं। इस पर कोर्ट ने कहा, हमने लोगों को हेलमेट पहने नहीं देखा। तीन बार बिना हेलमेट के पकड़ाए जाने वाले लोगों का लाइसेंस कुछ समय के लिए सस्पेंड करने की भी कार्रवाई करें।
पीछे बैठी सवारियों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य
इससे पहले 7 अगस्त को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने ट्रैफिक नियमों का पालन न करने के कारण बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर कड़ा रुख अपनाया था। कोर्ट ने राज्य में हेलमेट कानून की व्यापक अवहेलना पर नाराजगी जताई थी। कोर्ट ने राज्य सरकार, अहमदाबाद नगर निगम, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और पुलिस को यातायात नियमों को सख्ती से लागू करने का आदेश दिया था।
एक महत्वपूर्ण निर्देश में, उच्च न्यायालय ने आदेश दिया है कि मोटरसाइकिल सवारों और पीछे बैठे यात्रियों दोनों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य होना चाहिए। न्यायालय ने इस बात पर जोर दिया कि मौजूदा हेलमेट अनिवार्यताओं के बावजूद, कई लोग उन्हें पहनने में लापरवाही बरतते हैं, जिसके परिणामस्वरूप गंभीर परिणाम सामने आते हैं। उच्च न्यायालय ने इन नियमों का पालन करने में किसी भी तरह की ढिलाई के खिलाफ चेतावनी दी और सख्ती से पालन करने पर जोर दिया है।