समाजवादी पार्टी को नहीं है आजमगढ़ पुलिस पर भरोसा।
आजमगढ़ जिले के धर्म थाने में पुलिस कस्टडी में दलित युवक की मौत के मामले को लेकर जहां एक दिन पूर्व समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल मृतक के परिजनों से मिला था।
.
आजमगढ के तरवां थाना क्षेत्र में पुलिस कस्टडी में दलित युवक की मौत के बाद देर रात परिजनों से मिला सपा का प्रतिनिधिमंडल।
इसके साथ ही सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मृतक के पिता से बात भी कराई गई थी। इसी मामले को लेकर समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल आज जिले के डीएम नवनीत सिंह चहल और एसपी हेमराज मीना से मिलकर इस पूरे मामले की सीआईडी से जांच करने को लेकर शासन को पत्र लिखने के लिए कहा है।
समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष हवलदार यादव का कहना है कि हम लोग इस घटना को लेकर परिजनों से मिले हैं। इस घटना को लेकर जो पुलिस बता रही है वह सही नहीं है इस घटना का कारण कोई और है। पुलिस इस पूरे मामले को छुपा रही है। और अपने बचाव के लिए यह पूरा खड्यंत्र रचा जा रहा है।

सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने एक दिन पूर्व की थी मृतक के पिता से बात।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मृतक के पिता से बात कर इस बात का भरोसा जाता है कि समाजवादी पार्टी आपके साथ खड़ी है। और न्याय के लिए सड़क से लेकर सदन तक की लड़ाई लड़ेगी। समाजवादी पार्टी के नेताओं का कहना है कि पुलिस की प्रधान से युवक की मौत हुई है। इन्हीं बातों को लेकर आज जिले के अधिकारियों से मुलाकात की गई है।

आजमगढ़ डीएम से मिलकर बाहर आता सपा का प्रतिनिधिमंडल।
जिले की पुलिस पर नहीं है भरोसा
इस बारे में दैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए सपा जिलाध्यक्ष हवलदार यादव का कहना है कि जिले के पुलिस जांच में इस पूरी घटना में लीपा पोती कर सकती है। ऐसे में हमें जिले की पुलिस पर भरोसा नहीं है। इस पूरी घटना की सीआईडी जांच कराए जाने की मांग की गई है। पुलिस के कारण ही यह घटना घटी है।

एक दिन पूर्व परिजनों से मिलने पहुंचा था सपा का प्रतिनिधिमंडल।
एक दिन पूर्व हुई थी पुलिस कस्टडी में मौत
आजमगढ़ जिले के तरवा थाने में एक दिन बर दलित युवक सनी कुमार की पुलिस कस्टडी में मौत हुई थी। जहां इस मामले में पुलिस का कहना है कि युवक ने टॉयलेट में फंदा लगाकर जान दे दी थी। वहीं परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने जान बूझकर इस घटना को अंजाम दिया।
ऐसे में जहां परिजनों की तहरीर पर थाना प्रभारी सहित बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं इस मामले में पुलिस कर्मियों की तहरीर पर भी 14 नामजद सहित 40 आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।