Friday, April 4, 2025
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मोगा सेक्स स्कैंडल में आज आएगा फैसला: पूर्व एसएसपी समेत चार पुलिसकर्मी दोषी, 18 साल पुराना है मामला, सीबीआई कर थी जांच – Punjab News


मोगा सेक्स स्कैंडल में आज सीबीआई की अदालत सुनाएगी फैसला।

18 साल पुराने मोगा सेक्स स्कैंडल मामले में आज 4 अप्रैल को मोहाली स्थित सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा चार दोषियों को सजा सुनाई जाएगी। इन चारों दोषियों में मोगा के तत्कालीन SSP दविंदर सिंह गरचा व पूर्व SP हेड क्वार्टर मोगा परमदीप सिंह संधू को PC एक्ट की

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यह मामला 2007 में उस समय सामने आया था, जब राज्य में अकाली-भाजपा सरकार थी। मोगा के थाना सिटी ने जगराओं के एक गांव की लड़की की शिकायत पर सामूहिक दुष्कर्म का मामला दर्ज किया था। इसके बाद पीड़ित लड़की के धारा-164 के बयान दर्ज किए। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने केस में खेल किया। उन्होंने केस में कई व्यापारियों और राजनेताओं के नाम शामिल करने शुरू कर दिए। हालांकि इस दौरान एक नेता ने पुलिस के पैसे मांगने की ऑडियो रिकॉर्ड कर ली। इससे यह मामला सुर्खियों में आ गया।

दोषियों को सजा सुनाए जाने के बाद जेल ले जाती पुलिस।

HC ने कहा जम्मू सेक्स स्कैंडल से कम नहीं

जब इस मामले में राजनेताओं और व्यापारियों के नाम आने लगे, मीडिया में यह केस सुर्खियां बनने लगा तो 12 नवंबर 2007 को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया। साथ ही पुलिस से इस मामले की रिपोर्ट मांगी। इसके बाद सारे केस की जांच करने के बाद हाईकोर्ट ने मामला सीबीआई को सौंप दिया था। उस समय अदालत ने टिप्पणी की थी कि यह केस जम्मू सेक्स स्कैंडल से कम नहीं लगता है।

अमीर लोगों को बनाते थे आरोपी

इस मामले में पुलिस अधिकारियों की मिलीभगत से दो महिलाएं भोले-भाले व्यापारियों और कारोबारियों को फंसाती थीं। उनसे मोटी रकम वसूलती थीं। बाद में जांच में उन्हें क्लीनचिट दे जाती थी। मामले की जांच आगे बढ़ी तो कुछ पुलिस अफसरों को सीबीआई ने गिरफ्तार भी किया। हालांकि अकाली नेता बरजिंदर सिंह मक्खन बराड़, अकाली दल के जिला अध्यक्ष अमरजीत सिंह गिल को बरी कर दिया था।

मृतक मनजीत कौर अपने पति के साथ । फाइल फोटो

मृतक मनजीत कौर अपने पति के साथ । फाइल फोटो

सरकारी गवाह बनी महिला की हुई थी हत्या

इस मामले में मनप्रीत कौर नाम की महिला को सरकारी गवाह बनाया गया। हालांकि बाद में अदालत ने उसे विरोधी घोषित किया। इस वजह से उसके खिलाफ मोहाली अदालत में अलग से कार्रवाई शुरू हुई। इसके अलावा रणबीर सिंह उर्फ राणू व करमजीत सिंह सरकारी गवाह बने। हालांकि इस मामले में सरकारी गवाह बनी मनजीत कौर जीरा के पास नाम बदलकर रह रही थी। साल 2018 में उसकी व उसके पति की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।



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