राजनांदगांव में 36.53 लाख रुपए कीमत का 243.54 किलो गांजा जब्त
राजनांदगांव में 36.53 लाख रुपए कीमत का 243.54 किलो गांजा जब्त किया गया है। पुलिस ने इस मामले में दो अंतरराज्यीय तस्करों को भी गिरफ्तार किया है। जबकि एक आरोपी फरार है। यह मामला डोंगरगढ़ के बोरतलाब थाना क्षेत्र का है।
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दरअसल, पुलिस को सूचना मिली थी कि ओडिशा से गांजे की खेप मध्यप्रदेश जा रही है। एसडीओपी डोंगरगढ़ आशीष कुंजाम के नेतृत्व में बोरतलाव पुलिस की टीम ने कार्रवाई की। पुलिस ने डोंगरगढ़-महाराष्ट्र मार्ग पर बिरे पुलिया, चांद-सूरज मेन रोड और ग्राम बोरतलाव में नाकेबंदी की।
सब्जी की कैरेट के नीचे छिपा था गांजा
टीम को रात में एक संदिग्ध बोलेरो पिकअप (CG-10-BQ-0634) दिखाई दी। पुलिस ने रोकने का इशारा किया तो वाहन में बैठे लोग भागने लगे। दो तस्करों को मौके पर पकड़ लिया गया। एक आरोपी अंधेरे में जंगल की तरफ भाग निकला।
पुलिस ने जब बोलेरो पिकअप की तलाशी ली तो सब्जी की कैरेट के नीचे 8 प्लास्टिक बोरियों में गांजा भरा हुआ मिला। तस्कर इसे मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र ले जाने की योजना बना रहे थे। पुलिस ने गांजे के साथ 5 लाख की बोलेरो पिकअप और 11 हजार रुपए के 4 मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।

आदतन आरोपी हैं दोनों गांजा तस्कर
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार तस्करों की पहचान दिलावर अली (46 वर्ष) और संतोष पाल (36 वर्ष) के रूप में हुई है। दिलावर अली बिलासपुर के थाना सीपत के ग्राम झलमला का निवासी है। वहीं संतोष पाल रायपुर के थाना मंदिर हसौद के ग्राम नक्टा का रहने वाला है।
पकड़े गए दोनों तस्कर आदतन अपराधी हैं। दिलावर अली के खिलाफ हत्या और चोरी के गंभीर मामले दर्ज हैं, जबकि संतोष पाल पहले भी एनडीपीएस एक्ट के तहत बागनदी, मंदिर हसौद और जगदलपुर में पकड़ा जा चुका है।

मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में करते थे गांजा तस्करी
प्रारंभिक पूछताछ में तस्करों ने कबूल किया कि वे ओडिशा से गांजा लाकर मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के अलग-अलग शहरों में सप्लाई करते थे। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और फरार आरोपी की तलाश जारी है। इस मामले में बोरतलाव थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी)(ii)(C) और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग ने कहा कि जिले में नशे के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी कीमत पर तस्करों को नहीं बख्शा जाएगा। यह कार्रवाई पुलिस की सतर्कता और चुस्ती का नतीजा है, जिसने नशे के इस बड़े जखीरे को बाजार में पहुंचने से पहले ही रोक दिया।