जशपुर में ‘जल जागृति अभियान’ की शुरुआत
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए एक नई पहल की शुरुआत हुई है। विधायक रायमुनी भगत ने लोदाम में ‘जल जागृति जशपुर’ अभियान का शुभारंभ किया। यह अभियान जल शक्ति मंत्रालय के ‘कैच द रैन’ कार्यक्रम का हिस्सा है।
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इस अभियान के तहत गांव-गांव में जाकर लोगों को जल और भूमि संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। श्रमदान और विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को जल संरक्षण के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
विधायक भगत ने कहा कि जल ही जीवन है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने घरों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम और सोक पिट लगवाएं। कार्यक्रम में उन्होंने नदी, तालाब और कुएं के प्रतीकात्मक घड़ों के माध्यम से जल संरक्षण का संदेश दिया।
जल शक्ति मंत्रालय द्वारा सम्मानित जल प्रहरी और वाटर हीरो नीरज वानखेड़े ने कार्यक्रम में विशेष योगदान दिया। उन्होंने चित्रकला, वीडियो, खेल और मॉडल के माध्यम से ग्रामीणों को जल संरक्षण की जानकारी दी। लाइव मॉडल के जरिए उन्होंने जल संरक्षण की महत्ता को प्रदर्शित किया।
जल संरक्षण के लिए जागरूकता और श्रमदान अभियान समाजसेवी संस्था श्रद्धा सबूरी के स्वयंसेवकों द्वारा ग्रामीणों को सोख्ता गड्ढा, बोर रिचार्ज, वाटर हार्वेस्टिंग, डिप सीसीटी, गेबियन स्ट्रक्चर, एलबीएस और मेंड़ बंधान जैसी जल संरक्षण तकनीकों की जानकारी दी गई।
अभियान के तहत एक माह तक स्कूल, कॉलेज और ग्रामीण संस्थाओं में ‘जल जागृति शिविरों’ का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा, नदी, नाले, जल वितरिकाएं और जल स्रोतों के आसपास श्रमदान द्वारा सफाई अभियान भी चलाया जाएगा।
इसके अंतर्गत 04 अप्रैल को ग्राम नीमगांव, 05 अप्रैल को ग्राम घोलेंग, 06 अप्रैल को ग्राम बोकी में जागरूकता शिविर एवं श्रमदान कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।

विभिन्न गांवों में होंगे जल जागृति अभियान इस अभियान के तहत 4 अप्रैल को ग्राम नीमगांव, 5 अप्रैल को ग्राम घोलेंग, 6 अप्रैल को ग्राम बोकी में जागरूकता शिविर और श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इसके अलावा, सभी सरकारी कार्यालयों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने की योजना भी बनाई गई है।
इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष सालिख साय, उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, कलेक्टर रोहित व्यास, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
