वार्ड नंबर 1 की महिलाओं ने शराब दुकान के सामने बैठकर भजन-कीर्तन किए।
राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ में रिहायशी क्षेत्रों से शराब दुकानें हटाने की मांग तेज हो गई है। गुरुवार को वार्ड नंबर एक और तीन निवासी महिलाओं ने अलग-अलग तरीकों से विरोध प्रदर्शन किया।
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वार्ड नंबर 1 की महिलाओं ने शराब दुकान के सामने बैठकर भजन-कीर्तन कर शांतिपूर्ण विरोध किया। वार्ड नंबर 3 में महिलाएं शराब दुकान के अंदर धरने पर बैठीं। उन्होंने जोरदार नारेबाजी की। वार्ड के पुरुषों ने भी दुकान के बाहर प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।
महिलाएं बोलीं- नवरात्रि में शराब दुकान बंद कराने बैठना पड़ रहा
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने बताया कि नवरात्रि के पावन दिनों में लोग मंदिरों में पूजा कर रहे हैं। लेकिन, उन्हें शराब दुकान बंद कराने के लिए धरने पर बैठना पड़ रहा है। महिलाओं ने अपनी मजबूरी बताते हुए कहा कि वे बहुत परेशान हैं।
वार्ड नंबर 3 में शराब दुकान के बाहर प्रदर्शन करते रहवासी।
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने बताया कि शराब के नशे में धुत लोग सड़कों पर गाली-गलौज करते हैं, बीच सड़क पर सो जाते हैं और माहौल असुरक्षित बना देते हैं। महिलाओं का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है, और बच्चों पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि वार्ड 1 और 3 में शराब दुकानें पूरी तरह रिहायशी क्षेत्र में हैं। इससे वहां रहने वाले परिवारों को परेशानी हो रही है। खासकर महिलाएं और बच्चे प्रभावित हो रहे हैं।
10 साल से संघर्ष, अब आर-पार की लड़ाई
महिलाओं ने बताया कि वे पिछले 10 वर्षों से इन शराब ठेकों को हटाने के लिए आवेदन देती आ रही हैं। लेकिन, प्रशासन सुनवाई नहीं कर रहा। उन्होंने बताया कि इस बार जब आबकारी विभाग की अधिकारी दुकान को खोलने आईं, तो महिलाओं ने उन्हें दुकान खोलने नहीं दी।
उन्होंने कहा- “मैडम कह रही थीं कि हमें एक-दाे दिन के लिए शराब की दुकान खोलने दें, लेकिन हमने साफ मना कर दिया। अब हम इस जगह एक मिनट के लिए भी शराब ठेका नहीं चलने देंगे।”

अधिकारियों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांग पर अड़े रहे।
प्रशासन की समझाइश बेअसर, महिलाएं डटीं
प्रदर्शन के दौरान अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांग पर अड़े रहे। वार्ड 3 में धरने पर बैठी महिलाओं का कहना है कि वे पिछले 2 घंटे से शराब ठेके के सामने डटी हुई हैं और जब तक यह ठेका पूरी तरह से बंद नहीं होता, वे वहां से हटेंगी नहीं।
नए सत्र में फिर से खोला जा रहा था ठेका
बता दें कि, नरसिंहगढ़ के क्षेत्रवासियों ने पहले से ही इन शराब ठेकों को हटाने की मांग की थी। प्रशासन ने नए वित्तीय सत्र में इन्हें स्थानांतरित करने का आश्वासन दिया था। 31 मार्च को पुराने शराब लाइसेंस की अवधि समाप्त हो गई थी, लेकिन 1 अप्रैल से नए लाइसेंस के तहत फिर से दुकानें खोलने की प्रक्रिया शुरू की गई, जिससे नाराज होकर स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन किया।