आज विज्ञान और तकनीक का सहारा लेकर किसान किस तरह से आगे बढ़ सकते हैं, युवा किस तरह रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकते हैं, किस तरह से व्यवसायी विज्ञान के जरिए अपने व्यापार को बढ़ा सकते हैं, यह सब जानने और समझने के लिए विज्ञान मेले में बहुत कुछ है। मेरा मा
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यह कहना है मध्यप्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह का। सिंह ने बुधवार रात वेटरनरी कॉलेज ग्राउंड में 15 से 17 नवंबर तक आयोजित होने वाले महाकौशल विज्ञान मेले का निरीक्षण किया।
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने इस दौरान कहा कि महाकौशल में यह विज्ञान मेला पहली बार आयोजित हो रहा है। इसमें देशभर के वैज्ञानिक संस्थान शामिल होंगे कई ख्यात वैज्ञानिक भी इसमें भाग लेंगे। इस दौरान वैज्ञानिक संगोष्ठी, प्रदर्शनी के साथ शाम के समय सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। मेले में वैज्ञानिक इंटरेक्टिव सेशन में बच्चों की हर तरह की जिज्ञासा शांत करेंगे। विज्ञान के प्रति रुचि कैसे जागृत हो, वैज्ञानिक कैसे बने, साथ ही कृषि की लागत कम करने और उत्पादन बढ़ाने के संबंध में विशेष चर्चा की जाएगी। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि विज्ञान मेले में आवश्यक सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित हो। निरीक्षण के दौरान महाकौशल विज्ञान परिषद के अध्यक्ष डॉक्टर एसपी गौतम ने मेले की थीम के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी। संभवत इस विज्ञान मेले में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी शामिल हो सकते हैं।
मेले में लगेंगे 100 स्टॉल
- विज्ञान मेले में लगभग 100 स्टॉल लगाए जा रहे हैं।
- इसमें DRDO, ISRO, ICR, ICMR सहित राष्ट्रीय, राज्य स्तर के संस्थान शामिल हैं।
- विद्यार्थियों के लिए विशेष इंटरेक्शन सेशन आयोजित किया जाएगा।
- 16 नवंबर का पूरा दिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के लिए रिजर्व रहेगा।
- आंत्रप्रेन्योरशिप और स्टार्टअप के लिए 17 नवंबर को विशेष व्याख्यान होंगे, जो पूरे दिन चलेंगे।
- इसके अलावा किसानों के लिए भी व्याख्यान माला आयोजित की गई है।
- इसमें बड़े पदों पर रह चुके कृषि वैज्ञानिकों द्वारा कृषकों से चर्चा की जाएगी।