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पंजाब सरकार के बजट में आंगनवाड़ी वर्करों और हेल्परों की अनदेखी से नाराज मुलाजिमों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए विभिन्न ब्लॉकों में बजट की प्रतियां जलाईं। आंगनवाड़ी मुलाजिम यूनियन पंजाब (सीटू) के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में यूनियन नेताओं ने विभागीय मंत्री डॉक्टर बलजीत कौर के उस बयान की कड़ी निंदा की, जिसमें उन्होंने सदन में आंगनवाड़ी वर्करों के कार्य घंटों को कम करके पेश किया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार ने सत्ता में आने से पहले उनके भत्ते को दोगुना करने का वादा किया था, लेकिन बजट में इस वादे को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। उल्टा, उनकी मेहनत को कमतर आंकते हुए काम के घंटे घटा दिए गए, जो अपमानजनक है। प्रदर्शनकारी नेताओं ने सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि आंगनवाड़ी वर्करों और हेल्परों का काम महज चार घंटे तक सीमित नहीं है।
उन्हें सुबह से लेकर रात तक बाल विकास, सामाजिक सुरक्षा और महिला कल्याण से जुड़ी विभिन्न रिपोर्ट्स तैयार करनी पड़ती हैं। बावजूद इसके, उन्हें सिर्फ चार घंटे की ड्यूटी का वेतन दिया जा रहा है। यूनियन नेताओं ने ऐलान किया कि अब वे सिर्फ चार घंटे ही काम करेंगी और इसके बाद विभाग की कोई भी अतिरिक्त मांग पूरी नहीं करेंगी। आंगनवाड़ी वर्करों का कहना है कि सरकार महिला सशक्तिकरण की बातें तो करती है, लेकिन जो महिलाएं गर्भवती माताओं और बच्चों की देखभाल के साथ-साथ शिक्षिका, ग्राम सेविका और हेल्थ कोऑर्डिनेटर की भूमिका निभा रही हैं, उन्हें उचित मानदेय नहीं मिल रहा।
उन्होंने कहा कि 24 घंटे उपलब्ध रहने वाली आंगनवाड़ी कर्मियों को चार घंटे की ड्यूटी बताना उनका अपमान है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे संघर्ष तेज करेंगी। उन्होंने सरकार से अपील की कि वादे के मुताबिक भत्तों को दोगुना किया जाए और उनके काम की सही कद्र की जाए।