सोनीपत में इन दिनों डिप्टी सीएमओ के पद पर आशा सहरावत तैनात हैं
सोनीपत के खरखौदा नागरिक अस्पताल में तत्कालीन एसएमओ डॉ. आशा सहरावत के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन के मामले में हरियाणा राज्य महिला आयोग ने संज्ञान लिया है। आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया ने अतिरिक्त मुख्य सचिव को मामले की गहन जांच के आदेश दिए हैं। रेनू भाटि
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क्या था मामला 11 जुलाई को डॉ. सतपाल खरखौदा के नागरिक अस्पताल में एसएमओ के पद पर स्थानांतरित होकर आए थे। 13 जुलाई 2014 को डॉ. आशा सहरावत को भी एसएमओ के पद पर पदोन्नत किया गया था। एक उपमंडल में अस्पताल में दो एसएमओ के पद होते हैं।
पदोन्नति से पहले, डॉ. आशा सहरावत ने नागरिक अस्पताल में लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने शुरू किए थे, जिससे नाराज होकर कर्मचारी और अधिकारी उनके खिलाफ हो गए थे। कर्मचारी आशा सहरावत का तबादला चाहते थे और उनकी जगह किसी अन्य अधिकारी को नियुक्त करवाना चाहते थे।
आशा सहरावत के खिलाफ जब प्रदर्शन किया गया था
पदोन्नति के बाद, उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया गया, जिसके चलते 16 जुलाई 2024 को खरखौदा सिविल अस्पताल में कर्मचारी और अधिकारी डॉ. आशा सहरावत के खिलाफ धरने पर बैठ गए। डॉ. आशा सहरावत और डॉ. सतपाल के बीच आपसी विवाद हो गया था, जिसके चलते दोनों पक्षों में खींचतान हुई और नागरिक अस्पताल में लंबे समय तक प्रदर्शन हुआ।
जब डॉ. आशा सहरावत ने अस्पताल में लापरवाह कर्मचारियों पर सख्ती दिखानी शुरू की, तो वे उनके खिलाफ एकजुट हो गए। यह धरना 21 दिनों तक चला था। तत्कालीन सीएमओ ने मामले को सुलझाने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद, उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई। सरकार ने कार्रवाई करते हुए चिकित्सकों, हेल्थ कर्मियों और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का खरखौदा के सरकारी अस्पताल से तबादला कर दिया।
महिला आयोग की सुनवाई डॉ. आशा सहरावत ने खरखौदा में धरने और मानहानि के मामले में हरियाणा राज्य महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसकी शुक्रवार को सुनवाई हुई। आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी पक्ष के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और निष्पक्ष जांच के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
महिला आयोग अध्यक्ष रेनू भाटिया का बयान
रेनू भाटिया ने बताया कि मामले में सोनीपत के सीएमओ को भी बुलाया गया था। उन्होंने कहा कि उस दौरान कोई धरना प्रदर्शन नहीं हुआ था। रेनू भाटिया ने कहा है कि मौजूदा सीएमओ कर्मचारियों को बचाने की कोशिश कर रही हैं। इसलिए, अब जांच एसीएस हेल्थ को भेजी गई है।