Friday, April 4, 2025
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मेरठ में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय से लापता छात्राएं बरामद: वार्डन और पूर्ण कालिक शिक्षिका की सेवा समाप्त, बीएसए से मांगा स्पष्टीकरण, खंड शिक्षा अधिकारी को हटाया – Meerut News



छात्राओं की बरामदगी को व्यापारी नेताओं ने किया था दिन में हंगामा।

कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय (केजीबीवी) से लापता तीनों छात्राएं शुक्रवार रात को बरामद कर ली गईं। एक छात्रा को उसके ताऊ के घर से बरामद किया गया है, जबकि दो छात्राओं को उनके घर से बरामद किया गया है।

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लापरवाही के मामले में कस्तूरबा विद्यालय की प्रभारी वार्डन रीना और पूर्ण कालिक शिक्षिका बिंदिया की सेवा समाप्त कर दी गई है। खंड शिक्षा अधिकारी सरूरपुर अजय कुमार को हटा दिया गया है। जिला समन्वयक बालिका शिक्षा नेमपाल सिंह और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशा चौधरी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। विद्यालय की सुरक्षा में तैनात दो महिला होमगार्ड को भी हटाकर उनकी भूमिका की जांच के आदेश दिए गए हैं।

सरूरपुर थाना क्षेत्र के भूनी गांव में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में 100 छात्राएं पढ़ती हैं। ईद के चलते 57 छात्राएं घर गईं थी। विद्यालय में 43 छात्राएं मौजूद थीं। गुरुवार को तीन विद्यालय से लापता हो गईं। विद्यालय के स्टाफ ने किसी को इसकी जानकारी नहीं दी। गुपचुप छात्राओं की तलाश की जाती रही। इसके बाद हॉस्टल की वार्डन रीना ने बीएसए आशा चौधरी को पूरे मामले की जानकारी दी। बीएसए मौके पर पहुंची लेकिन इसके बाद भी पुलिस और प्रशासन के अफसरों को सूचना नहीं दी गई। जब छात्राओं के बारे में उनके परिजनों से फोन करके पूछा गया तो वे रात में विद्यालय पहुंच गए। परिजनों ने पुलिस को पूरे मामले की सूचना दी। जिसके बाद रात में थाना प्रभारी अजय शुक्ला, सीडीओ नूपुर गोयल, एडीएम प्रशासन बलराम आवासीय विद्यालय पहुंचे। इसके बाद डीएम और एसएसपी ने मौके पर पहुंचकर जांच की। वार्डन रीना की तरफ से सरूरपुर थाने में तीनों छात्राओं के लापता होने का मुकदमा दर्ज कराया गया। एसएसपी ने 20 पुलिसकर्मियों की पांच टीमें बनाकर छात्राओं की तलाश शुरू कराई।

हर्रा के सुहेल से होती थी बात

जांच में सामने आया कि छात्राओं की एक सहेली हर्रा गांव में है। उसके भाई सुहेल से उनकी बात होती थी। पुलिस ने सुहेल से पूछताछ की लेकिन छात्राओं के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद पुलिस ने सर्विलांस की मदद से लोकेशन ट्रेस करते हुए सीसीटीवी खंगाले। देर शाम तक छात्राओं की लोकेशन हापुड़ अड्डे तक मिल गई। गुरुवार रात दस बजे हापुड़ अड्डे के पास लगे सीसीटीवी में दो छात्राएं नजर आईं। यहां से दोनों छात्राएं गढ़ रोड से मेडिकल कॉलेज की तरफ जाते दिखीं। तीसरी छात्रा के सरधना थाना क्षेत्र में उसके ताऊ के घर पर होने की लोकेशन मिली। जिसके बाद पुलिस ने छात्रा को बरामद कर लिया। शुक्रवार देर रात को पुलिस ने दो अन्य छात्राओं को उनके घर से बरामद कर लिया।

रात में जानकार के घर रुकीं, दोपहर को अपने घर गईं

विद्यालय से निकलने के बाद छात्राएं भूनी चौराहे पर पहुंची। यहां पर छात्राओं ने स्कूटी पर जा रहे एक युवक को रोका। उससे कहा कि उनको अपने घर पर कॉल करना है। स्कूटी सवार युवक ने अपने मोबाइल से उनकी बात कराई। एक छात्रा ने उसके मोबाइल से मेडिकल थाना क्षेत्र में रहने वाले अपने एक साथी को फोन किया। इसके बाद छात्राएं वहां से पैदल ही सरधना पहुंची। वहां से बस में बैठकर सरधना फ्लाइओवर पर उतर गईं। यहां से ई-रिक्शा में बैठकर रात दस बजे हापुड़ अड्डे पर पहुंची।

वहां से पैदल ही मेडिकल थाना क्षेत्र में अपने एक परिचित के पास चली गईं। रातभर तीनों छात्राएं वहीं पर रुकी। सुबह पूरा मामला खुलने पर उनके परिचित ने सभी छात्राओं को उनके घर पर पहुंचाया। पुलिस ने सभी को उनके घर से बरामद किया। पूछताछ में छात्राओं ने बताया कि मोबाइल पकड़ा जाने पर वार्डन ने डांट लगा दी थी। इसके चलते वह नाराज होकर पीछे के रास्ते से बाहर निकल गईं।

छात्राओं से फोन पर बात करने वाले 7 युवक हिरासत में

पुलिस ने छात्राओं से फोन पर बात करने वाले 7 युवकों को हिरासत में लिया। उनमें से चार युवक मेडिकल थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। महिला आयोग की सदस्य ने उठाए सवाल, लापरवाही पर हुई कार्रवाई

सीडीओ नूपुर गोयल ने बताया कि पूरे घटनाक्रम में प्रभारी वार्डन रीना देवी, शिक्षिका बिंदिया की लापरवाही के चलते सेवा सेवा समाप्त कर दी गई है। जिला समन्वयक नेमपाल सिंह और बीएसए आशा चौधरी को नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। वहीं, महिला आयोग की सदस्य मीनाक्षी भराला ने विद्यालय में कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने स्टाफ पर बेहद गंभीर लगाए। कई घंटे तक घटना को छिपाते नहीं तो तुरंत मिल जातीं छात्राएं कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की छात्राओं के लापता होने की घटना को बीएसए और वार्डन ने कई घंटे तक छिपाए रखा। अगर लापता होने के बाद ही सूचना पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों को दे दी जाती तो छात्राएं तुरंत बरामद हो जाती।

सीडीओ नूपुर गोयल के अनुसार घटना गुरुवार दोपहर की है। वार्डन रीना ने ढाई बजे जिला समन्वय नेमपाल सिंह को सूचना दी। नेमपाल ने भी इस सूचना को दबाए रखा और साढ़े छह बजे बीएसए आशा चौधरी को सूचना दी। इसके बाद बीएसए ने भी घटना को छिपाए रखा। 3 घंटे बाद रात को सीडीओ को सूचना दी गई। जिसके बाद सीडीओ ने जिलाधिकारी डाॅ. वीके सिंह को पूरे मामले से अवगत कराया।

डीएम ने इस मामले में सीडीओ नूपुर गोयल और एडीएम प्रशासन बलराम सिंह की एक जांच कमेटी बनाई। जांच कमेटी ने शुक्रवार शाम को अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है। माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट में बीएसए, जिला समन्वय अधिकारी और वार्डन तीनों को दोषी माना गया है।

बीएसए से मांगा गया स्पष्टीकरण, शासन को जाएगी रिपोर्ट सीडीओ नूपुर गोयल ने बताया कि बीएसए के देरी से सूचना दिए जाने पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। स्पष्टीकरण मिलने के बाद शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। ईद के दिन भी छात्राओं के बाहर जाने की चर्चा ईद के दिन भी कस्तूरबा विद्यालय की कई छात्राओं के हर्रा खिवाई के एक मुस्लिम परिवार में दावत खाने के लिए जाने की बात सामने आ रही है। इसमें ये भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि वार्डन भी उनके साथ थीं। कमेटी इन आरोपाें की भी जांच कर रही है।

हिंदू संगठन और लोगों ने किया हंगामा

छात्राओं के लापता होने के मामले में विद्यालय के स्टाफ पर आरोप लगाते हुए हिंदू संगठन के लोगों और व्यापारी नेता शैंकी वर्मा आदि ने जमकर हंगामा किया। विद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।

तीनों छात्राएं सकुशल बरामद – एसएसपी

एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि तीनों छात्राओं को सकुशल बरामद कर लिया गया है। पूरे मामले की जांच की जा रही है।



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