दतिया की लहार हवेली पंचायत में मंजू देवी सरपंच बनीं, 935 वोटों से जीत दर्ज

दतिया जिले की लहार हवेली ग्राम पंचायत में सरपंच पद का उपचुनाव संपन्न हुआ है। मतगणना के परिणामस्वरूप मंजू देवी भारकर ने अपनी प्रतिद्वंद्वी संगीता को 222 वोट से हराकर जीत दर्ज की। चार मतदान केंद्रों पर कुल 1665 मतपेटी दाखिल हुई। उपचुनाव पिछले सरपंच पर अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद कार्यान्वित किया गया था। मंजू देवी भारकर ने 935 वोट प्राप्त कर जीत हासिल की, जबकि संगीता को 713 वोट मिले। मतदान में कुल 1665 मतों में से 1648 मत वैध रहे और शेष मत अमान्य घोषित किए गए। लहार हवेली ग्राम पंचायत दतिया जिले का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जहाँ स्थानीय जनता की राजनीतिक रुचि उच्च स्तर पर रहती है। इस उपचुनाव में मतदान की उपस्थिति ने स्थानीय लोकतंत्र की सक्रियता को दर्शाया। चार मतदान केंद्रों पर डिब्बाबंद ईवीएम मशीनों का उपयोग कर मतदान किया गया और मतगणना पूर्ण होने पर परिणाम घोषित किया गया। अविश्वास प्रस्ताव के बाद हुए इस उपचुनाव में मतदाताओं ने अपने मत के जरिए जनप्रतिनिधि का चुनाव किया। मंजू देवी भारकर की जीत स्थानीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण घटना मानी जा रही है, क्योंकि इससे पंचायत प्रशासन का कार्य पुनः सामान्य पावर पर आ गया है। पिछले सरपंच पर अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद पद शून्य हो गया था, जिससे उपचुनाव की आवश्यकता उत्पन्न हुई। मतदान प्रक्रिया शांत और सुचारू रही और कोई गंभीर घटना की रिपोर्ट नहीं मिली। मंजू देवी भारकर ने अपनी जीत पर स्थानीय जनता के विश्वास को लेकर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह पंचायत विकास कार्यों पर ध्यान केंद्रित करेंगी। इस बीच, हारने वाली संगीता ने मतगणना स्वीकार की और मंजू देवी को शुभकामनाएं भेजीं। दतिया जिला प्रशासन ने उपचुनाव को शांति पूर्वक संपन्न होने के लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित की। लहार हवेली पंचायत के इस उपचुनात में स्थानीय राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी देखी गई, जिससे मतदान में रुचि बढ़ी। कुल 1665 मतों में से 935 वोट मंजू देवी को और 713 वोट संगीता को मिलकर एक स्पष्ट जीत दर्ज की गई। यह उपचुनाव पंचायती राज की लोकतांत्रिक प्रक्रिया का एक उदाहरण है, जिसमें मतदाताओं ने अपनी पसंदीदा उम्मीदवार को मतदान के माध्यम से चुना। दतिया जिले में लहार हवेली ग्राम पंचायत का यह उपचुनाव स्थानीय प्रशासन और नागरिकों के बीच विश्वास को बहाल करने का माध्यम बना। मंजू देवी भारकर की जीत से पंचायत कार्यों में नई गति आने की उम्मीद है। स्थानीय जनता ने मतदान के माध्यम से अपनी प्रतिबद्धता दिखाई और परिणाम स्पष्ट रूप से मंजू देवी के पक्ष में आया। इस उपचुनाव के माध्यम से स्थानीय लोकतंत्र की मजबूती और जनप्रतिनिधि के चुनाव की प्रक्रिया को दर्शाया गया।




