सीहोर में गांधी जयंती पर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने हाथों में झाड़ू थामकर चलाया स्वच्छता अभियान, खिलाड़ियों ने निकाली जागरूकता रैली

मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर गुरुवार को शहर भर में अनेक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ ही शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने का संदेश देने के उद्देश्य से एक व्यापक साफ-सफाई अभियान भी चलाया गया। इस अभियान में जनप्रतिनिधियों, नगर पालिका के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ ही भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सभी ने मिलकर न केवल गांधीजी के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया, बल्कि स्वच्छ भारत अभियान को सफल बनाने के लिए आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की।
गांधी पार्क में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह
गुरुवार सुबह सबसे पहले सीहोर के प्रमुख गांधी पार्क में एक श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, नगर पालिका परिषद के अधिकारियों और कर्मचारियों तथा भाजपा कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। उपस्थित सभी लोगों ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने गांधीजी के जीवन दर्शन से प्रेरणा लेते हुए सत्य, अहिंसा, सेवा और राष्ट्रहित के रास्ते पर निरंतर चलने का दृढ़ संकल्प लिया। श्रद्धांजलि सभा का वातावरण पूरी तरह से देशभक्ति और गांधीजी के सिद्धांतों के प्रति सम्मान से ओतप्रोत था। जनप्रतिनिधियों ने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय में गांधीजी के विचारों को आत्मसात करना पहले से कहीं अधिक आवश्यक हो गया है।
हाथों में झाड़ू लेकर दिया स्वच्छता का संदेश
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के समापन के तुरंत बाद शहर को स्वच्छ रखने के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से एक विशेष साफ-सफाई अभियान शुरू किया गया। यह अभियान गांधी पार्क और उसके आसपास के इलाकों में चलाया गया। इस अभियान की सबसे खास बात यह रही कि जनप्रतिनिधियों और नगर पालिका के अधिकारियों ने खुद अपने हाथों में झाड़ू थामी और सड़कों की सफाई में जुट गए। उन्होंने कर्मचारियों के साथ मिलकर सड़कों पर बिखरे कचरे को साफ किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य आम जनता को यह संदेश देना था कि स्वच्छता केवल सरकारी कर्मचारियों या सफाई कर्मियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक का कर्तव्य है।
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने सफाई करते हुए वहां मौजूद आम नागरिकों, दुकानदारों और राहगीरों से भी अपने आसपास के क्षेत्रों को साफ-सुथरा रखने की अपील की। उन्होंने लोगों से कहा कि वे अपने घरों और दुकानों के बाहर कचरा न फैलाएं और कूड़ेदान का नियमित उपयोग करें। इसके साथ ही सभी से स्वच्छ भारत अभियान में अपना पूर्ण और सक्रिय सहयोग प्रदान करने का आग्रह किया गया ताकि सीहोर शहर को एक आदर्श और स्वच्छ शहर के रूप में स्थापित किया जा सके।
आवासीय खेलकूद संस्थान के खिलाड़ियों ने निकाली जागरूकता रैली
गांधी जयंती के इस पावन अवसर पर सीहोर के आवासीय खेलकूद संस्थान के विद्यार्थियों और खिलाड़ियों ने भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संस्थान के बच्चों और युवा खिलाड़ियों ने शहर में एक भव्य जागरूकता रैली का आयोजन किया। यह रैली आवासीय खेलकूद संस्थान से शुरू होकर सीहोर शहर के सभी प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। रैली में शामिल बच्चों और युवाओं ने अपने हाथों में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा और स्वच्छता तथा जागरूकता से जुड़ी तख्तियां धारण की हुई थीं।
रैली के दौरान युवा खिलाड़ियों ने जोर-जोर से देशभक्ति और स्वच्छता के नारे लगाए, जिससे पूरे शहर में ऊर्जा और उत्साह का माहौल बन गया। इन नारों का उद्देश्य आम जनता को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना और गांधीजी के स्वच्छ भारत के सपने को साकार करने के लिए प्रेरित करना था। शहरवासियों ने सड़कों के किनारे खड़े होकर इस रैली का स्वागत किया और बच्चों के उत्साह की सराहना की। खिलाड़ियों द्वारा निकाली गई यह रैली गांधी जयंती के कार्यक्रमों में एक विशेष आकर्षण का केंद्र रही।
समाजसेवा और राष्ट्रहित का संकल्प
गांधी जयंती पर आयोजित इन सभी कार्यक्रमों के समापन के अवसर पर वहां उपस्थित सभी लोगों ने सामूहिक रूप से एक महत्वपूर्ण संकल्प लिया। जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, भाजपा कार्यकर्ताओं, खिलाड़ियों और आम नागरिकों ने यह प्रतिज्ञा की कि वे समाजसेवा, स्वच्छता और राष्ट्रहित से जुड़े कार्यों में केवल आज ही नहीं, बल्कि आगे भी लगातार और निरंतर अपनी सक्रिय भागीदारी निभाते रहेंगे। उन्होंने यह माना कि महात्मा गांधी के सिद्धांतों को अपने दैनिक जीवन में उतारना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। सीहोर में आयोजित यह संपूर्ण कार्यक्रम स्वच्छता, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम की एक बेहतरीन मिसाल साबित हुआ, जिसने पूरे शहर को एक सूत्र में बांधने का कार्य किया।




