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मध्य प्रदेश के राजगढ़ में वन टीम पर जानलेवा हमला: कार चालक ने दो बार रनिंग वाहन से मारने की कोशिश की, वीडियो वायरल

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मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में वन विभाग की टीम पर एक कार चालक द्वारा जानलेवा हमला करने का गंभीर मामला सामने आया है। घटना गुरुवार रात करीब 11:30 बजे की है, जब डीएफओ वैणी प्रसाद दोतानीय के निर्देश पर वन विभाग की एक चार सदस्यीय टीम माचलपुर-गोघटपुर मार्ग पर रात्रि गश्त कर रही थी। इसी दौरान वनकर्मियों को मार्ग पर एक लकड़ी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ एक कार भी संदिग्ध अवस्था में जाती हुई दिखी।

वन विभाग के अनुसार, दोनों वाहनों को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन कार चालक और ट्रैक्टर चालक ने वाहन रोकने के बजाय तेज रफ्तार में राजस्थान की दिशा में भागने का प्रयास किया। वनकर्मियों द्वारा पीछा करने पर कार चालक ने पहले वनकर्मियों की टीम की ओर तेज रफ्तार से कार दौड़ा दी, जिससे टीम को मुश्किल से अपनी जान बचानी पड़ी। इसके कुछ ही देर बाद उसी कार चालक ने गश्ती वाहन पर भी टक्कर मारने की कोशिश की, लेकिन वनकर्मियों ने सतर्कता दिखाते हुए खुद को बचाया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो शुक्रवार सुबह सामने आया, जिसमें कार चालक की ओर से की गई दोहरी हमले की कोशिश स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

वन विभाग की टीम ने अंततः दोनों वाहनों को माचलपुर क्षेत्र में ही, राजस्थान सीमा में प्रवेश करने से पहले, रोकने में सफलता प्राप्त की। ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरी लकड़ी को राजस्थान की ओर ले जाया जा रहा था। कार और ट्रैक्टर-ट्रॉली दोनों को जब्त कर माचलपुर थाने में खड़ा करवा दिया गया है। विभाग ने इस मामले में वन अपराध दर्ज किया है। हालांकि घटना के बाद सभी आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।

विभागीय सूत्रों के अनुसार, माचलपुर क्षेत्र राजस्थान की सीमा से सटा हुआ है और इस इलाके में लंबे समय से अवैध कटाई और लकड़ी तस्करी की शिकायतें सामने आती रही हैं। राजस्थान के रायपुर क्षेत्र से कुछ लोगों के माचलपुर इलाके में आकर पेड़ काटकर लकड़ी ले जाने की सूचनाएं मिलती रही हैं। वर्तमान मामले में भी वन विभाग जब्त की गई लकड़ी के स्रोत और उसे ले जाने वालों के संबंध में विस्तृत जानकारी जुटा रहा है।

कार्रवाई करने वाली टीम में वनपाल राजू गुर्जर, वनरक्षक भानु प्रताप सिंह, वनरक्षक हेमराज कुशवाहा और वाहन चालक रामबाबू गुर्जर शामिल रहे। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जब्त वाहनों और लकड़ी के संबंध में आगे की विधिक कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस और वन विभाग द्वारा संयुक्त प्रयास किए जा रहे हैं।

यह घटना एक बार फिर अवैध लकड़ी तस्करी के बढ़ते मामलों और वनकर्मियों पर हमलों की गंभीरता को उजागर करती है। राजस्थान से लगी सीमा पर वन विभाग की गश्त को और अधिक प्रभावी बनाने तथा तस्करों पर सख्त कार्रवाई की मांग इस मामले के बाद एक बार फिर जोर पकड़ रही है।

गौरतलब है कि वन विभाग ने लकड़ी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़ने के लिए ही यह गश्त अभियान चलाया था। रात के अंधेरे में टीम को मार्ग पर कुछ संदिग्ध दिखा, जहां लकड़ी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ एक कार भी चल रही थी। जब वनकर्मियों ने दोनों वाहनों को रोकने की कोशिश की तो चालकों ने राजस्थान की ओर भागने का प्रयास किया। पीछा करने पर कार चालक ने पहले टीम की ओर कार दौड़ाई और बाद में गश्ती वाहन को टक्कर मारने का प्रयास किया, लेकिन वनकर्मियों ने सूझबूझ से अपनी जान बचाई। माचलपुर क्षेत्र राजस्थान सीमा से सटा होने के कारण यह मार्ग तस्करों के लिए आसान पलायन का रास्ता बना हुआ है।