बिहार में सड़कों पर बेटियों के साथ होने वाली दरिंदगी की घटनाएं एक बार फिर चर्चा का विषय बनी हैं। जमुई, सारण और जहानाबाद में हुई तीन अलग-अलग घटनाओं की जानकारी सामने आई है, जिनमें आरोपियों की पहचान, गिरफ्तारी और कानूनी प्रक्रिया का विवरण मिलता है। इनमें से एक मामले में मुख्य आरोपी नंदन यादव को पुलिस ने एनकाउंटर कराया है, जबकि दो अन्य मामलों में अभी तक न्यायिक प्रक्रिया जारी है।
जमुई कांड की घटना 19 सितंबर की शाम करीब 7 बजे की है। इस घटना में दोनों पीड़ित बच्चे 10वीं कक्षा में पढ़ते हैं। शनिवार को ट्यूशन समाप्त होने के बाद दोनों जमुई स्थित मड़वा पहाड़ी घूमने गए थे। लौटते समय कुछ युवकों ने उन्हें रोक लिया और इसके बाद यह घटना हुई। आरोपियों ने दोनों छात्राओं के साथ गाली-गलौज और मारपीट की, जबकि छात्रा के साथ आपत्तिजनक हरकत का वीडियो बनाया और इसे सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दिया गया। प्राइवेट पार्ट टच किए जाने के आरोपों के साथ-साथ दोनों छात्राओं के साथ करीब एक घंटे तक अभद्रता की गई। इस दौरान दोनों ने बार-बार भागने की कोशिश की और संघर्ष भी हुआ। मुख्य आरोपी नंदन यादव ने छात्रा को पीछे से पकड़ लिया। पुलिस की जानकारी के अनुसार, नंदन यादव को मंगलवार को पुलिस ने देखते ही भागने की कोशिश करने के बाद पैर में गोली मारकर गिरफ्तार किया गया। जमुई थाना कांड संख्या 428 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और पॉक्सो (POCSO) एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों पर BNS की धारा 74, 75, 76 और अन्य संबंधित गंभीर धाराएं लगी हैं, इसके अलावा पॉक्सो एक्ट की धारा 8 और 12 भी लागू की गई हैं।
दूसरी घटना सारण जिले की है। 29 अप्रैल 2018 की सुबह करीब 7:25 बजे पुलिस अधिकारी श्याम सुंदर सिंह के मोबाइल पर एक वीडियो आया, जिसमें कुछ लोग एक लड़की के कपड़े उतारकर उसके साथ रेप का प्रयास करते दिखाई दे रहे थे। वीडियो में घटनास्थल पर पड़ी एक बाइक भी दिख रही थी। इस वीडियो को देखकर सारण पुलिस ने तुरंत हरकत की। पुलिस ने वीडियो का वेरिफिकेशन किया और माज 8 घंटे के भीतर घटनास्थल की पहचान दरियापुर के लक्ष्मण चौक के रूप में की। मामले की गंभीरता को देखते हुए सारण पुलिस ने खुद संज्ञान लेते हुए प्राथमिकी (FIR) दर्ज की और कुल 6 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया। इस केस में अब तक किसी को सजा नहीं हुई है और मामला ट्रायल में है।
तीसरी और सबसे पुरानी घटना जहानाबाद से जुड़ी है, जो 25 अप्रैल 2018 की सुबह करीब 9 बजे घटित हुई थी। इस घटना में एक नाबालिग लड़की कोचिंग से बाहर निकली तभी अरविंद नाम का युवक बाइक लेकर उसके पास पहुंचा। उसने कहा कि उसकी सहेली बुला रही है। लड़की सहेली के पास जाने के लिए बाइक पर बैठ गई, लेकिन अरविंद उसे सहेली के पास नहीं ले जाकर घोसी रोड की तरफ भरथुआ के आगे एक सुनसान रास्ते पर ले गया। कोर्ट में पीड़िता ने बताया कि वहां अरविंद ने उसके साथ बदसलूकी शुरू कर दी, उसकी सलवार फाड़ दी और उसके साथ गलत हरकत की। इसके बाद वहां 8-9 और लड़के पहुंच गए और उन्होंने भी उसके साथ छेड़छाड़ की, कपड़े फाड़े और रेप का प्रयास किया। इसी दौरान घटना का वीडियो भी बनाया गया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। पीड़िता के मुताबिक, उसकी चीख सुनकर पास में भैंस चरा रहा एक व्यक्ति वहां पहुंचा और उसने उसे बचाया। अरविंद ने उसे बाइक पर बैठाकर बैरागीबाग ले गया, जहां उसने कपड़े बदले और फिर उसे घर के पास छोड़ दिया। जाते-जाते धमकी दी कि अगर उसने किसी को कुछ बताया तो जान से मार देगा।
डर और शर्म की वजह से पीड़िता ने शुरुआत में परिवार को कुछ नहीं बताया। कोर्ट रिकॉर्ड के मुताबिक, घटना के करीब 3-4 दिन बाद पुलिस उसके घर पहुंची। पुलिस को उसने पूरी घटना बताई और फिर अपने माता-पिता को भी जानकारी दी। जांच में पुलिस ने वीडियो में दिख रहे आरोपियों की पहचान के लिए अपने सूत्रों की मदद ली। कोर्ट रिकॉर्ड के मुताबिक, कुल 13 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई, जिसमें 11 नाबालिग थे। जांच के दौरान पुलिस ने कई आरोपियों के कपड़े, मोबाइल और दूसरी चीजें जब्त कीं। घटना का वीडियो मोबाइल से रिकॉर्ड किया गया था और वायरल वीडियो तथा जब्त सामान को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया। घटनास्थल की पहचान नहर के पूर्वी छोर कंकड़ बीघा की ओर जाने वाले ईंट के खरंजा रास्ते के रूप में की गई। पुलिस को वहां से पीड़िता के कपड़ों से फटा हुआ एक फीता और बाद में पीड़िता की फटी शमीज भी जब्त की गई।
30 अप्रैल 2018 को पीड़िता की मेडिकल जांच हुई। डॉक्टरों ने उसके शरीर पर बाएं गाल, कान, दाहिनी बांह-कोहनी और बाएं टखने के पीछे चोट के निशान पाए। इस मामले में दोनों दोषियों को 27 सितंबर 2021 की दोपहर करीब 3 बजे 10-10 साल की सजा समोए जाना बताया गया है।
इन तीनों घटनाओं को लेकर बिहार में बेटियों की सुरक्षा का सवाल उठता है। बिहार पुलिस विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी से मार्च तक मासूम बच्चियों, नाबालिग, युवतियों और महिलाओं से रेप के 653 केस दर्ज हुए हैं, जिसका मतलब है हर महीने 218 केस यानी हर दिन 7 रेप। इसमें फरवरी तक 388 केस 18 से कम उम्र की मासूमों के साथ रेप के हैं, जबकि मार्च तक 265 केस 18 से अधिक उम्र वालों के साथ रेप के केस दर्ज किए गए हैं। पिछले तीन सालों से लगातार रेप के केस बढ़ रहे हैं। 2023 में कुल 3089 केस दर्ज हुए, 2024 में यह आंकड़ा बढ़कर 3248 पहुंच गया और 2025 में बिहार में रेप का कुल आंकड़ा 3341 केस दर्ज हुआ है।
रेप के मामलों में टॉप पर राजधानी पटना है। बिहार पुलिस मुख्यालय के मुताबिक, 2023 से 2025 तक सिर्फ पटना जिले में कुल 887 रेप के केस दर्ज किए गए हैं। इसी कतार में भागलपुर, बेतिया, नालंदा और पूर्णिया जिला भी शामिल हैं, जहां 18 से कम और इससे अधिक उम्र की मासूम लड़कियों और महिलाओं के साथ रेप की घटनाएं काफी हुई हैं। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB)- 2024 की रिपोर्ट के मुताबिक, बिहार 2024 में नाबालिगों (किशोरों) के अपराध के मामलों में देश में टॉप पर रहा है, जिसमें 5037 मामले सामने आए हैं।


















