यूपी STF ने मुख्तार अंसारी गैंग के शूटर अनुज कनौजिया को एनकाउंटर में ढेर कर दिया है। ADG अमिताभ यश ने बताया कि STF और झारखंड पुलिस ने सूचना के आधार पर अनुज कनौजिया को जमशेदपुर में पकड़ने की कोशिश की।
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मगर उसने सुरक्षा बलों की ओर फायरिंग शुरू कर दी। जबाव में टीम ने भी क्रॉस फायरिंग की। इसमें अनुज कनौजिया को गोली लग गई। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
मुठभेड़ में दोनों ओर से 25 राउंड से अधिक गोलियां चलीं।इसमें गोलीबारी में एसटीएफ के डीएसपी धर्मेश कुमार शाही घायल हुए हैं। उनके बाएं कंधे पर गोली लगी है। उन्हें टीएमएच में भर्ती कराया गया था
36 साल के अनुज पर दो दिन पहले ही मऊ पुलिस ने 2.50 लाख रुपए का इनाम घोषित किया था। उसने 4 मर्डर किए थे। उस पर हत्या, लूट समेत 23 मुकदमे दर्ज हैं।
अनुज कनौजिया का फाइल फोटो।
17 साल में घर छोड़ा, पिता सरकारी टीचर थे
मऊ से 40 किमी दूर गाजीपुर और आजमगढ़ के बॉर्डर पर चिरैयाकोट कस्बा है। इससे 10 किमी दूर, सड़क से 2 किमी अंदर बहलोलपुर गांव है। अनुज कनौजिया इसी गांव का रहने वाला था। अनुज 17 साल का था, जब घर छोड़कर भागा था। उसके पिता हनुमान कनौजिया सरकारी स्कूल में टीचर थे। अनुज के दो और भाई हैं, जिनका नाम मनोज और विनोद है।

यह अनुज का घर है। छत के नाम पर सिर्फ टीन शेड है।
2 साल पहले दैनिक भास्कर से बातचीत में विनोद ने बताया था- 2006-07 की बात है। हमारा पट्टीदारों से झगड़ा हुआ था। बीच में बाबूसाहब (ठाकुर) लोग आ गए। झगड़ा होने पर वे मनोज के पीछे पड़ गए। एक दिन मनोज को बहुत पीटा और अधमरी हालत में खेत में फेंक गए। मनोज ने बदला लेने के लिए बाबू साहब के परिवार के एक आदमी का मर्डर कर दिया और भाग गया। कुछ साल फरार रहा। उसके साथ एक लड़का और था, उसने मुखबिरी कर दी।
‘लिस ने मनोज को पकड़ लिया और बाबू साहब लोगों को सौंप दिया। उन लोगों ने उसे इतना मारा कि उसकी जान निकल गई। पुलिस ने मनोज का एनकाउंटर दिखा दिया। इसके बाद बाबू साहब लोग अनुज के पीछे पड़ गए। अनुज ने बाबू साहब के परिवार के शरद सिंह की हत्या कर दी और फरार हो गया। तब वो 17 साल का था।
मुख्तार अंसारी ने दी थी पनाह
गांव से भागकर अनुज मुख्तार अंसारी के पास पहुंच गया। मुख्तार उससे अपने काम कराता और बदले में उसे पुलिस और जेल जाने से बचाता। हालांकि 6-7 महीने में ही अनुज मुख्तार से अलग हो गया था। इधर झगड़ा बढ़ने के बाद हम अपने परिवार के साथ मुंबई चले गए। मामला शांत हो गया, तभी लौटे। अब प्रशासन हमारे ऊपर कार्रवाई कर रहा है। हमारा घर तोड़ दिया। तालाब की जमीन पर कब्जा किया है। अनुज की कमाई से घर बना है।
जेल में रहते हुए शादी की, पत्नी रंगदारी के मामले में गिरफ्तार अनुज कनौजिया की शादी की कहानी भी फिल्मों जैसी है। उसके भाई विनोद बताता था- दुल्लालपुरवा की एक लड़की रीना राय किसी तरह अनुज से मिली थी। कोई लड़का उसे परेशान कर रहा था। उससे छुटकारा पाने के लिए रीना ने अनुज से मदद मांगी। अनुज ने लड़के को फोन कर समझाया, लेकिन वो नहीं माना।
अनुज ने उसे सुधरने के लिए 15 दिन का वक्त भी दिया। लड़का फिर भी नहीं माना, तो उसकी दुकान पर जाकर गोली मार दी। इसके बाद रीना अनुज को पसंद करने लगी।’ दूसरे समाज की होने के बाद भी परिवार वालों की मर्जी के बिना उसने अनुज से शादी कर ली।
दोनों की शादी पुलिस की कस्टडी में ही हुई। अनुज के जेल जाने के बाद रीना ही उसका काम देख रही थी। मार्च 2023 में रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस ने रीना को झारखंड के रांची से गिरफ्तार किया था। इस वक्त वह जमानत पर है। उसके साथ उसके दो बच्चे भी हैं।

अनुज के भाई विनोद का मकान प्रशासन ने अगस्त 2022 में तोड़ दिया था।
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