बलरामपुर जिले के सेमरसोत अभ्यारण अंतर्गत ग्राम पंचायत घाघरा में गुरुवार सुबह मक्के के खेत में पानी पटाने गए युवक को हाथी ने कुचलकर मार डाला। हाथी के हमले के दौरान भाग रहे दो अन्य युवक गिरकर घायल हो गए हैं। सूचना पर अभ्यारण के वनकर्मी मौके पर पहुंचेे।
.
जानकारी के मुताबिक, सेमरसोत अभ्यारण अंतर्गत कोदौरा रेंज के ग्राम पंचायत घाघरा का निवासी दिनेश पोया (35) अपने दो साथियों रामकरण गोंड़ (40) एवं रोहित नागवंशी (24) के साथ मक्के की फसल में पानी देने के लिए सुबह करीब पांच बजे खेत में गए थे। मक्के के खेत में तड़के तीन बजे से एक हाथी घुसा हुआ था। हाथी की मौजूदगी की जानकारी मिलने पर तीनों युवक भागने लगे।
मौके पर पहुंचे वनकर्मी एवं ग्रामीण
एक को कुचला, गिरकर दो घायल दिनेश पोया को खेत में हलचल का एहसास हुआ तो वह मक्के के खेत में घुसा, जहां हाथी ने उसे पकड़कर पटक दिया। शोर सुनकर उसके साथी रामकरण और रोहित भाग निकले। हाथी ने दिनेश पोया को पटक-पटककर मार डाला। रामकरण एवं बिरजू ने ग्रामीणों को इसकी सूचना दी। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे, तब तक दिनेश पोया की मौत हो गई थी।
पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया शव घटना की सूचना पर कोदौरा रेंजर एवं वनकर्मियों के साथ कोदौरा पुलिस मौके पर पहुंची। दिनेश पोया के शव को पंचनामा पश्चात् पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। घर में मृतक की पत्नी राजमुनी एवं 2 बच्चे हैं। वह परिवार का इकलौता कमाऊ सदस्य था। वन विभाग ने परिजनों को तत्कालीन सहायता राशि 25 हजार रुपए प्रदान किया है।

क्षेत्र में विचरण कर रहा है लोनर हाथी
वन विभाग ने लोगों को जंगल की ओर न जाने की सलाह भी दी है। हाथी पास के जंगल में मौजूद है, जिससे लोग दहशत में हैं।
बलरामपुर में चार दिनों में चौथी मौत बलरामपुर जिले में हाथी के हमले में चार दिनों में यह चौथी मौत है। रामानुजगंज वन परिक्षेत्र के ग्राम फुलवार में सोमवार शाम हाथी ने दंपती पर हमला कर दिया था। हाथी ने महिला अस्मीना अंसारी के हाथ उखाड़ दिए थे, जिसकी अंबिकापुर में मौत हो गई। उसका पति उस्मान अंसारी घायल है। वहीं फुलवार में हमले के बाद उक्त हाथी रामपुर पहुंच गया। तड़के करीब 3 बजे महुआ बीनने के लिए खेत में गए दुर्गा प्रसाद (48) को पटक-पटककर मार डाला। दुर्गा प्रसाद अंबिकापुर कमिश्नर आफिस का प्यून था। वहीं बुधवार को एक जंगली हाथी ने महुआ बिनने गई पहाडी कोरवा महिला गिद्दी कोरवा (50) को मार डाला था। वह अपने पति सुखू लाल कोरवा और ग्रामीणों के साथ जंगल महुआ बिनने गई थी।