मैं अपनी पत्नी के ताने से तंग आ गया था। रोजाना वो मुझसे लड़ाई करती थी। मैने सोचा रोज रोज की लड़ाई से अच्छा है इसे मार दूं। वो सो रही थी उसी समय किचन से चाकू लाया और गर्दन काट दी। खून निकलने लगा फिर कमरे में ही रखी हथोड़ी से उसके चिर और चेहरे पर वार कर उ
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नूरउल्ला हैदर ने अपने कबूलनामा ने कहा कि मै पिछले दस साल से बेरोजगार हूं। मेरी पत्नी आसमा खान एनएमसी कंपनी में प्रोजेक्ट मैनेजर थी। इसी बात को लेकर मेरी पत्नी मुझे ताना मारती और दुर्व्यवहार करती थी। जिससे आपसी पारिवारिक विवाद चल रहा था। हालांकि उसने कबूल नामे में पत्नी का अवैध संबंध जैसा नहीं बताया।
पुलिस गिरफ्त में हत्यारोपी नुरउल्ला हाथ में चाकू और हथोड़ी लिए हुए।
लेकिन उसे इस बात का भी शक था। वो अपनी पत्नी को फोन पर बात करने से मना करता था। उसने बताया कि 4 अप्रैल को मेरी पत्नी एक फिर से मुझसे लड़ाई करने लगी। उस दौरान उसकी मां और बच्चे घर में ही थे।
लड़ाई करने के बाद वो सोने चली गई। मैने सोचा की रोज-रोज की लड़ाई से अच्छा है इसे मार दू। मैने सोती हुई पत्नी की हत्या कर दी। इसका मुझे को इलम नहीं है। पुलिस ने इस कबूलनामे और साक्ष्य के आधार पर आरोपी पति नूरउल्ला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। साथ हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू और एक हथोड़ी मौके से बरामद की है।

वारदात के बाद मौके पर पहुंची पुलिस जांच पड़ताल करते हुए
तीन दिन से हो रहा था झगड़ा
आसमां के बेटे और एमिटी यूनिवर्सिटी के बीटेक छात्र 19 साल के समद ने बताया कि उनके माता-पिता की 2005 में शादी हुई थी। हाल के हफ्तों में वे रोजाना झगड़ते रहते थे। समद ने बताया, शुक्रवार को हम अपने कमरे में थे, जब मेरी बहन इनाया दोपहर 1 बजे के आसपास मम्मी को देखने गई। उसने दरवाजा खोला और पाया कि वह बिस्तर पर खून से लथपथ पड़ी थीं। पास में खून से लथपथ एक तकिया भी था। वह चिल्लाने लगी कि मम्मी मर गई हैं। पिछले तीन दिनों से वह उनसे लड़ रहे थे, उनका फोन चेक कर रहे थे।

इसी मकान के फर्स्ट फ्लोर पर बने कमरे में की गई थी आसमा की हत्या
10 साल से था बेरोजगार कबूलनामे में बताया कि मै करीब 10 साल से बेरोजगार था। नूरउल्ला भी इंजीनियर है। वो भी एक कंपनी में काम करता था। लेकिन जब से नौकरी छोड़ी उसके बाद से उसे नौकरी नहीं मिली। इसी बात को लेकर अक्सर ताना मिलता था। लेकिन पिछले एक साल से नूरउल्ला के मन में असामा को लेकर अवैध संबंध का शक पनपने लगा। जिसके बाद वो अक्सर आसमा मोबाइल चेक करता था। साथ ही उससे फोन नंबर और अननोन नंबर से आने वाले फोन की जानकारी लेने लगा। ये बात बच्चों को भी नागवार लगती थी।