बेंगलुरु16 मिनट पहले
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आरोपी पति ने पत्नी के पेट में चाकू घोंपा, फिर उसका गला रेत दिया। इसके बाद जिंदा पत्नी को सूटकेस डाल बाथरूम में छोड़कर भाग गया।
कर्नाटक के बेंगलुरु के हुलिमावु इलाके में 26 मार्च को एक पति ने पत्नी की हत्या कर दी थी।
पुलिस जांच में पता चला की आरोपी पति राकेश खेडेकर ने पत्नी गौरी अनिल सम्ब्रेकर को चाकू मारने के बाद जिंदा सूटकेस में पैक कर दिया था। गौरी की मौत सूटकेस के अंदर हुई थी।
फोरेंसिक जांच में सूटकेस में बड़ी मात्रा में बलगम मिला। फोरेंसिक टीम के अनुसार बलगम तभी निकलता है जब व्यक्ति जीवित हो अगर व्यक्ति मर चुका है और उसमें बलगम भरा हुआ है, तो बलगम बाहर नहीं आता।

राकेश के पिता गौरी के मामा हैं। वे चार साल तक लिव-इन रिलेशनशिप में रहे।
राकेश और गौरी में मामूली झगडा हुआ था
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक महाराष्ट्र के रहने वाले राकेश और गौरी अनिल सम्बेकर की शादी करीब दो साल पहले हुई थी वे एक महीने पहले ही मुंबई से बेंगलुरु शिफ्ट हुए थे। राकेश बेंगलुरु की एक टेक फर्म में काम करता था, जबकि गौरी नौकरी ढूंढ़ रही थी।
राकेश ने पुलिस को बताया कि 26 मार्च को उनके बीच झगड़ा हुआ था। राकेश ने उसे थप्पड़ मारा और जवाब में गौरी ने गुस्से से उस पर चाकू फेंक दिया। उसे मामूली चोट आई। इसके बाद राकेश ने गुस्से में उसी चाकू से पत्नी के गले में दो बार और पेट में एक बार वार किया।
मारने के इरादे से गौरी को बेंगलुरु लाया था
पुलिस के अनुसार राकेश गौरी को मारने के लिए ही अपने साथ बेंगलुरु लाया था। मारने के बाद आरोपी ने शव के साथ ट्रॉली ले जाने की कोशिश की, लेकिन जब सूटकेस का हैंडल टूट गया, तो उसने सूटकेस बाथरुम में ही छोड़ दिया। साथ ही राकेश ने फर्श से खून को धोकर साफ किया। उसने घर को बाहर से बंद कर दिया और देर रात अपनी होंडा सिटी कार में भाग गया।
राकेश मुंबई जाकर अपने माता-पिता से मिलना चाहता था। शहर से बाहर निकलने से पहले उसने अपना फोन बंद कर दिया। पुणे के रास्ते में, उसने फोन फिर से चालू कर दिया।
27 मार्च को उसने गौरी के भाई गणेश अनिल साम्ब्रेकर को फोन कर बताया कि उसने गौरी को मार दिया है। इसके बाद गौरी के भाई ने स्थानीय पुलिस को सूचित किया।
मकान मालिक से कहा गौरी ने आत्महत्या कर ली
जांच में पता चला की राकेश ने बिल्डिंग के दूसरे किराएदार प्रभु सिंह को फोन किया था, उसने सिंह को बताया कि उसकी पत्नी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है और उसे पुलिस और बिल्डिंग के मालिक को सूचित करने के लिए कहा। सिंह ने मकान मालिक को फोन किया। मकान मालिक ने पुलिस हेल्पलाइन पर सूचना दी। पुलिस दरवाज़ा तोड़ घर में पंहुची। तलाशी लेने पर उन्हें सूटकेस में गौरी का शव मिला।
मानसिक रूप से परेशान होने का नाटक कर रहा था राकेश
राकेश को पुणे में 27 मार्च को गिरफ्तार कर लिया था। जिसके बाद से राकेश मानसिक रूप से परेशान होने का नाटक कर रहा था। पुलिस के अनुसार वह बिल्कुल ठीक है और असामान्य व्यवहार करके सिर्फ सहानुभूति पाने की कोशिश कर रहा है। वह पुलिस को गुमराह कर रहा है।
राकेश ने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी और उसके माता-पिता के बीच हमेशा मतभेद होते रहते थे। गौरी अलग रहना चाहती थी, इसलिए वह उसे बेंगलुरु ले आया। हालांकि, गौरी ने उसे नए शहर लाने और नौकरी नहीं मिलने का जिम्मेदार ठहराना शुरू कर दिया था।
फिनाइल पीकर आत्महत्या की करने की कोशिश की
राकेश ने गौरी को मारने के बाद आत्महत्या करने की भी कोशिश की थी। मुंबई जाते समय उसने फिनाइल और कॉकरोच मारने वाली दवा खरीदी और उसे पी लिया। बेचैनी महसूस होने पर उस एक बाइक सवार ने शिरवाल अस्पताल पहुंचाया था। जहां इलाज के बाद वह ठीक हो गया था।
राकेश के पिता गौरी के मामा हैं। उसने राकेश के घर में रहकर अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की। दोनों में प्यार हो गया और वे चार साल तक लिव-इन रिलेशनशिप में रहे। उन्होंने दो साल पहले गौरी के परिवार की मर्जी के खिलाफ शादी की थी। गणेश अनिल साम्ब्रेकर और उनकी पत्नी बेंगलुरु आए और विल्सन गार्डन श्मशान घाट पर गौरी का अंतिम संस्कार किया।
गौरी के शव पर चोट के निशान- DCP
DCP दक्षिण पूर्व ने सारा फातिमा ने बताया कि शुक्रवार शाम करीब 5:30 बजे, हमें कंट्रोल रूम में एक संदिग्ध फांसी के मामले के बारे में कॉल आया। जब हमारे हुलीमावु पुलिस इंस्पेक्टर शिकायत के आधार पर जांच करने के लिए घर पहुंचे, तो दरवाजा बंद था। अंदर घुसने के बाद, उन्हें बाथरूम में एक सूटकेस मिला।
DCP के मुताबिक, सूटकेस खोलने पर उसके अंदर एक महिला का शव मिला, जिस पर चोट के निशान थे। हमने उसके पति का पता लगाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं मिला। जब हमने उसका पता लगाया, तो हमें बताया गया कि उसे महाराष्ट्र के पुणे में हिरासत में लिया गया है। हमने अब हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।

सारा फातिमा ने कहा-
हम यह समझने के लिए आगे की जांच कर रहे हैं कि वास्तव में क्या हुआ था। गौरी के शरीर के टुकड़े नहीं किए गए थे। शव में चोटों के निशान थे। चोटें किस तरह की थी इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी। पूरी खबर पढ़ें…