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बंगाल SSC घोटाला, SC ने हाईकोर्ट का फैसला बरकरार रखा: कहा- सिलेक्शन प्रोसेस इतनी कलंकित हो गई कि इसे सुधारा नहीं जा सकता


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  • The Selection Of 25,753 Teachers In West Bengal Schools Is Flawed; Calcutta High Court Upholds The Decision

नई दिल्ली4 मिनट पहले

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सुप्रीम कोर्ट ने 7 मई को राज्य के स्कूल सेवा आयोग (SSC) द्वारा की गई नियुक्तियों पर हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी थी।

सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के स्कूल भर्ती घोटाले से जुड़े कोलकाता हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है।

पश्चिम बंगाल में स्कूल सिलेक्शन कमीशन (SSC) ने 2016 में 25 हजार शिक्षकों और गैर-शिक्षकों को नियुक्ति दी थी। हाईकोर्ट ने नियुक्तियों को अवैध करार दिया था।

सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट की जांच को सही माना है। शीर्ष कोर्ट ने कहा कि पूरी प्रक्रिया में धोखाधड़ी की गई। इसमें सुधार की कोई गुंजाइश नहीं है।

मामले पर सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस संजय कुमार की बेंच ने सुनवाई की। शीर्ष कोर्ट में हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ याचिकाएं दायर की गई थी।

इन पिटीशंस में कहा गया था कि हाईकोर्ट के फैसले को खारिज किया जाए। फैसले में चीफ जस्टिस ने कहा, ‘मेरा मानना है कि पूरी सिलेक्शन प्रोसेस ही बिगड़ी हुई थी। बड़े स्तर पर हेरफेर और धोखाधड़ी की गई। मामले को छिपाने की मंशा ने सिलेक्शन प्रोसेस को इतना कलंकित कर दिया है कि उसे सुधारा नहीं जा सकता। चयन प्रक्रिया की वैधता और विश्वसनीयता खत्म हो गई है।’

दिव्यांग उम्मीदवारों पर पीठ ने कहा कि नए चयन होने तक उम्मीदवारों को वेतन मिलता रहेगा। साथ ही ऐसे उम्मीदवारों को नई चयन प्रक्रिया में भाग लेने की अनुमति दी जाएगी।

चीफ जस्टिस ने कहा ‘ जो उम्मीदवार दोषी नहीं हैं और जो चयन से पहले राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में काम कर रहे थे। इन उम्मीदवारों को पिछले विभागों में जाने का अधिकार होगा, ऐसे आवेदनों पर 3 महीने के भीतर कार्रवाई की जाएगी’।

इसके साथ ही CBI जांच के कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर 4 अप्रैल को सुनवाई करेगी।

अब जानिए क्या है पूरा मामला

पश्चिम बंगाल सरकार ने 2016 में स्टेट लेवल सेलेक्शन टेस्ट-2016 (SLCT) के जरिए सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों के लिए टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ की भर्ती की थी। तब 24,640 रिक्त पदों के लिए 23 लाख से अधिक लोगों ने भर्ती परीक्षा दी थी।

इस भर्ती में 5 से 15 लाख रुपए तक की घूस लेने का आरोप है। मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट को कई शिकायतें मिली थीं। भर्ती में अनियमितताओं के मामले में CBI ने राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी, उनकी करीबी अर्पिता मुखर्जी और SSC के कुछ अधिकारियों को गिरफ्तार किया था। अर्पिता पेशे से मॉडल थीं।

ED ने शिक्षक भर्ती घोटाले में पार्थ चटर्जी (पूर्व शिक्षा मंत्री) को 23 जुलाई 2022 को अरेस्ट किया था। इसके बाद उनकी करीबी मॉडल अर्पिता मुखर्जी के घर पर पड़े छापे में 49 करोड़ रुपए कैश और ज्वेलरी मिली थीं।

ED ने शिक्षक भर्ती घोटाले में पार्थ चटर्जी (पूर्व शिक्षा मंत्री) को 23 जुलाई 2022 को अरेस्ट किया था। इसके बाद उनकी करीबी मॉडल अर्पिता मुखर्जी के घर पर पड़े छापे में 49 करोड़ रुपए कैश और ज्वेलरी मिली थीं।

मॉडल अर्पिता के घर से 49 करोड़ कैश और करोड़ों की ज्वेलरी मिली थी

ED ने 22 जुलाई, 2022 को पार्थ चटर्जी के ठिकानों समेत 14 जगहों पर छापेमारी की थी। घोटाले में बंगाल की एक मॉडल अर्पिता मुखर्जी से जुड़ी जानकारी भी सामने आई। छापेमारी के दौरान अर्पिता मुखर्जी की प्रॉपर्टी के दस्तावेज मिले थे।

अर्पिता के फ्लैट से करीब 21 करोड़ रुपए कैश, 60 लाख की विदेशी करेंसी, 20 फोन मिले थे। 24 जुलाई को ED ने अर्पिता और पार्थ को गिरफ्तार कर लिया था।

इसके बाद एक और छापेमारी में अर्पिता के घर से फिर से 27.9 करोड़ रुपए कैश मिला था। इसमें 2000 रुपए और 500 रुपए के नोटों के बंडल थे। इसके अलावा 4.31 करोड़ रुपए का गोल्ड मिला। इसमें 1-1 किलो की 3 सोने की ईंटें, आधा-आधा किलो के 6 सोने के कंगन और अन्य ज्वेलरी शामिल थे।

30 सितंबर को ​​​​​​मामले में पहली CBI चार्जशीट दाखिल हुई थी

CBI ने पिछले साल 30 सितंबर, 2024 को पहली चार्जशीट पेश की थी। इसमें पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी समेत 16 लोगों के नाम थे। पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी तब ED की गिरफ्त में थे। पार्थ 23 जुलाई 2022 से जेल में हैं, उनकी जमानत याचिकाएं खारिज हो चुकी हैं। TMC विधायक और स्टेट प्राइमरी एजुकेशन बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष माणिक भट्‌टाचार्य को ED ने 11 अक्टूबर को गिरफ्तार किया।

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