डॉक्टर के इंतजार में महिलाओं की लगी लंबी कतार।
छतरपुर जिला अस्पताल में मंगलवार को डॉक्टरों की लापरवाही सामने आई। सुबह 9 बजे से शुरू होने वाली ओपीडी में साढ़े 10 बजे तक कोई भी डॉक्टर नहीं पहुंचा। इस दौरान इलाज कराने आई कई गर्भवती महिलाएं परेशान होती रहीं। मामले में कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने जांच करा
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इस दौरान फिजियोथैरेपी कक्ष, मेडिसिन कक्ष, महिला ओपीडी कक्ष और बाल एवं शिशु रोग कक्ष में सिर्फ पंखे चलते रहे। मरीजों को लंबी कतार में खड़े होकर डॉक्टरों का इंतजार करना पड़ा। कई मरीज तो 100 किलोमीटर दूर से इलाज के लिए पहुंचे थे।
जिला अस्पताल में डॉक्टरों के चैंबर सुबह 10.30 बजे तक खाली।
जिला अस्पताल में अव्यवस्था का अंबार
बिजावर की रहने वाली तुलसा कुशवाहा गर्भवती है, वो सुबह 9 बजे से अपना चेकअप कराने आई थीं। लेकिन साढ़े 10 बजे तक महिला डॉक्टर नहीं पहुंची। वहीं पठापुर रोड के रहने वाले रानू विश्वकर्मा अपनी पत्नी मुस्कान का इलाज कराने आए थे। उन्हें भी कोई महिला डॉक्टर नहीं मिली।
पूर्व में कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने अस्पताल का निरीक्षण किया था। जिस पर संज्ञान लेते हुए उन्होंने अनुपस्थित डॉक्टर्स को नोटिस जारी किया था। इसके बावजूद अस्पताल की व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ। मरीजों को मजबूरी में प्राइवेट अस्पतालों में महंगा इलाज कराना पड़ रहा है।
सिविल सर्जन ने नहीं उठाया फोन, कलेक्टर ने कही जांच की बात
इस मामले में कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने जांच कराने की बात कही है। वहीं सिविल सर्जन डॉक्टर जीएल अहिरवार से संपर्क का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।