देवरी के किन्नर गोलू हाजी की हार्ट अटैक से मौत: दो पहले इलाज के लिए दिल्ली गए थे, राष्ट्रीय विकलांग पार्टी के थे अध्यक्ष

सागर जिले के देवरी में किन्नर समाज के मुखिया और राष्ट्रीय विकलांग पार्टी के अध्यक्ष किन्नर हाजी गोलू का 45 वर्ष की आयु में हृदय गति रुक जाने से निधन हो गया। सूत्रों की जानकारी के अनुसार, गोलू हाजी को पिछले कुछ समय से दिल की समस्याओं से जूझना पड़ रहा था और उन्होंने इलाज के लिए दिल्ली भी जाने थे, फिर भी उनकी हार्ट अटैक से मौत हो गई। खबर फैलते ही सागर जिले समेत पूरे प्रदेश से किन्नर समाज के सदस्य और राष्ट्रीय विकलांग पार्टी के कार्यकर्ता देवरी पहुंचने लगे। उनके निधन पर स्थानीय समुदाय में गहरा शोक मचा हुआ है। किन्नर समाज के मुखिया के रूप में गोलू हाजी ने समुदाय के मुद्दों पर काम किया और राष्ट्रीय विकलांग पार्टी के माध्यम से विकलांग वर्ग के अधिकारों के लिए आवाज उठाने का प्रयास किया। राष्ट्रीय विकलांग पार्टी के अध्यक्ष पद पर कार्यरत गोलू हाजी की मौत से पार्टी और समुदाय दोनों पर गहरा असर पड़ा है। सूत्रों के अनुसार, उनके शव को समुदाय के सदस्यों द्वारा अंतिम संस्कार के लिए तैयार किया जा रहा है। दिल्ली से लौटने के बाद भी उनकी स्थिति स्थिर नहीं हुई थी और लगातार चिकित्सा देखभाल की जा रही थी। किन्नर समुदाय में गोलू हाजी की मौत की खबर ने शोक की लहर छा दी है। सागर जिले के अलावा अन्य जिलों से भी समुदाय के लोग देवरी पहुंचे हैं ताकि अंतिम संस्कार में श्रद्धांजलि अर्पित की जा सके। उनके निधन से समुदाय के कार्यकर्ताओं और राजनीतिक दलों में चिंता व्यक्त हुई है। गोलू हाजी के निधन पर स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शोक व्यक्त किया। उनकी मौत से किन्नर समाज और विकलांग वर्ग के लिए एक बड़ी कमी महसूस हो रही है। राष्ट्रीय विकलांग पार्टी की भविष्य की रणनीति और समुदाय के नेतृत्व को लेकर सवाल उठे हैं। सूत्रों की मानें तो गोलू हाजी को पिछले कुछ दिनों पहले दिल की गंभीर समस्या के कारण दिल्ली भेजा गया था, जहां उनका इलाज हुआ। लेकिन स्वास्थ्य स्थिति स्थायी रूप से सुधारने में सफलता नहीं मिली। वापसी के बाद भी निरंतर चिकित्सा उपचार जारी था। हार्ट अटैक के कारण उनकी अचानक मौत ने परिवार और समुदाय को झकझोर दिया है। किन्नर समाज के मुखिया के रूप में गोलू हाजी ने समुदाय के शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार संबंधी मुद्दों पर कार्य किया। राष्ट्रीय विकलांग पार्टी के माध्यम से उन्होंने विकलांग वर्ग को राजनीतिक पहचान दिलाने का प्रयास किया। उनकी मौत से समुदाय के कार्यकर्ता और समर्थक निराश और दुखी हैं। देवरी स्थिति में उनके निधन की खबर फैलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया। शव अस्पताल से हटाकर देवरी लाया गया, जहां मौजूदा किन्नर समुदाय के सदस्यों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। अंतिम संस्कार की व्यवस्था के लिए परिवार और समुदाय के प्रमुख बैठक कर रहे हैं। राष्ट्रीय विकलांग पार्टी के अन्य नेताओं ने गोलू हाजी के निधन पर शोक व्यक्त किया और उनके परिवार के प्रति सहानुभूति जताई। उनकी मौत से पार्टी के भविष्य और समुदाय के नेतृत्व संबंधी प्रश्न उठे हैं। सूत्रों के अनुसार, उनके बिना पार्टी और समुदाय को नेतृत्व की चुनौती का सामना करना पड़ेगा। किन्नर समुदाय में गोलू हाजी की मौत ने न केवल राजनीतिक दल को बल्कि समग्र समुदाय को भी प्रभावित किया है। उनकी व्यक्तिगत विशेषताओं और कार्यों को लेकर समुदाय के सदस्य याद कर रहे हैं। दिल्ली में इलाज के दौरान और वापसी के बाद उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही थी। सागर जिले में देवरी क्षेत्र के निवासियों ने भी शोक व्यक्त किया है। गोलू हाजी की मौत से स्थानीय समुदाय में एक अव्याहित खाई महसूस हो रही है। उनके निधन पर स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने शांति बनाए रखने के लिए प्रयास किए हैं। राष्ट्रीय विकलांग पार्टी के अध्यक्ष के रूप में गोलू हाजी ने विकलांग वर्ग के अधिकारों के लिए काम किया। उनकी मौत से पार्टी की गतिविधियां और भविष्य की रणनीति पर सवाल उठे हैं। समुदाय के मुखिया के रूप में उनकी भूमिका को लेकर भी चिंता व्यक्त हुई है। अंतिम संस्कार की तारीख और समय की घोषणा अभी नहीं हुई है। परिवार और समुदाय के प्रमुख इसकी तैयारी में व्यस्त हैं। गोलू हाजी की मौत की जानकारी सोशल मीडिया पर भी फैलती जा रही है और समुदाय के सदस्य शोक व्यक्त कर रहे हैं। सागर जिले के देवरी में किन्नर समाज के मुखिया और राष्ट्रीय विकलांग पार्टी के अध्यक्ष किन्नर हाजी गोलू की 45 वर्ष की आयु में हार्ट अटैक से मौत एक समुदाय और पार्टी के लिए बड़ा प्रहार है। उनके निधन से किन्नर समुदाय और विकलांग वर्ग के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत होगी, जिसमें नेतृत्व और दिशा की चुनौती होगी।




