सीहोर में आरएमओ की न तो हेल्थ कमिश्नर सुन रहे हैं। न ही सीएमएचओ की बात पर आयुक्त और मंत्री ध्यान दे रहे हैं। इसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट न होने की वजह से आम जन को सोनोग्राफी के लिए इसका शुल्क देना मजबूरी बनी
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जिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट के दो पद हैं, लेकिन कोई भी डॉक्टर यहां ज्वाइन करने नहीं आया है। साल 2019 से रेडियोलॉजिस्ट का पद खाली है।
30 करोड़ रुपए में बने नए भवन में मेटरनिटी और अन्य विभाग तो शिफ्ट हो गए हैं, पर स्वास्थ्य सेवाओं में कोई सुधार नहीं हुआ है।
हालांकि प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षित योजना के तहत महीने में केवल दो दिन (9 और 25 तारीख) गर्भवती महिलाओं की सोनोग्राफी की जाती है। इसके लिए स्त्री रोग विशेषज्ञ को प्रशिक्षण दिया गया है। पुरुष मरीजों की सोनोग्राफी की कोई व्यवस्था नहीं है।
मंडी निवासी खुशाल का कहना है कि उन्होंने हर्निया का ऑपरेशन कराया उसके लिए सोनोग्राफी करनी थी लेकिन मजबूरी में उन्हें बाहर निजी संस्थान पर सोनोग्राफी करना पड़ी।
आरएमओ डॉ. सुधीर श्रीवास्तव ने बताया कि हेल्थ कमिश्नर को कई बार पत्र लिखा जा चुका है, लेकिन कोई रेडियोलॉजिस्ट यहां आने को तैयार नहीं है। सीएमएचओ डॉ. सुधीर कुमार डेहरिया के अनुसार पूरे सीहोर जिले में एक भी रेडियोलॉजिस्ट नहीं है। उन्होंने स्वास्थ्य आयुक्त और मंत्री को भी इस समस्या से अवगत करा दिया है।