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बदनावर: फोरलेन पर तेज रफ्तार वाहन ने बाइक सवार परिवार को रौंदा, दंपती समेत बेटी की मौके पर दर्दनाक मौत; आक्रोशित ग्रामीणों ने किया चक्काजाम

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मध्य प्रदेश के धार जिले के बदनावर क्षेत्र में शनिवार सुबह एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है। लेबड़-नयागांव फोरलेन स्थित पिटगारा चौराहे पर एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने बाइक पर सवार एक ही परिवार को बुरी तरह से कुचल दिया। इस भीषण दुर्घटना में बाइक सवार 35 वर्षीय राहुल, उनकी 30 वर्षीय पत्नी पूजा और 13 वर्षीय बेटी सुमन की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, परिवार की दूसरी बेटी शिवानी इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गई है। इस भयानक हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम छा गया है और लोगों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा परिवार आज शनिवार की सुबह अपने गांव बड़ा कठोड़िया से खेरवास स्थित अपने खेत की ओर जा रहा था। परिवार के सभी सदस्य एक ही बाइक पर सवार थे। उनका उद्देश्य खेत में लहसुन की बोवनी का कार्य करना था। किसान परिवार अपनी रोजमर्रा की कृषि संबंधी जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए घर से निकला था, लेकिन उन्हें यह नहीं पता था कि यह सफर उनके जीवन का आखिरी सफर साबित होने वाला है। जब वे पिटगारा चौराहे पर पहुंचे, तभी विपरीत दिशा या पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयंकर थी कि बाइक सवार तीन लोगों—राहुल, पूजा और उनकी बेटी सुमन—की मौके पर ही मौत हो गई। चौथी सदस्य बेटी शिवानी गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिली, जिसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाने की प्रक्रिया शुरू की गई।

हादसे की सूचना जैसे ही आसपास के क्षेत्रों और गांवों में फैली, बड़ी संख्या में ग्रामीण और मृतकों के परिजन तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। अपने ही गांव के एक पूरे परिवार को इस तरह सड़क पर लहूलुहान और मृत अवस्था में देखकर लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने तत्काल लेबड़-नयागांव फोरलेन पर चक्काजाम कर दिया। लोगों ने सड़क के बीचोंबीच बैठकर और नारेबाजी करते हुए मार्ग को पूरी तरह से अवरुद्ध कर दिया। समाचार लिखे जाने तक करीब दो घंटे से अधिक समय से यह चक्काजाम जारी था, जिसके कारण फोरलेन पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह से ठप हो गया।

ग्रामीणों का आरोप है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने स्पष्ट रूप से कहा कि पिटगारा चौराहे और इस फोरलेन के आसपास पहले भी कई बड़े और जानलेवा सड़क हादसे हो चुके हैं। बार-बार ऐसी घटनाएं होने के बावजूद सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं। ग्रामीणों ने सीधे तौर पर फोरलेन निर्माण और संचालन कंपनी पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कंपनी की ओर से इस चौराहे पर पर्याप्त सुरक्षा उपाय, चेतावनी संकेत या गति नियंत्रण के इंतजाम नहीं किए गए हैं, जिसके चलते आए दिन तेज रफ्तार वाहन दुर्घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं और निर्दोष लोग अपनी जान गंवा रहे हैं।

फोरलेन पर चक्काजाम और स्थिति को बिगड़ता देख प्रशासनिक अमला भी तुरंत हरकत में आया। घटना की गंभीरता को देखते हुए बदनावर के अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) प्रियंका मिमरोट, तहसीलदार सुरेश नागर, अनुविभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीओपी) अरविंद सिंह तोमर और थाना प्रभारी (टीआई) अमित सिंह कुशवाह सहित अन्य पुलिस बल तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने धरने पर बैठे आक्रोशित ग्रामीणों और शोक संतप्त परिजनों से विस्तार से चर्चा की। अधिकारियों ने लोगों को शांत करने का प्रयास किया और उनकी मांगों को सुनकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक ग्रामीण अपने रुख पर अड़े हुए थे और फोरलेन पर चक्काजाम की स्थिति बरकरार थी।

पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की आवश्यकत कार्रवाई शुरू की। इसके साथ ही, बाइक को टक्कर मारने वाले अज्ञात वाहन और उसके चालक की तलाश के लिए पुलिस टीमों को सक्रिय कर दिया गया है। पुलिस द्वारा फोरलेन पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि दुर्घटना के बाद भाग निकलने वाले वाहन का सुराग लगाया जा सके। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि टक्कर मारने वाला वाहन किस प्रकार का था या वह किस दिशा से आ रहा था।

यह दर्दनाक हादसा एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्गों और फोरलेन सड़कों पर बढ़ती दुर्घटनाओं और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के गंभीर मुद्दे को सामने लाता है। लहसुन की बोवनी के लिए खेत जा रहे एक मेहनतकश किसान परिवार का इस तरह सड़क पर उजड़ जाना पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। प्रशासन अब ग्रामीणों की मांगों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर क्या कदम उठाता है, इस पर पूरे क्षेत्र की निगाहें टिकी हुई हैं। फिलहाल बदनावर के पिटगारा चौराहे पर तनावपूर्ण शांति है और चक्काजाम के कारण यातायात व्यवस्था चरमराई हुई है।