Sunday, April 6, 2025
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यूपी में जूस विक्रेता-ताला कारीगर को 56 करोड़ के नोटिस: 15 हजार कमाने वाले ने 33 करोड़ का बिजनेस किया, एड्रेस पर हलवाई का घर – Aligarh News


यूपी के अलीगढ़ जिले में इनकम टैक्स विभाग ने चार लोगों को 56.50 करोड़ रुपए का नोटिस भेजा है। खास बात है कि जिन्हें नोटिस दिया गया है, उन्होंने अपने जिंदगी में एक साथ एक लाख रुपए भी नहीं देखें हैं।

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नोटिस के मुताबिक अलग–अलग फर्म बनाकर इन लोगों ने व्यापार किया, लेकिन आयकर रिटर्न दाखिल नहीं किया। इस वजह से ये नोटिस पहुंचा है।

‘दैनिक भास्कर’ इस पूरे केस को समझने ग्राउंड जीरो पर पहुंचा। पड़ताल में पता चला कि जिन्हें नोटिस मिले हैं, उनमें एक ताला कारीगर, दूसरा बैंक सफाईकर्मी, तीसरा जूस विक्रेता और चौथा ट्रांसपोर्ट मजदूर है। इनकी कमाई भी कुछ हजार रुपए मात्र हैं। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…

SBI सफाईकर्मी को 33.88 करोड़ का नोटिस सबसे पहले हम गाजियाबाद-अलीगढ़ हाईवे से करीब 7 किलोमीटर अंदर कस्बा चंडौस में पहुंचे। यहां वाल्मीकि बस्ती में रहने वाले 30 साल के करण कुमार स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की खैर ब्रांच में बतौर सफाईकर्मी काम करते हैं। उनकी तनख्वाह 15 हजार रुपए है।

करण बताते हैं, 29 मार्च की शाम 4 बजे डाक के जरिए एक लिफाफा घर पर आया। उसे खोलकर देखा तो आयकर विभाग का एक नोटिस था। 22 मार्च को जारी हुए इस नोटिस में लिखा था, ‘कार्यालय रिकॉर्ड के अनुसार करदाता करण कुमार ने वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए ITR (इनकम टैक्स रिटर्न) दाखिल नहीं किया। इस दौरान आपने 33 करोड़ 88 लाख 85368 रुपए का बिजनेस किया है।’

दिल्ली में महावीर इंटरप्राइजेज की जगह मिला बघेल निवास करण ने बताया, हमें एक जानकार व्यक्ति से GST नंबर के जरिए इस फर्म की और ज्यादा डिटेल्स निकलवाई। पता चला कि ये फर्म श्री महावीर इंटरप्राइजेज नाम से रजिस्टर्ड है। इसका एड्रेस सोनिया विहार दिल्ली लिखा हुआ है। इस पते पर हमने दिल्ली में रहने वाले एक परिचित व्यक्ति को भेजा, ताकि सच्चाई सामने आ सके। वहां जाकर पता चला कि उक्त एड्रेस पर ‘बघेल निवास’ है, जिस पर राम खिलाड़ी नाम लिखा हुआ है। इस मकान पर ‘रिंकू हलवाई’ नाम से एक बोर्ड भी लगा हुआ है। कुल मिलाकर वहां महावीर इंटरप्राइजेज फर्म जैसा कुछ नहीं था।

करण कुमार आउटसोर्स पर बैंक में सफाईकर्मी हैं। वह आईटी विभाग का नोटिस दिखाते हुए।

करण कुमार आउटसोर्स पर बैंक में सफाईकर्मी हैं। वह आईटी विभाग का नोटिस दिखाते हुए।

करण बोले- 15 हजार तनख्वाह, नोटिस से टेंशन में परिवार करीब डेढ़ सौ गज के मकान में रहने वाले करण 15 हजार रुपए तनख्वाह पाने के लिए हर रोज 25 किलोमीटर दूर बाइक से आते और जाते हैं। हर महीने 5 हजार रुपए घर से बैंक आने जाने में खर्च हो जाते हैं। घर के लिए सिर्फ 10 हजार रुपए बचते हैं। करण के दूसरे भाई लोकेश भी बैंक में सफाईकर्मी हैं, जबकि तीसरे भाई दुर्गेश दिल्ली में जॉब करते हैं।

करण बताते हैं, इस नोटिस के मिलने के बाद से पूरा परिवार टेंशन में है। मैं कई दिन से नौकरी पर नहीं जा पा रहा हूं। आयकर विभाग के पास गया तो उन्होंने कहा कि अगर आपके डॉक्यूमेंट्स से फर्जीवाड़ा हुआ तो पहले FIR कराइए, इससे पहले कुछ नहीं हो सकता।

2 अप्रैल को करण ने थाना चंडौस में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज कराई। इसमें लिखा है कि मेरे पैन कार्ड पर किसी अज्ञात व्यक्ति ने करोड़ों का व्यापार किया है, जिसके आयकर को अदा करने की सूचना आयकर विभाग द्वारा मुझे भेजी जा रही है।

जूस विक्रेता रहीस बोले- जिंदगी में BP की दवाई नहीं खाई, अब खा रहा हूं यहां से हम अलीगढ़ कोर्ट में पहुंचे। सिविल कोर्ट के सामने RS जूस कॉर्नर है। इसके मालिक रहीस हैं, जो सराय रहमान मोहल्ला में तार वाली गली के रहने वाले हैं।

29 साल से जूस बेच रहे रहीस ने बताया, 22 मार्च को डाक के जरिए घर पर इनकम टैक्स का नोटिस आया। इस नोटिस में लिखा है कि मेरे नाम पर पंजाब में खान ट्रेडर्स नाम से कोई फर्म रजिस्टर्ड है। इस फर्म का वित्तीय वर्ष 2021-22 में सिर्फ चार महीने का टर्नओवर 7 करोड़ 79 लाख 2457 रुपए है। इनकम टैक्स ने मुझे इस आय का रिटर्न भरने के लिए नोटिस में कहा है।

रहीस रोजाना जूस की दुकान से 700 से 800 रुपए कमाते हैं।

रहीस रोजाना जूस की दुकान से 700 से 800 रुपए कमाते हैं।

रहीस ने बताया, सामने ही चैंबर में एक वकील साहब बैठते हैं, जो हमारे करीबी हैं। मैंने उनके जरिए SSP अलीगढ़ को एक एप्लिकेशन दी है। मुझे आशंका है कि पैन कार्ड, आधार कार्ड का दुरुपयोग करके GST फर्म रजिस्टर्ड की गई है।

रहीस बताते हैं, जबसे नोटिस आया है, तब से ठीक से सो भी नहीं पा रहा हूं। घर के सभी सदस्य परेशान हैं। मैंने जिंदगी में ब्लड प्रेशर की दवाई नहीं खाई, लेकिन अब खा रहा हूं। हमारे घर पर इस बार ईद का त्योहार भी ठीक से नहीं मना।

ताला कारीगर ने कहा- वकील को फीस देने को 100 रुपए तक नहीं है अलीगढ़ के नौरंगाबाद में किराए के मकान में योगेश शर्मा रहते हैं। योगेश ताला कारीगर हैं। इन्हें भी 29 मार्च को इनकम टैक्स का 11 करोड़ 11 लाख रुपए का नोटिस मिला है। हमने पूछा- इसे कैसे चुकाओगे? योगेश बोले- मेरे पास पैसे ही नहीं हैं, कहां से चुकाउंगा। मेरे पास वकील को 100 रुपए फीस देने तक के लिए पैसे नहीं हैं। केस कैसे लड़ूं , ये भी समझ नहीं आ रहा।

मैं रोजाना 200 से 250 रुपए तक कमा पाता हूं। पत्नी को टीबी की बीमारी है। उसी की बीमारी में सारा पैसा खर्च हो गया। छोटे-छोटे तीन बच्चे हैं। वो भी मेरे साथ काम करते हैं, तब जाकर दो वक्त की रोटी का जुगाड़ हो पाता है। जब से नोटिस आया है, तब से टेंशन की वजह से काम नहीं कर पा रहा हूं।

योगेश शर्मा की आर्थिक स्थिति और खराब है। मोबाइल खरीदने के लिए भी रुपए नहीं हैं।

योगेश शर्मा की आर्थिक स्थिति और खराब है। मोबाइल खरीदने के लिए भी रुपए नहीं हैं।

योगेश किराए के मकान में रहते हैं। वो हर महीने 1200 रुपए किराया देते हैं। घर के गेट पर बीमार बीवी बैठी हुई थी। उसे दिखाते हुए वो कहते हैं, एक लॉटरी (कमेटी) से 70 हजार रुपए आए थे। वो सारे पैसे बीवी के इलाज में खर्च हो गए। अब मेरे पास कुछ नहीं बचा।

CA बोले– आधार कार्ड का मिसयूज होने की आशंका इस पूरे प्रकरण को लेकर ‘दैनिक भास्कर’ ने मेरठ के चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) पीयूष अग्रवाल से बात की। हमने पूछा- ये गड़बड़झाला कहां हुआ होगा? इस पर CA पीयूष कहते हैं- प्रथम दृष्टया इस केस में अधिकतर संभावना यही है कि जिन लोगों को IT के नोटिस आए हैं, उनके आधार कार्ड का मिसयूज हुआ हो। संभव है कि जालसाजों ने आधार कार्ड के रिकॉर्ड में दर्ज मोबाइल नंबर भी बदलवाया हो, क्योंकि GST के OTP उसी नंबर पर आते हैं। एक जनवरी 2021 के बाद से GST नंबर लेने में कई बड़े बदलाव हुए हैं। अब फिजिकल वेरिफिकेशन नहीं होता। इसलिए कई बार इसका मिसयूज भी हो रहा है।

जिन लोगों को नोटिस आए हैं, अब उन्हें कैसे राहत मिल सकती है? इस सवाल का जवाब देते हुए सीए पीयूष अग्रवाल बताते हैं, इनकम टैक्स अब ये जांच करेगा कि इतने करोड़ों रुपए के बिल आखिर किस कम्प्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल से जेनरेट किए गए हैं। अगर इन लोगों का उस लेनदेन से कोई मतलब नहीं है तो ये बात इनकम टैक्स विभाग भी देखेगा। इनके मोबाइल नंबरों की भी पड़ताल करेगा कि आखिर इनसे कोई लेनदेन हुआ था या नहीं। कुल मिलाकर इस केस में जांच लंबी चलेगी, लेकिन आखिर में नोटिस पाने वालों को राहत मिल सकती है। आशंका है कि ये फर्में सिर्फ GST चोरी के लिए खोली गई हों, जबकि धरातल पर इनकी मौजूदगी न हो।

गलत इस्तेमाल होने पर कर सकते हैं शिकायत रिकॉर्ड देखने पर यदि आपको लगता है कि आधार कार्ड का गलत इस्तेमाल किया गया है तो आप तुरंत इसकी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। आप टोल फ्री नंबर 1947 पर कॉल या help@uidai.gov.in पर ईमेल करके शिकायत दर्ज कर सकते हैं या फिर uidai.gov.in/file-complaint लिंक पर ऑनलाइन शिकायत भी कर सकते हैं।

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