जिस प्रकार 1992 में धनंजय नाथ तिवारी ने पहली नागपुरी फिल्म ‘सोना कर नागपुर’ बनाई थी, उसी तरह डॉ. विजय प्रकाश ने झारखंड का पहला डिजिटल सिनेमा ‘हामर झारखंड’ 26 मार्च, 2004 को बनाकर नागपुरी सिनेमा की दिशा बदल दी। क्योंकि, अब 30-40 लाख रुपए की लागत के बज
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मैनेजमेंट कॉलेज में प्रोफेसर हैं, अब तीसरी फिल्म बना रहे हैं : वर्तमान में डॉ. विजय प्रकाश जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट में मार्केटिंग प्रोफेसर हैं। आईआईएम रांची में विजिटिंग फैकल्टी भी हैं। भारत और विदेशों में मार्केटिंग गुरु के रूप में जाने जाते हैं। उनकी पुस्तक ‘मार्केटिंग मैनेजमेंट : एन इंडियन पर्सपेक्टिव’ पाठ्यपुस्तक के रूप में अनुशंसित है। वे अगली फिल्म ‘बीर : आज कर बिरसा’ नाम से बना रहे हैं। फिल्म की शूटिंग पूरी हो चुकी है और मई 2025 में रिलीज होगी। इसमें पद्मश्री मुकुंद नायक, पद्मश्री मधु मंसूरी, कवि राम उचित सिंह, विजय प्रकाश, चांदनी बड़ाईक, मज़बूल खान, संगीता, दीपक चौधरी, मनीष बरवार, अनिल सिकदार, राजीव सिन्हा, नदीम, शशिकला पुराणिक आदि मुख्य भूमिकाएं निभा रहे हैं।
डॉ. विजय प्रकाश को बचपन से ही सिनेमा से लगाव था। रांची के संत जेवियर्स कॉलेज से स्नातक के बाद पुणे के सिम्बायोसिस से एमबीए किया। झॉलीवुड की यात्रा 2003 में नागपुरी वीडियो एलबम ‘सोनी, आई लव यू’ से शुरू हुई। इसके सुपरहिट होने से नागपुरी फिल्म बनाने का सपना देखा, लेकिन फिल्म निर्माण की ऊंची लागत उनके लिए एक बड़ी चुनौती थी। उन्होंने उपहार सिनेमा में वर्ल्ड कप क्रिकेट फाइनल बड़े पर्दे पर देखा। प्रोजेक्टर रूम गए तो पाया कि छोटे डिजिटल प्रोजेक्टर मैच को बड़े पर्दे पर दिखा रहा था। सोचा कि अगर डिजिटल कैमरे से फिल्म बने तो सीमित बजट में बना सकते हैं। उन्होंने डिजिटल वीडियो कैमरा की मदद से फिल्म निर्माण शुरू किया। सेंसर बोर्ड से वीडियो फॉर्मेट में ‘V/U’ सर्टिफिकेट मिलने पर कोई हॉल इसे रिलीज को तैयार नहीं हुआ। काफी मनाने पर उपहार सिनेमा के लाल साहब ने इसे लगाया। 1050 सीटों वाले इस सिनेमा हॉल में ‘हामर झारखंड’ ने इतिहास रच दिया और 3 हफ्तों तक फिल्म हाउसफुल चली। फिल्म को गुमला, लोहरदगा, बुंडू और झारखंड के अन्य इलाकों के साथ बंगाल व असम में भी रिलीज की गई। फिर इसी फॉर्मेट में फिल्में बनने लगीं।