पुलिस मुखबिरी का आरोप लगा चतरा में नक्सलियों ने जिस विष्णु साव की रविवार को हत्या कर दी, वह आम्रपाली कोल परियोजना से जुड़े टेरर फंडिंग मामले का सरकारी गवाह भी था। जानकारी के मुताबिक हत्या के पीछे पुलिस मुखबिरी केवल एक बहाना मात्र था। सूत्रों के मुताबि
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मृतक विष्णु के बचपन के साथी और साथ काम करने वाले महाबीर गुप्ता ने बताया कि वो लंबे समय से टीएसपीसी नक्सलियों के रडार पर था। पूर्व में भी उससे सड़क निर्माण के एवज में नक्सली मोहन गंझू द्वारा लेवी की मांग की गई थी। नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी जा रही थी।
विष्णु के पार्टनर के अनुसार स्थानीय राजनीतिक षड्यंत्र का लाभ उठाकर टीएसपीसी नक्सलियों ने घटना को अंजाम दिया है। उन्होंने बताया कि गांव में नाबालिग युवती के बलात्कारी को बचाने का विरोध करना भी विष्णु को भारी पड़ा है। उसपर लगातार मुखबिरी का आरोप लगाया जा रहा था।
टंडवा-बालूमाथ सीमा पर मार कर फेंका था शव
रविवार को टीएसपीसी के नक्सलियों ने टंडवा थाना क्षेत्र के लंबुवा गांव के रहने वाले विष्णु साव की अहले सुबह अपहरण के बाद निर्मम हत्या कर दी थी। हत्यारों ने विष्णु का गला रेतकर मौत के घाट उतारा। वह अपनी मां के साथ मवेशी लेकर जंगल जा रहे थे, इसी दौरान पूर्व से घात लगाए हथियारबंद नकाबपोश नक्सलियों ने उसे अगवा कर लिया और पहाड़ की ओर ले गए।
जिसके बाद घटना की सूचना परिजनों ने पुलिस को दी। सूचना मिलते ही टंडवा थाना पुलिस की टीम ने ईलाके में सर्च अभियान शुरू किया। सर्च के दौरान विष्णु का शव पुलिस ने पहाड़ के झाड़ी से बरामद किया। हत्यारे शव को टंडवा-बालूमाथ सीमा के जंगल में फेंक कर मौके से फरार हो चुके थे।

टेरर फंडिंग मामले का गवाह था विष्णु
कोयलांचल के चर्चित टेरर फंडिंग मामले में जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी का सरकारी गवाह विष्णु साव थे। इससे संबंधित टंडवा थाना में दर्ज प्राथमिकी 22/18 में प्रतिबंधित नक्सली संगठन टीएसपीसी के सुप्रीमों समेत अन्य शीर्ष नक्सली व उसके सफेदपोश सहयोगी आरोपी हैं। जिसमे कई नक्सली और सफेदपोश अभी भी जेल के सलाखों में कैद हैं।
बेटी के लिए वर देखने जाने वाले थे बिशुन
बिशुन साव रविवार को अपनी छोटी बेटी के हाथ पीले करने को लेकर वर देखने के लिए निकलने वाले थे। इससे पूर्व उनकी गला रेतकर हत्या कर दी गई। उनके दो बेटे व दो बेटियां हैं। वे एक बेटी की शादी कर चुके थे।

जल्द ही हत्यारों की होगी गिरफ्तारी
एसपी विकास पांडेय ने घटना को लेकर कहा प्रथम दृष्टया अपराधियों द्वारा घटना को अंजाम दिया गया है। जिन अपराधियों ने विष्णु का अपहरण किया था वह नकाब पहने हुए थे। अगर नक्सली घटना को अंजाम देते तो वे अपना चेहरा नहीं छुपाते। एसपी ने कहा है कि मामले की हर पहलू की गहनता से जांच की जा रही है। कई थानों की पुलिस सभी संभावित इलाकों में छापामारी अभियान चला रही है। जल्द ही हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।