झज्जर गुरूकुल में पहुंचे शिक्षा मंत्री महिपाल ढ़ांडा।
हरियाणा के झज्जर में आज कांग्रेस में सीएलपी लीडर बनाए जाने में हो रही देरी पर शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए चुटकी ली है। शिक्षा मंत्री ने किसानों पर हुई बर्बरता का ठीकरा भी पंजाब सरकार के सिर फोड़ दिया। शिक्षा मंत्री
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इस दौरान मीडिया से बात करते हुए शिक्षा मंत्री ने कांग्रेस पार्टी की ओर से सीएलपी लीडर न चुनने पर तंज कसा है। उन्होंने कहा है कि इसके दो ही कारण हो सकते है या तो पार्टी हाईकमान को हरियाणा के अपने नेताओं पर विश्वास नहीं है या फिर हाईकमान को ऐसा लगने लगा है कि हरियाणा में कांग्रेस के अंदर जो नेता बचे हैं। वह सीएलपी लीडर बनने के योग्य हीं नही है।
ढांडा आज झज्जर गुरूकुल के 109 वें वार्षिकोत्सव में भाग लेने आए थे और यहीं पर मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे थे। इस दौरान उन्होंने झज्जर गुरूकुल की खेल नर्सरी सहित कई अन्य मांगों पर विचार किए जाने की भी बात कही।
गुरूकुल में अपनी कला का प्रदर्शन करते छात्र।
किसानों के साथ हुई बर्बता का ठीकरा पंजाब सरकार के सिर फोड़ा
पंजाब के खन्नौरी बॉर्डर से किसानों को वहां से हटाए जाने के सवाल का जवाब देते हुए इस सारे प्रकरण का ठीकरा महिपाल ढांडा ने पंजाब की मान सरकार पर फोड़ा है। उन्होंने पंजाब की मान सरकार को निकम्मी बताते हुए कहा कि पंजाब की मान सरकार ने वहां के किसानों का शोषण किया है।
सरकार 24 फसलों पर दे रही है एमएसपी कार्यक्रम के दौरान ढांडा अपनी हरियाणा की भाजपा सरकार की पीठ थपथपाएं जाने से भी नहीं चूके। उन्होंने कहा कि हरियाणा में नायब सैनी सभी 24 फसलें एमएसपी पर किसानों से खरीद रही है। इतिहास गवाह है कि साल 2013 और 14 में किसानों की फसलें औने-पौने दामों में खरीदी जाती थी।

झज्जर गुरूकुल में पहुंचे शिक्षा मंत्री महिपाल ढ़ांडा।
नई शिक्षा नीति को साल 2025 में करेंगे लागू
इस दौरान उन्होंने केन्द्र की नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति की भी सराहना करते हुए कहा कि केन्द्र का प्रयास है कि इस नई शिक्षा नीति को पूरे देश में साल 2030 तक लागू कर दिया जाए। लेकिन हरियाणा में इस शिक्षा नीति को इसी साल 2025 में पूर्णतया लागू कर दिया जाएगा। इसके लिए सभी अधिकारियों को आदेश दे दिए गए हैं।
फसल की खरीद समय पर शुरू होने की कही बात
उन्होंने हरियाणा में नई फसल की खरीद समय पर शुरू होने की बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है किसानों को उनकी फसलों की खरीद में किसी प्रकार से कोई परेशानी न आने दी जाए।