दादरी में बैठक करते जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी नवीन नारा व अन्य।
चरखी दादरी सहित प्रदेश के राजकीय स्कूलों में छात्र संख्या लगातार घटती जा रही है। जो विभाग व अध्यापकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की दक्षता बढ़ाने पर फोकस किया है। ताकि श
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इस दौरान दिसंबर माह में हुई मेगा मॉनिटरिंग के आधार पर छात्रों की विभिन्न दक्षताओं का मूल्यांकन किया गया। बैठक में इस बात पर विशेष चर्चा हुई कि छात्रों के अधिगम स्तर को बेहतर बनाने के लिए कौन-सी रणनीतियां अपनाई जाएं। मेंटरों के साथ विचार-विमर्श कर यह निर्णय लिया गया कि शिक्षण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा, ताकि प्रत्येक छात्र को आवश्यक दक्षताओं में प्रगति करने का अवसर मिले।
शिक्षा विभाग की बैठक में पहुंचे अधिकारी व अन्य।
नामांकन बढ़ाने पर विशेष जोर जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी नवीन नारा ने बैठक में कहा कि जिले के प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय में बालवाटिका कक्षाओं में कम से कम 20 छात्रों का नामांकन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि कक्षा छठी और नौवीं में नामांकन बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं, ताकि अधिक से अधिक बच्चे राजकीय स्कूलों से जुड़ सकें।उन्होंने कहा कि दैनिक आधार पर दाखिला अभियान कि मॉनिटरिंग की जाएगी। कार्यों की समीक्षा की बैठक में निपुण हरियाणा मिशन के अंतर्गत चल रहे कार्यों की समीक्षा भी की गई। निपुण राज्य टीम से जतिन इस बैठक में उपस्थित रहे, जिन्होंने विभिन्न शैक्षिक पहलों और दक्षता-आधारित शिक्षण पर अपने विचार साझा किए। साथ ही एफएलएन जिला कोऑर्डिनेटर संदीप कुमार ने बैठक में मौलिक साक्षरता और संख्यात्मक के तहत जिले में चल रही गतिविधियों की जानकारी दी। सभी मिलकर करेंगे सुधार बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि शिक्षक,मेंटॉर और प्रशासन के समन्वित प्रयासों से छात्रों की दक्षताओं को और बेहतर किया जाएगा। नियमित मूल्यांकन, पाठ्य सहगामी गतिविधियों और अभिनव शिक्षण तकनीकों के माध्यम से बच्चों को सशक्त बनाने के लिए कार्य किया जाएगा।