कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी गुरुवार को केरल के वायनाड जिले का दौरा की। इस दौरे के दौरान उन्होंने कई गतिविधियों में भाग लिया, जिसमें एक बेकिंग यूनिट में केक बनाना, स्कूल के छात्रों से मिलकर संवाद करना और आदिवासी संस्कृति का आदर्शन करना शामिल था।
प्रियंका गांधी KINFRA पार्क की एक बेकिंग यूनिट में स्थित कार्यालय में पहुंचीं। इस स्थान पर उन्होंने एक कपकेक बनाने का प्रयास किया। सूत्रों के अनुसार, प्रियंका ने सिर पर एक हेयर नेट पहनकर केक पर आइसिंग करने का कार्य किया। इस दौरान वहां मौजूद शेफ और कर्मचारियों ने उन्हें बेकिंग की विधियों और तकनीकों के बारे में विस्तार से बताया।
बेकिंग गतिविधि के बाद प्रियंका गांधी कल्लूर, नूलपुझा स्थित राजीव गांधी मेमोरियल मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल में पहुंचीं। इस स्कूल में उन्होंने छात्रों के साथ पारंपरिक आदिवासी नृत्य का प्रदर्शन किया। स्कूल के छात्रों ने उनसे कई सवाल पूछे, जिनके उत्तर प्रियंका ने विस्तार से दिए।
एक छात्र के सवाल पर प्रियंका गांधी ने बताया कि उन्होंने बारह साल की उम्र से अपने भाई राहुल गांधी के साथ घर पर ही पढ़ाई की। उनका कहना है कि दादी इंदिरा गांधी की हत्या के बाद उन्होंने स्कूल जाना बंद कर दिया था। उन्होंने कहा, “आपने इंदिरा गांधी के बारे में सुना है? वह मेरी दादी थीं। हम एक ही घर में रहते थे। वहीं उनकी हत्या कर दी गई। इसके बाद मैं स्कूल नहीं गई।” प्रियंका ने यह भी बताया कि वह और राहुल गांधी अकेले घर पर पढ़ते थे और दोनों ज्यादा बाहर नहीं जा सकते थे। उनके ज्यादा दोस्त भी नहीं थे।
प्रियंका ने छात्रों से कहा कि वह बाहर जाने में सक्षम हैं, घूमने में सक्षम हैं और अपनी जिंदगी का आनंद ले पा रही हैं, जो उनके लिए एक अच्छी बात है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि सातवीं कक्षा तक वे एक अच्छी छात्र थीं, लेकिन उसके बाद उनका पढ़ाई में प्रदर्शन कमजोर हो गया था, जिसमें बाद में सुधार हुआ।
छात्रों के सवालों के जवाब में प्रियंका ने अपने पसंदीदा विषय भी साझा किए। उन्होंने कहा कि उन्हें भौतिकी, गणित और जीव विज्ञान पसंद थे। उनका कहना है, “मैं बायोलॉजी में अच्छी थी, लेकिन गणित में नहीं।”
एक छात्र ने प्रियंका से उनके रोल मॉडल के बारे में पूछा। प्रियंका गांधी ने उत्तर में बताया कि उनकी रोल मॉडल वह महिला हैं, जो उनके घर में तब से काम कर रही हैं, जब उनके बच्चे तीन महीने के थे। उन्होंने कहा कि वह महिला मजबूत हैं और कई मुश्किलों के बावजूद उनके घर में दिन-रात काम किया है। वे उनके बच्चों की मां की तरह देखभाल करती हैं और उन्हें प्यार से संवारती हैं।
वायनाड दौरे के दौरान प्रियंका गांधी ने केरल में कांग्रेस नेतृत्व वाली यूडीएफ सरकार की पहलों के तहत वायनाड में आदिवासी यूनिवर्सिटी बनाने की योजना पर भी बात की। उन्होंने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य आदिवासी बच्चों को शिक्षा के अवसर देना और उनकी संस्कृति विरासत को बचाए रखना है। उनका कहना है, “हमारा सपना है कि इस यूनिवर्सिटी में दुनिया में उपलब्ध सबसे अच्छे अवसर मिलें। आप आधुनिक और बेहतरीन माहौल में पढ़ें।”
प्रियंका ने यह भी बताया कि यह एक अनोखी यूनिवर्सिटी होगी, जिसमें आदिवासी समुदायों से भी शिक्षक आएंगे। इससे छात्र अपनी परंपराओं, भाषाओं और संस्कृतियों को समझ सकेंगे और उनका सम्मान भी कर सकेंगे।
प्रियंका गांधी से जुड़ी एक अन्य महत्वपूर्ण खबर के तहत, देशभर के 215 मौजूदा और पूर्व कुलपतियों और शिक्षाविदों ने कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी को चिट्ठी लिखी है। इस चिट्ठी में उन्होंने कहा है कि मतभेद भले हों, लेकिन मजाक न उड़ाया जाए। यह विवाद एंटी पेपर लीक बिल पर लोकसभा में चर्चा के दौरान प्रियंका के बयान पर हुआ था। उन्होंने उस समय कहा था कि सरकार द्वारा बनाई गई नई कमेटी में एक्स-IB चीफ, आईटी कंपनी के मालिक और गोमूत्र के विशेषज्ञ शामिल हैं, और पूछा कि गोमूत्र विशेषज्ञ को शिक्षा के बारे में क्या पता होगा। इस संबंध में आईटी मद्रास के डायरेक्टर प्रो. वी कामकोटि को गोमूत्र विशेषज्ञ कहने के विरोध में यह चिट्ठी लिखी गई है।


















