जमुई में लोक आस्था के महापर्व चैती छठ के तीसरे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। किउल नदी के घाटों पर हजारों श्रद्धालुओं ने डूबते सूर्य को अर्घ दिया। छठव्रती महिलाएं और पुरुष 36 घंटे के निर्जला व्रत के साथ घाटों पर पहुंचे।
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जिला प्रशासन ने घाटों पर विशेष व्यवस्था की थी। सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग की गई। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्राथमिक चिकित्सा दल भी मौजूद रहा। घाटों की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा गया।
पूरे जिले में रहा भक्तिमय माहौल
पीली और लाल साड़ी में सजी महिलाएं छठी मैया के गीत गाती हुई घाटों तक पहुंचीं। परंपरागत रूप से सूप में ठेकुआ, फल और नारियल सजाए गए। पूरे जिले में भक्तिमय माहौल रहा। छठ गीतों की गूंज से वातावरण आध्यात्मिक बन गया।
चार दिवसीय इस पर्व का समापन शुक्रवार को होगा। उगते सूर्य को अर्घ देने के साथ व्रत पूरा होगा। लाखों श्रद्धालु एक बार फिर घाटों पर जुटेंगे। भगवान भास्कर की पूजा के साथ यह पवित्र पर्व संपन्न होगा। लोगों के मन में श्रद्धा और आस्था की यह गूंज लंबे समय तक बनी रहेगी।