देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी की लॉ कोर्सेस की बीए एलएलबी, बीकॉम एलएलबी, बीबीए एलएलबी पांचवें, सातवें व नौवें सेमेस्टर तथा एलएलबी पांचवें सेमेस्टर की परीक्षाएं खत्म हो गई हैं। डीएवीवी के इतिहास में पहली बार रिटायर्ड अफसरों ने स्पेशल ऑब्जर्वर बनकर यह परीक्
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तीन घंटे की परीक्षा के लिए रिटायर्ड सरकारी अफसरों ने चार घंटे का समय परचे के लिए दिया। एक-एक परचे में एक-एक छात्र की औसत तीन बार चेकिंग की गई। यही नहीं परीक्षा के परचे भी सीसीटीवी के सामने इन्हीं ऑब्जर्वर की मौजूदगी में खोले गए। परीक्षा के दौरान हर सेंटर पर कम से कम एक और अधिकतम दो ऑब्जर्वर तैनात रहे।
यूनिवर्सिटी प्रशासन के अनुसार लॉ परीक्षाओं में ऐसा पहली बार हुआ है कि पहले परचे से लेकर अंतिम परचे तक एक भी नकल प्रकरण नहीं बना हो। यूनिवर्सिटी अब यह प्रयोग अन्य एग्जाम में भी करने जा रही है। 17 मार्च से 2 अप्रैल तक हुई परीक्षा में 7 हजार छात्र शामिल हुए। एग्जाम कंट्रोलर डॉ. अशेष तिवारी का कहना है कि यह पहली परीक्षा थी, जिसमें सभी सेंटरों पर रिटायर्ड अफसरों को ऑब्जर्वर बनाकर भेजा गया। सख्ती व प्लानिंग के चलते 1 भी नकल प्रकरण नहीं बना।
मीटिंग व प्लानिंग की • परीक्षा से ठीक 30 मिनट पहले ही ऑब्जर्वर सेंटर पर पहुंचे। पेपर से ठीक 15 मिनट उन्हीं के सामने बंडल खोले गए। • परीक्षा के दौरान ऑब्जर्वर तीन घंटे यहीं रहे। उन्होंने लगातार हर परीक्षा हॉल में पहुंचकर निरीक्षण किया। • परीक्षा से पहले ड्यूटी देने वाले वीक्षकों की मीटिंग लेकर उन्हें नकल से लेकर बाकी जरूरी बिंदुओं पर निर्देश दिए गए। • हर छात्र की औसत तीन बार चेकिंग हुई।
पहली बार कॉलेजों की संख्या 30 के पार खास बात यह है कि डीएवीवी से संबद्धता प्राप्त लॉ कॉलेजों की संख्या पहली बार 30 के पार हो गई है। इस बार 32 कॉलेजों में लॉ कोर्स चल रहा है। 12 हजार से ज्यादा छात्र परीक्षा में शामिल होंगे, जबकि पिछले साल 26 कॉलेजों के 10 हजार लॉ परीक्षार्थी थे। परीक्षा को लेकर यूनिवर्सिटी ने पहली बार नया प्रयोग किया है। इस बार आधे सेंटरों पर रिटायर्ड प्रशासनिक अफसर परीक्षाएं करवाएंगे। इसमें 15 हजार से ज्यादा छात्र शामिल होंगे। डीएवीवी की तैयारी है कि परीक्षा में जो नया प्रयोग हो रहा है, अगर वह पूरी तरह सफल रहा है तो बाकी परीक्षाओं में भी लागू किया जाएगा।