\n
Maharashtraउत्तर प्रदेशखेलजीवन शैलीजॉब-एजुकेशनटेक-ऑटोटॉप न्यूज़बिज़नसबिहारबॉलीवुडमध्य प्रदेशराजस्थानराज्य-शहरविदेश
होम › मध्य प्रदेश

बड़वानी में 11 से 19 अक्टूबर तक भव्य ओपन गरबा-रास का आयोजन, गुजरात सहित खंडवा-रतलाम के कलाकार देंगे प्रस्तुति; एंट्री रहेगी पूरी तरह निशुल्क

WhatsAppFacebookX

बड़वानी। मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में शारदीय नवरात्रि पर्व की तैयारियां जोरों पर शुरू हो गई हैं। शहर में इस बार भी मां गरबा रास समिति द्वारा नौ दिवसीय ओपन गरबा और रास का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम 11 अक्टूबर 2026 से 19 अक्टूबर 2026 तक अयोध्या धाम फुटबॉल ग्राउंड पर संपन्न होगा। पिछले वर्षों की भांति इस वर्ष भी शहरवासियों और आसपास के क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं को बिना किसी शुल्क के गरबा और रास का आनंद लेने का अवसर मिलेगा। आयोजन की रूपरेखा तय करने के लिए गुरुवार रात राजघाट रोड स्थित वैष्णवी एमिनेंट स्कूल में समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में सभी तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई और कार्यक्रम के स्वरूप को अंतिम रूप दिया गया।

मां गरबा रास समिति के सदस्य कपिल यादव, दिनेश शर्मा सहित अन्य पदाधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि समिति द्वारा वर्ष 2014 से लगातार इस ओपन गरबा रास आयोजन का संचालन किया जा रहा है। पिछले एक दशक से अधिक समय से चल रही इस परंपरा को इस वर्ष भी उसी उत्साह और भक्तिभाव के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। इस वर्ष भी नवरात्रि के पूरे नौ दिनों तक शहर के लोग और आसपास के क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालु निशुल्क ओपन गरबा में शामिल हो सकेंगे। आयोजन को और भी आकर्षक बनाने के लिए निर्धारित स्थल अयोध्या धाम फुटबॉल ग्राउंड पर एक विशेष पंडाल तैयार किया जाएगा। इस पंडाल में हजारों की संख्या में दर्शकों के बैठने और गरबा खेलने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, ताकि लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

इस नौ दिवसीय आयोजन में सांस्कृतिक विविधता का विशेष ध्यान रखा गया है। कार्यक्रम में निमाड़ी, गुजराती सहित विभिन्न पारंपरिक गरबा और नृत्य प्रस्तुतियां देखने को मिलेंगी। निमाड़ अंचल की अपनी एक विशिष्ट लोक संस्कृति है, जिसे निमाड़ी गरबा के माध्यम से दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। इसके साथ ही पारंपरिक गुजराती गरबा का भी समावेश रहेगा। आयोजन की खास बात यह है कि इस बार गुजरात से विशेष रूप से गायक और वादक कलाकारों को आमंत्रित किया गया है, जो अपनी जीवंत प्रस्तुतियों से समा बांधेंगे। गुजरात के इन कलाकारों की उपस्थिति से गरबा का असली और पारंपरिक अनुभव प्राप्त होगा। इसके अतिरिक्त मध्य प्रदेश के खंडवा और रतलाम जिले से भी कुशल कलाकार गरबा रास में अपनी प्रस्तुतियां देने आएंगे। समिति ने स्पष्ट किया है कि पहले दिन से ही विशेष प्रस्तुतियां रखी गई हैं, ताकि शुरुआत से ही दर्शकों का उत्साह बना रहे और हर शाम एक नया अनुभव प्रदान किया जा सके।

नवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजन में आने वाले अतिथियों और दर्शकों के स्वागत के लिए अलग से विशेष बैठक व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही, नवरात्रि के विशेष दिनों में कार्यक्रम में उपस्थित होने वाले दर्शकों और गरबा प्रेमियों के लिए आकर्षक उपहारों की भी घोषणा की गई है। समिति द्वारा लकी ड्रॉ या अन्य माध्यमों से दिए जाने वाले इन उपहारों में फ्रिज, कूलर, वॉशिंग मशीन, एलईडी टीवी और वाटर कूलर सहित कई अन्य घरेलू उपयोगी सामग्रियां शामिल हैं। ये उपहार आम जनता के लिए आयोजन को और भी रोचक बनाएंगे और लोगों को बड़ी संख्या में इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम से जुड़ने के लिए प्रेरित करेंगे।

समिति की गुरुवार रात हुई बैठक में आयोजन को सुचारू, व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए विभिन्न पहलुओं पर गहन चर्चा की गई। भीड़ प्रबंधन, स्वच्छता और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर समिति के पदाधिकारियों ने अपने विचार रखे और जिम्मेदारियां तय की गईं। आयोजन में संगीत और ध्वनि का बहुत महत्व होता है, इसलिए म्यूजिक, साउंड सिस्टम सहित अन्य सभी तकनीकी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी मयंक शर्मा (मय्यू) को सौंपी गई है। वे सुनिश्चित करेंगे कि पूरे मैदान में संगीत की गुणवत्ता बेहतरीन रहे और कलाकारों को प्रस्तुति देने में कोई तकनीकी समस्या न हो।

मां गरबा रास समिति एक सुगठित टीम के रूप में कार्य कर रही है। आयोजन समिति में अध्यक्ष के रूप में सकूं भाई दरबार, उपाध्यक्ष के रूप में रमेश भाई मुकाती, सचिव के रूप में कपिल यादव, कोषाध्यक्ष के रूप में अमित यादव और मीडिया प्रभारी के रूप में आदित्य शर्मा अपनी सेवाएं दे रहे हैं। समिति के सभी पदाधिकारी और सदस्य इस आयोजन को सफल बनाने के लिए दिन-रात एक कर रहे हैं। समिति ने बड़वानी शहर और आसपास के क्षेत्रों के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे 11 से 19 अक्टूबर तक चलने वाले इस नौ दिवसीय ओपन गरबा रास आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल हों। माता की भक्ति, पारंपरिक नृत्य और सामूहिक उल्लास के इस महापर्व में जुड़कर नवरात्रि की शोभा को और भी बढ़ाएं। एंट्री पूरी तरह निशुल्क होने से सभी वर्ग के लोग बिना किसी आर्थिक चिंता के इस आयोजन का लाभ उठा सकेंगे।