गैंगस्टर प्रकाश चंद्र लोगों को धोखा देने के लिए साधू बन गया था।
करीब 20 साल बाद गुजरात पुलिस की गिरफ्त में आए छोटा राजन गैंग के गैंगस्टर बंटी पांडे से पूछताछ में नए-नए खुलासे हो रहे हैं। पूछताछ में पता चला है कि बंटी पांडे ने पुलिस से बचने नेपाल, वियतनामऔर कंबोडिया में भी शरण ली थी। पिछले पांच सालों से नाथ संप्र
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नाथ संप्रदाय के लोग उसे संत मानने लगे थे
नाथ संप्रदाय के कई संत उसे एक आध्यात्मिक महंत मानने लगे थे।
बंटी पांडे ने पांच साल पहले नाथ संप्रदाय की दीक्षा ली थी। वह केवल फल और दूध का सेवन करता था, भस्म लगाता था और भगवा वस्त्र पहनकर एक साधु के रूप में पहचान बना चुका था। नाथ संप्रदाय के कई संत उसे एक आध्यात्मिक महंत मानने लगे थे। लेकिन, इस धार्मिक छवि के पीछे एक भयावह अपराधी छिपा था, जो हत्या, फिरौती और अपहरण जैसे संगीन अपराधों में लिप्त था।
कई मामलों में वॉन्टेड था प्रकाशचंद्र उर्फ बंटी पांडे का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। वह हत्या, अपहरण, फिरौती औरगैंगस्टर एक्ट के कई मामलों में वांछित था। वह कुख्यात छोटा राजन गैंग से भी जुड़ा रहा है और मुंबई,उत्तराखंड, गुजरात समेत कई राज्यों में संगठित अपराध में सक्रिय रहा है।

वापी के कारोबारी के बेटे के अपहरण और हत्या के सनसनीखेज मामले में शामिल था।
छह आरोपी पहले ही गिरफ्तार हो चुके इस मामले में पहले ही छह आरोपी – संजू उर्फ राहुल उर्फ संजय कुमार (उत्तर प्रदेश),मजहर नासिरभाई शेख, जाने आलम उर्फ आलम, राजेश कुमार सिंह, लालजी उर्फ मुद्दन औरमनोज कुमार को गिरफ्तार किया जा चुका है। अब मुख्य साजिशकर्ता प्रकाशचंद्र की गिरफ्तारीके बाद पुलिस अन्य अपराधियों की भी तलाश कर रही है।
प्रकाशचंद्र इस पूरे मामले का मुख्यसाजिशकर्ता था, जिसने अपने आदमियों के जरिए व्यापारी का अपहरण करवाया और फिरौतीकी मांग की। जब पैसे नहीं मिले, तो उसकी हत्या करवा दी। इसी मामले में पहले संजू उर्फराहुल उर्फ संजय कुमार (उत्तर प्रदेश), मजहर नासिरभाई शेख, जाने आलम उर्फ आलम,राजेश कुमार सिंह, लालजी उर्फ मुद्दन और मनोज कुमार की गिरफ्तारी हो चुकी है।