रतलाम: ईटावा माताजी ग्राम पंचायत सरपंच उपचुनाव में कुशालसिंह राठौर ने 98 मतों से दर्ज की जीत, केवल एक घंटे में पूरी हुई मतगणना

वंदे भारत न्यूज़, रतलाम। मध्य प्रदेश के रतलाम जनपद अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत ईटावा माताजी में सरपंच पद के लिए आयोजित उपचुनाव की मतगणना शनिवार को संपन्न हो गई। इस उपचुनाव में भाजपा समर्थित प्रत्याशी कुशालसिंह राठौर ने सर्वाधिक 519 मत प्राप्त करके 98 वोटों के अंतर से विजय हासिल की है। मतगणना की पूरी प्रक्रिया रतलाम जनपद कार्यालय में संपन्न हुई, जहां सुबह आठ बजे से शुरू हुआ मतों का गिनने का कार्य महज एक घंटे के भीतर पूरा कर लिया गया। यह उपचुनाव पूर्व सरपंच के निधन के कारण रिक्त हुए पद को भरने के लिए कराया गया था।
रिटर्निंग अधिकारी प्रतिभा भाभर की देखरेख और उपस्थिति में जनपद कार्यालय में मतगणना का कार्य सुचारू रूप से संपन्न हुआ। ग्राम पंचायत ईटावा माताजी में हुए इस उपचुनाव में कुल तीन प्रत्याशी चुनावी मैदान में थे। तीनों उम्मीदवारों के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिला, जिसमें अंततः कुशालसिंह राठौर ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 98 मतों के स्पष्ट अंतर से पराजित किया। जानकारी के अनुसार, गांव में कुल तीन मतदान केंद्र बनाए गए थे। मतगणना प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए तीनों मतदान केंद्रों की इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में डाले गए वोटों की गिनती के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई थीं। इन टीमों ने निर्धारित समय पर अपनी जिम्मेदारी पूरी करते हुए एक घंटे के भीतर ही परिणाम घोषित कर दिए।
इस उपचुनाव में वोटरों ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। ग्राम पंचायत ईटावा माताजी में कुल 1487 मतदाता पंजीकृत थे, जिनमें से 1324 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान करने वालों में 677 पुरुष और 647 महिला मतदाता शामिल रहे। इस प्रकार, ग्राम पंचायत में कुल 89.04 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। यह मतदान प्रतिशत अत्यंत उत्साहवर्धक रहा और विशेष बात यह है कि यह प्रतिशत पूरे प्रदेश में दूसरे नंबर पर रहा, जो ग्रामीण क्षेत्रों में लोकतंत्र के प्रति लोगों की गहरी आस्था और जागरूकता को दर्शाता है।
चुनाव परिणामों के दौरान एक रोचक तथ्य यह भी सामने आया कि छह मतदाताओं ने किसी भी प्रत्याशी को वोट देने के बजाय ‘नोटा’ (इनमें से कोई नहीं) का विकल्प चुना। हालांकि नोटा के वोटों की संख्या बहुत कम रही, लेकिन इससे यह स्पष्ट होता है कि कुछ मतदाता मौजूद उम्मीदवारों से संतुष्ट नहीं थे और उन्होंने अपनी असहमति दर्ज कराने के लिए इस विकल्प का उपयोग किया।
ग्राम पंचायत ईटावा माताजी में यह उपचुनाव इसलिए आवश्यक हो गया था क्योंकि पूर्व सरपंच के निधन के कारण सरपंच का पद रिक्त हो गया था। उनके निधन के बाद पंचायत के प्रशासनिक और विकास कार्यों में बाधा न आए, इसके लिए निर्वाचन आयोग द्वारा उपचुनाव कराए जाने का निर्णय लिया गया। उल्लेखनीय है कि पूर्व में जब इस ग्राम पंचायत में नियमित चुनाव हुए थे, तब सरपंच से लेकर उपसरपंच और पंचों के सभी पदों पर निर्विरोध चुनाव हुआ था। उस समय किसी भी पद के लिए मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ी थी और सभी प्रतिनिधि सर्वसम्मति से चुन लिए गए थे। हालांकि, इस बार पूर्व सरपंच के निधन से रिक्त हुए पद पर तीन प्रत्याशियों ने दावेदारी पेश की, जिसके चलते मतदान और उसके बाद मतगणना की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ी।
मतगणना पूरी होने और विजयी प्रत्याशी की घोषणा के बाद एक प्रशासनिक औपचारिकता अभी शेष है। निर्वाचन नियमों के अनुसार, मतगणना के समय निर्वाचित प्रत्याशी कुशालसिंह राठौर स्वयं उपस्थित नहीं रहे। इस कारण उन्हें आधिकारिक तौर पर निर्वाचन का प्रमाण पत्र अभी प्रदान नहीं किया जा सका है। रिटर्निंग अधिकारी प्रतिभा भाभर द्वारा यह जानकारी दी गई कि प्रमाण पत्र देना फिलहाल शेष है और नियमानुसार विजयी प्रत्याशी को बाद में यह प्रमाण पत्र सौंप दिया जाएगा। प्रमाण पत्र मिलने के बाद ही वे औपचारिक रूप से ग्राम पंचायत ईटावा माताजी के नए सरपंच के तौर पर अपना कार्यभार संभाल सकेंगे और पंचायत के विकास कार्यों की जिम्मेदारी उन पर आएगी।
कुल मिलाकर, रतलाम जनपद के ईटावा माताजी गांव में शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए इस उपचुनाव और तेजी से पूरी हुई मतगणना ने स्थानीय प्रशासन की दक्षता और ग्रामीण मतदाताओं की लोकतांत्रिक भागीदारी दोनों का बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत किया है। 89.04 प्रतिशत का भारी मतदान और एक घंटे में परिणाम आना इस चुनावी प्रक्रिया की सबसे खास बात रही। अब ग्रामवासियों को उम्मीद होगी कि नवनिर्वाचित सरपंच गांव के विकास और जनकल्याण के कार्यों को प्राथमिकता देंगे।




