भोपाल जिला न्यायालय ने 12 साल की मासूम के अपहरण और दुष्कर्म के तीन आरोपियों को सजा सुनाई है। बच्ची के मां-पिता नहीं हैं। मासूम का अपहरण कर अपने पति और देवर से शादी कराकर दुष्कर्म कराने की आरोपी साधना को विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) कुमुदिनी पटेल ने उम्रक
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शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक दिव्या शुक्ला और ज्योति कुजूर ने की है। आरोपी भवानी शंकर साधना का दूसरा पति है। वहीं, आरोपी मोर सिंह साधना के तीसरे पति का भाई है। घटना 13 अप्रैल 2019 कोलार थाना क्षेत्र की है। पीडिता ने कोर्ट में बताया कि वो अपनी नानी के यहां रहती है। साधना उसी कॉलोनी में रहती थी इसलिए वो उसे पहचानती है। साधना उसे जबरदस्ती गुजरात लेकर गई थी।
भंडारे में ले जाने का कहकर किया अपहरण पीड़िता ने न्यायालय कथन में बताया कि वो अपनी दोस्त से मिलने घर से निकली थी। साधना से उसे भंडारे में चलने का कहा और जबरदस्ती भोपाल रेलवे स्टेशन लेकर आई। विरोध करने पर साधना ने उसके साथ मारपीट की और ट्रेन में बैठाकर गुजरात लेकर चली गई। गुजरात में साधना ने दूसरे पति भवानी के साथ उसकी शादी करा दी। भवानी शंकर उसके साथ दुष्कर्म करता था। एक महीने बाद साधना उसे भोपाल ले आई।
भोपाल में तीसरी शादी की पीड़िता ने बताया कि भोपाल में साधना ने ओमप्रकाश नाम के व्यक्ति के साथ अपनी तीसरी शादी की और उसके देवर मोर सिंह से पीडिता की शादी करा दी। मोर सिंह ने भी उसके साथ दुष्कर्म किया। पीडिता ने अपनी बहन को उसके साथ हुए दुष्कर्म की कहानी बता दी थी। पुलिस ने साधना, मोर सिंह, और भवानी शंकर को गिरफ्तार कर पेश किया था।