बालाघाट में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांच को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। लोक निर्माण विभाग के निर्देश पर जबलपुर परिक्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारी शनिवार को बालाघाट पहुंचे। एमपीआरडीसी के मुख्य अभियंता बीएस मीणा और पीडब्ल्यूडी भवन के मुख्य अभियंता केएस या
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इस दौरान डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन ने वरिष्ठ अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर अपना विरोध दर्ज कराया। एसोसिएशन के जिला इकाई और क्षेत्रीय समिति के अध्यक्ष अर्जुनसिंह सनोडिया और संतोष नागेश ने कहा कि निर्माण कार्यों में कमी के लिए सिर्फ उपयंत्री और सहायक यंत्री को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन निरीक्षकों को सौंपा ज्ञापन।
सिर्फ छोटे अधिकारियों पर हो रही कार्रवाई
जिलाध्यक्ष संतोष नागेश ने आरोप लगाया कि रैंडम जांच के नाम पर कनिष्ठ अधिकारियों पर मानसिक दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि टेंडर में सभी की जिम्मेदारी तय है, लेकिन कार्रवाई सिर्फ छोटे अधिकारियों पर हो रही है। एसोसिएशन की मांग है कि ठेकेदार और वरिष्ठ अधिकारियों की भी जवाबदेही तय की जाए।
निरीक्षक बोले- प्रोत्साहन और कार्रवाई दोनों होंगे
मुख्य अभियंता बीएस मीणा ने बताया कि वे पांच निर्माण कार्यों की जांच करने आए हैं। इनमें बैहर का 50 सीटर छात्रावास, पिंडकेपार-खुर्सीपार-फोगलटोला मार्ग और परसवाड़ा में नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कांट्रेक्ट एग्रीमेंट के प्रावधानों का पालन किया जाएगा। अच्छे काम को प्रोत्साहन और कमियों पर कार्रवाई होगी। जांच का प्रतिवेदन वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा जाएगा।