श्योपुर में ऐतिहासिक तीन दिवसीय गणगौर मेला मंगलवार रात से प्रारंभ हो गया। मेले में विभिन्न मोहल्लों से गणगौर सवारियां कचहरी के सामने पहुंचीं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने इन सवारियों के दर्शन किए।
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मेले में पारंपरिक स्वांगों का आयोजन किया गया। एक कलाकार ने दुर्गा मां का स्वांग प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मेले की सुरक्षा व्यवस्था कलेक्टर अर्पित वर्मा और पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन के निर्देशन में की गई।
पूरे मेले में पुलिस बल तैनात रहा। एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदार ने व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभाली। किला मोहल्ला, भूरीपाड़ा, ब्राह्मण पाड़ा, टोडी बाजार, पचरंग पाड़ा और चौपड़ बाजार से पारंपरिक गणगौर सवारियां निकलीं।
आदमकद ईसर-पार्वती की प्रतिमाओं को सुंदर वस्त्रों और आभूषणों से सजाया गया। इन्हें कचहरी चबूतरे पर श्रद्धापूर्वक स्थापित किया गया।
रात भर स्वांग और झांकियां प्रदर्शित की गईं। कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने मेले की शोभा बढ़ाई। यह पारंपरिक मेला स्थानीय सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखने का माध्यम है। यह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना हुआ है।