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ग्वालियर में गांधी जयंती पर राजनीतिक दलों और नगर निगम का संयुक्त आयोजन: बच्चों ने कला के माध्यम से दिया स्वच्छता का संदेश

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ग्वालियर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर शहर भर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और प्रशासनिक इकाइयों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। फूलबाग स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए सुबह से ही नेताओं और आम नागरिकों का तांता लगा रहा। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस सहित अन्य सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने बापू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने महात्मा गांधी द्वारा प्रतिपादित सत्य, अहिंसा और सामाजिक सद्भाव के सिद्धांतों पर चलने का दृढ़ संकल्प लिया। राजनीतिक रूप से भले ही ये दल एक-दूसरे के विरोधी हों, लेकिन राष्ट्रपिता को श्रद्धा सुमन अर्पित करते समय सभी में एक समान सम्मान और श्रद्धा का भाव देखा गया।

गांधी जयंती के साथ ही स्वच्छ भारत दिवस भी मनाया गया, जिसके तहत ग्वालियर नगर निगम ने शहर में विशेष स्वच्छता कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं का आयोजन किया। नगर निगम द्वारा आयोजित इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों और विशेष रूप से बच्चों के बीच स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। प्रशासन का मानना है कि स्वच्छता की आदत यदि बचपन से ही डाली जाए, तो यह समाज के लिए स्थायी परिवर्तन ला सकती है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए स्कूली छात्रों के लिए विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें बच्चों ने उत्साह और रचनात्मकता के साथ भाग लिया।

नगर निगम द्वारा आयोजित ड्राइंग प्रतियोगिता में बच्चों ने अपनी पेंटिंग्स के जरिए स्वच्छता का सशक्त संदेश दिया। छोटे-छोटे बच्चों ने अपनी कलाकृतियों में साफ-सुथरी सड़कों, कचरे को निर्धारित स्थान पर फेंकने और सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने के महत्व को चित्रित किया। इन चित्रों के माध्यम से बच्चों ने न केवल अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया, बल्कि समाज को एक जिम्मेदार नागरिक होने का पाठ भी पढ़ाया। प्रतियोगिता में शामिल हुई पेंटिंग्स देखकर यह स्पष्ट था कि नई पीढ़ी पर्यावरण और सफाई को लेकर कितनी सजग है। बच्चों ने अपने चित्रों में यह दर्शाने का प्रयास किया कि कैसे व्यक्तिगत स्तर पर की गई छोटी सी कोशिश भी पूरे शहर की तस्वीर बदल सकती है।

चित्रकला के अलावा, बच्चों ने नुक्कड़ नाटक और अभिनय के माध्यम से भी लोगों को स्वच्छता का संदेश दिया। सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर किए गए इन नाटकों में बच्चों ने कचरा इधर-उधर न फेंकने और उसे हमेशा डस्टबिन में ही डालने की सीख दी। नाटकों की प्रस्तुति इतनी प्रभावशाली थी कि वहां मौजूद दर्शक और राहगीर रुककर इसे देखने लगे। बच्चों ने अपने अभिनय के जरिए यह समझाने का प्रयास किया कि गंदगी फैलाना न केवल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, बल्कि यह हमारी सामाजिक जिम्मेदारी का उल्लंघन भी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे स्वच्छता को केवल एक विशेष दिवस तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपनी दैनिक दिनचर्या का अनिवार्य हिस्सा बनाएं।

ग्वालियर में गांधी जयंती और स्वच्छ भारत दिवस का यह संयुक्त आयोजन इस बात का प्रमाण है कि राष्ट्रपिता के विचार आज भी प्रासंगिक हैं। जहां एक ओर राजनीतिक दलों ने उनके वैचारिक योगदान को याद किया, वहीं दूसरी ओर नगर निगम और बच्चों ने उनके स्वच्छता और सेवा के संदेश को व्यावहारिक रूप दिया। कार्यक्रमों में शामिल हुए प्रतिभागियों ने इस बात पर जोर दिया कि गांधी जी का सपना तभी साकार होगा जब हर नागरिक स्वयं को स्वच्छता और सत्य का प्रहरी मानेगा। फूलबाग से लेकर शहर के विभिन्न वार्डों तक फैले इन कार्यक्रमों ने ग्वालियरवासियों को एक बार फिर बापू के दिखाए मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन नियमित रूप से किया जाना चाहिए ताकि स्वच्छता की भावना जनमानस में स्थायी रूप से घर कर सके। बच्चों द्वारा दी गई प्रस्तुतियों ने बड़ों को भी यह अहसास कराया कि बदलाव की शुरुआत स्वयं से और अपने घर से ही होती है।