चंडीगढ़ कोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई करते हुए बेकरी मालिक को सजा सुनाई।
चंडीगढ़ की डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने मंगलवार (5 नवंबर) को एक बेकरी के मालिक को बिना फूड लाइसेंस के केक और पेस्ट्री बेचने का दोषी करार दिया। कोर्ट ने मालिक अनवर आलम को पूरे दिन कोर्ट में खड़ा रहने की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 30 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाय
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स्वास्थ्य विभाग के खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने करीब 4 साल पहले, 12 अक्टूबर 2021 को मक्खनमाजरा स्थित अनवर बेकरी का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि बेकरी मालिक बिना फूड लाइसेंस के केक और पेस्ट्री बेच रहा है। बेकरी के मालिक अनवर आलम के पास न लाइसेंस था और न ही अन्य कानूनी आवश्यकताओं का पालन किया जा रहा था।
2021 में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बेकरी में जांच की थी। – प्रतीकात्मक फोटो
कोर्ट ने कहा- यह गैर जिम्मेदाराना व्यवहार विभाग ने फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट के तहत अनवर आलम के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। इस मामले की सुनवाई के दौरान, कार्ट ने उपभोक्ताओं की स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति गंभीर खतरा मानते हुए दोषी को सख्त सजा दी।
कोर्ट ने कहा कि बिना फूड लाइसेंस के खाद्य सामग्री बेचना कानून का उल्लंघन है और इसके चलते आमजन की सेहत पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। कोर्ट ने दोषी को दिनभर कोर्ट में खड़े रहने का आदेश देते हुए 30 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। कोर्ट ने यह भी कहा गया कि खाद्य सुरक्षा से संबंधित कानूनों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह समाज के प्रति एक गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार भी है।
दंपती को भी खड़ा रहने की सुनाई थी सजा इससे पहले 9 अगस्त 2023 को चंडीगढ़ कोर्ट ने सेक्टर-52 में बिना फूड लाइसेंस के बेकरी की दुकान चलाने वाले एक दंपती को दिन भर कोर्ट रूम में खड़े रहने की सजा सुनाई थी। चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट डॉ. अमनइंदर सिंह की कोर्ट ने दोषियों पर 25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया।
इस मामले में सेक्टर-16 स्थित सरकारी अस्पताल के फूड सेफ्टी अधिकारी ने 16 नवंबर 2021 को दुकान पर छापा मारा था। तब दुकानदार के पास फूड लाइसेंस नहीं था।